WEB SERVER TYPES IN HINDI – WEB SERVER क्या है?

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WEB SERVER TYPES IN HINDI – WEB SERVER क्या है?

हेल्लो दोस्तों नमस्कार। आपलोग कैसे है? आज मै आपलोग के लिए एक नया टॉपिक ले कर आया हूँ। जिसमे Web Server Types के बारे में बात करने वाला हूँ। इस ब्लॉग में हमलोग web server क्या होता है? web server किस तरह से काम करता है? ये सब कुछ के बारे में जानेगे। इसके क्या उपयोग है हमारे दैनिक जीवन में।

आज के इन्टरनेट की दुनिया में इसका काफी महत्व है। क्योकि इसके बिना हमलोग internet पर कुछ भी काम नहीं कर पाएंगे। तो चलिए आगे बढ़ते है और web server के बारे में डिटेल में जानने की कोशिस करते है

WEB SERVER क्या है – WHAT IS WEB SERVER IN HINDI

web server दो शब्दों के मेल से बना है। Web और Server मिलकर web server बने है। इसमें सबसे पहले web के बारे में जानते है। 

वेब एक इनफार्मेशन सिस्टम होता है। जहा पर सारे फाइल्स और वेब रिसोर्स को URL के द्वारा पहचाना जाता है। वेब को ही हमलोग WWW के नाम से भी जानते है। अब Server के बारे में जानते है।

Server का बेसिक अर्थ होता है serve करना। तो इस तरह से अगर वेब सर्वर को मिलते है। तो इसका मतलब होता है internet की सारे डाटा को serve करना।

Web server दो चीजों को मिला कर बनाया गया है:

1. Hardware

2. Software

हमलोग जो कुछ भी internet पर देखते है वो इसी hardware और software की मदद से देख पाते है। हमारा कोई भी वेब पेज इसी वेब server पर होता है।

जैसे इसको एक example से समझते है।

जब हमलोग कोई काम online करते है जैसे की कोई form fill करते है। और उस टाइम किसी कारण से fill नहीं हो पाता है। तो ऐसे में हमलोग बोलते है की server down हो गए है। तो ऐसे में उस server पर लोड ज्यादा बढ़ जाते है।

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मतलब की एक समय पर ज्यादा लोग उस server का use करते है। जिससे वेबसाइट सही से काम नहीं कर पाता है। और server down हो जाता है।

web server types

Image of Web server types in Hindi

WEB SERVER TYPES IN HINDI

Web Server मुख्या रूप से चार तरह के होते है जो निम्न है:

  1. Apache web server
  2. iis web server
  3. NGINX web server
  4. light speed web server

 APACHE 

ये काफी प्रचलित वेब server है जिसको apache foundation वालो ने बनाया था। ये पूरी दुनिया में काफी famous server में से एक है। ये एक open source server है। जो की हरेक ऑपरेटिंग सिस्टम में काम करता है। जैसे की windows, Linux, MAC इत्यादि।

60 प्रतिशत server apache पर ही काम करता है। इसको अपने हिसाब से change किया जा सकता है। क्योकि इसमें modular size काम आता है। जिससे हमें एक फायदा होता है की अपने हिसाब से नए module को add कर सकते है। और अपने तरीके से काम में ला सकते है।

ये बाकी सभी तरह के server से काम करने में काफी flexible होता है। इसमें नए नए update आते रहता है जिससे इसका use करना और भी आसान हो जाता है।

IIS 

ये माइक्रोसॉफ्ट का प्रोडक्ट है। ये भी same apache server की तरह ही काम करता है। क्योकि वो सारे आप्शन होते है जो apache में भी होते है। लेकिन ये open source नहीं होता है और न ही इसमें कोई module को ऐड कर सकते है।

जब module ऐड नहीं कर सकते  है तो इसमें हम अपने से कुछ बदलाव भी नहीं कर पाते है। क्योकि ये करना काफी कठिन है।

उपर जैसे की मैंने बताया की इसको Microsoft ने बनाया है। जिसके कारण ये Microsoft के लगभग सारे ऑपरेटिंग सिस्टम के उपर काम करता है। इसमें काफी अच्छा कस्टमर सपोर्ट भी हमें मिलता है। जिससे हमें कोई परेशानी हो तो उसको आसानी से ठीक किया जा सके।

हमलोग पढ़ रहे है web server क्या है और web server types in Hindi

NGINX 

ये भी open source server होता है। जो की apache की तरह काम करता है। ये server आज के टाइम में

काफी प्रचलित server है। जिसके कारण ये वर्ल्ड में 7.5% डोमेन की hosting ये अकेले हैंडल करता है। जिसके वजह से hosting कंपनियां इस server को ज्यादा प्रेफर करती है।

 LIGHT SPEED 

जैसा की इसके नाम से ही लग रहा है की ये काफी fast server होगा। ये काफी high performance server होता है। जिसके वजह से इसका use काफी किया जाता है। साथ ही ये दुनिया में चौथा ऐसा server है जो काफी popular है। इसको कमर्शियल तौर पर भी use किया जाता है।

WEB SERVER के कार्य

जब भी हमलोग कोई फाइल्स या डाक्यूमेंट्स या मूवीज internet पर देखना चाहते है। तो ऐसे में हमलोग उस file को internet पर search करते है। जब search किया जाता है तो उस समय वेबसाइट पर रिक्वेस्ट send होता है।

और वो रिक्वेस्ट सीधा वेब server पर store फाइल्स के पास जाता है। जिससे हमें वो फाइल्स या डॉक्यूमेंट मिल पाता है। ये सब काफी तेजी से होता है 1 से 2 सेकंड के अंदर या इससे भी काम समय में। जैसे की आजकल जब भी हमें कोई video देखना होता है तो हमलोग YouTube पर जाते है।

फिर उसपर search करते है जो सीधा YouTube के server पर जाता है। और हम उस video को काफी आसानी से देख पाते है। कभी कभी हमें error भी देखने को मिलता है। जैसे की server error या server down इसका मतलब है उस समय पर server बंद है। या फिर मेंटेनेंस के कारण भी ऐसा हमें देखने को मिलता है। आपने देखा होगा को कभी कभी मेंटेनेंस के कारण साईट down है ऐसा error आता है।

जब हमलोग कोई वेबसाइट ओपन करते है तो कोई यूआरएल टाइप करते है। जैसे की www.technogyan.in ये यूआरएल IP Address में DNS की मदद से change हो जाता है। और फिर वो IP की मदद से वेब सर्वर को रिक्वेस्ट भेजता है। जिससे हम उस वेबसाइट के webpages को देख पाते है। सभी वेबसाइट का IP address अलग अलग होते है।

ये भी जाने:

CONCLUSION

वेब सर्वर क्या है ? वेब सर्वर टाइप्स कौन कौन से होते है? इस ब्लॉग में आपलोग ने इसके बारे में सिखा। जिसमे मै लगभग सबकुछ बताने की कोशिस किया है। इसमें आपलोग ने ये भी सिखा की वेब सर्वर किस तरह से काम करता है? अगर आपलोग का और कोई सवाल है तो आपलोग हमे कमेंट कर सकते है।

आप मुझे mail कर के पूछ सकते है। आपलोग का कोई सुझाव है तो हमें जरुर बताये उसको मै जरुर अपने साईट पर शेयर करूँगा। जिससे और भी लोग तक आपकी बात जा सके।

 

 

 

UPI KYA HAI ? UPI का इस्तेमाल कैसे करते है जाने हिंदी में

upi kya hai

UPI KYA HAI और इसका USE कैसे करते है?

हेल्लो दोस्तों आपलोग को मेरे नए ब्लॉग में स्वागत है। जिसमे में UPI KYA HAI और इसका use कैसे करते है? इसके बारे में जानेगे। जो की आपलोग के लिए काफी useful होने वाला है। तो आपलोग हमारे साथ बने रहे। और नए नए Tips और Tricks सीखते रहे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी ने जब से नोट बंदी किये है। तब से इस UPI का use आपलोग ने सबसे ज्यादा सुना होगा। और काफी लोग use करते भी होंगे। और ये नोट बंदी के कारण हमारे देश में online payment करने का speed और भी तेज हो गया है। जिसे हम digital payment भी कहते है।

आजकल हम अपने घर में बैठे हुए काफी आसानी से transactions कर सकते है। वो भी काफी सुरक्षित रूप में। और ये सब UPI के जरिये पॉसिबल हो पाता है।

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WHAT IS UPI – UPI KYA HAI? | UPI MEANING IN HINDI

UPI का full form – Unified Payment Interface होता है। ये एक ऐसे तरीका है जिसके मदद से हम कभी भी कही से किसी के अकाउंट में पैसा ट्रान्सफर कर सकते है। वो भी पूरा प्रोटेक्शन के साथ। इसके जरिये किसी भी तरह का payment किया जा सकता है। जैसे online कुछ लेना हो या मार्किट में कुछ लेना हो या taxi का किराया सबकुछ इसके हेल्प से किया जा सकता है।

किसी भी तरह के online रिचार्ज करना हो वो भी इसके हेल्प से किया जा सकता है। इसके आ जाने से काफी कुछ easy हो गया है। आपको काश लेकर चलने की जरुरत नहीं पड़ती है। क्योकि आजकल स्ट्रीट वाले भी UPI के जरिये payment receive करने शुरू कर दिए है।

इस UPI को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम(NPCI) ने शुरू किया था। ये एक ऐसे app है जो हमें मोबाइल के माध्यम से दो बैंक एकाउंट्स के बीच पैसे ट्रान्सफर करने में हेल्प करता है, वो भी काफी आसानी से।

जैसे की हमलोग sbi के एटीएम से किसी और के बैंक एटीएम में जाकर पैसे निकल सकते है। वैसे ही upi के साथ भी होता है। इसमें भी अलग अलग बैंक अकाउंट के साथ काफी easy way में पैसा ट्रान्सफर किया जा सकता है। जिसका ध्यान NPCI रखता है।

इस upi का एक बेनिफिट भी है। इसके मदद से हम एक ही मोबाइल app से कई बैंक्स के एकाउंट्स को ऐड कर सकते है। बैंक खाते की तरह ही ये UPI code सभी के अलग अलग रहते है। आपने सिखा की UPI KYA HAI?

HOW TO USE UPI – UPI कैसे USE करते है?

how to work upi
Image of upi kya hai

UPI का इस्तेमाल मोबाइल app के जरिये होता है। जिसको शुरू करने के लिए निम्न चीजो की जरुरत पड़ती है:

  • बैंक अकाउंट
  • Smartphone जिसमे इन्टनेट हो
  • Smartphone का नंबर बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए
  • ATM card होना चाहिए
  • मोबाइल में एक UPI app होना चाहिए

उपर दिए गए सारे चीज है तो इसका मतलब है आप UPI अकाउंट बना सकते है। अब हमें UPI रजिस्ट्रेशन करना होगा। जिसका process निचे दिया जा रहा है जो सभी तरह के UPI apps के लिए है।

UPI रजिस्ट्रेशन कैसे करे?

how to register upi in mobile
Image of upi kya hai
  • पहले अपने मोबाइल में कोई भी UPI से रिलेटेड app डाउनलोड करे। जैसे Google Pay, पे फ़ोन इत्यादि।
  • अब इस app को मोबाइल में इनस्टॉल करे और अपना मोबाइल नंबर जोड़े।
  • ध्यान रहे जो अकाउंट में नंबर ऐड हो वो same सिम उस मोबाइल में होना चाहिए।
  • अगर एक से ज्यादा अकाउंट एक नंबर से ऐड है तो अपने अकाउंट को select कर ले।
  • अब अपने 4 नंबर का MPIN generate कर ले। जिसका use हर बार लॉग इन करने में होगा।
  • इस तरह से हमारा UPI मोबाइल में कॉन्फ़िगर हो चूका है।

UPI के खास FEATURES के बारे में जाने 

  • इस्तेमाल करने में काफी यूजर फ्रेंडली है। इसके लिए कोई तकनिकी ज्ञान की जरुरत नहीं है।
  • काफी सुरक्षित और फ़ास्ट काम करता है।
  • इसके जरिये सभी बैंक में पैसा को ट्रान्सफर किया जा सकता है।
  • इसमें 24*7 पैसा ट्रान्सफर करने की सुविधा है।
  • एक vertual ID से पैसे ट्रान्सफर हो जाते है। बार बार अकाउंट के डिटेल्स लेने की जरुरत नहीं पड़ती है।
  • पैसा भेजने के लिए सामने वाले को रिक्वेस्ट भी कर सकते है।
  • कस्टमर service की सुविधा same app में मिल जाती है।

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  2. किसी भी बड़े file को email कैसे करे?
  3. इन्टरनेट क्या है?
  4. Jio नंबर की कॉल डिटेल्स कैसे निकाले?
  5. Keylogger क्या है जानिए डिटेल में?

ADVANTAGE OF UPI – UPI के ADVANTAGE

  • OTP generate कर सकते है।
  • जब चाहे पिन को बदल सकते है।
  • बैंक डिटेल्स को जोड़ना और हटाना।
  • कभी भी पैसा को ट्रान्सफर करना।
  • किसी भी तरह के बिल का payment आसानी से करना।
  • जब चाहे बैलेंस की जानकारी लेना।
  • पैसे के लिए रिक्वेस्ट send करना।
  • पैसे के लें दें को जब चाहे देखना।
  • QR Code को generate करना।
  • किसी भी तरह के कस्टमर सर्विस की जानकारी प्राप्त करना।

कुछ बेस्ट UPI APP का नाम 

1.BHIM UPI 2.PhonePe 3.SBI Pay 4.HDFC Bank Mobile Banking 5.ICICI Pockets 6. Axis Pay 7.Union Bank UPI App 8. PNB UPI 9.eMpower Canara Bank UPI 10. UCO UPI 11.Vijaya UPI 12.OBC UPI 13.Paytm App 14.Baroda MPay 15.MAHAUPI 16.KayPay 17.Yes Pay

आप पढ़ रहे है UPI KYA HAI?

UPI से RELATED FAQs

UPI फ्री हैं?

हां ये फ्री है। ज्यादा जानकारी के लिए बैंक से पूछ सकते है।

UPI के लिए किस एप्लीकेशन का इस्तेमाल करे?

ये बात use करने वाला कस्टमर पर करता है की उसको किस बैंक के साथ लिंक करना है।

कौन कौन से popular UPI है?

इसमें सबसे पहले नाम आता है BHIM UPI का। फिर उसके बाद बैंक द्वारा दिया गया app को use कर सकते है।

UPI कहा से डाउनलोड करे?

इसको एंड्राइड के play store या iPhone लिए Apple app store से डाउनलोड किया जा सकता है। या रिलेटेड बैंक की वेबसाइट से भी app को डाउनलोड कर सकते है। window के लिए microsoft के store से कर सकते है।

क्या इस app को एक से ज्यादा use किया जा सकता है?

तो इसका answer है yes आप इसको एक से ज्यादा use कर सकते है।

अलग अलग बैंक के लिए अलग अलग app का use करना होगा?

UPI में यही खास बात है की अलग अलग बैंक में एक ही app से हम काफी आसानी से पैसो का लेन देन कर सकते है।

UPI कोई भी use कर सकता है?

जिसके पास अपना बैंक अकाउंट है और smartphone use करता हो वो इसको use कर सकता है।

UPI का इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है?

सभी सुरक्षा मानको को ध्यान में रख कर इसको बनाया गया है। जिसमे सभी बैंक और इंडियन गवर्नमेंट इसको develop करने में जिम्मेदार है। जिस कारण ये काफी तेज और सुरक्षित है।

UPI से रिलेटेड complain कहा करे?

इसके लिए हमलोग बैंक या UPI app के हेल्पलाइन नंबर में complain कर सकते है।

CONCLUSION

UPI KYA HAI? HOW TO USE UPI? UPI MEANING IN HINDI इसके बारे में आपने इस ब्लॉग में पढ़ा। जिसमे मैंने बताने की कोशिस किया है की इसको कैसे डाउनलोड करते है? इसका मोबाइल में किस तरह से use करते है? और इससे रिलेटेड FAQ को भी बताने की कोशिस किया हूँ। जो आपलोग के लिए काफी useful होने वाला है।

तो अगर आपलोग को ये ब्लॉग अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे। जिससे जो लोग आज भी इस चीज से दूर है वो जागरूक हो। और अपने को digital india से जोड़ कर अपने आप को और भी तेज बना सके। और अगर आपलोग को इससे से रिलेटेड कोई सवाल है तो आप हमसे पूछ सकते है।

आप हमें कमेंट या mail के जरिये जुड़ सकते है। 

धन्यवाद्!!

LAPTOP OVERHEAITNG ISSUE को कैसे सही करे | बेस्ट तरीका जाने

fix overheating

हेल्लो दोस्तों कैसे है ? आपलोगों को नमस्कार। आज हमलोग laptop overheating issue को repair कैसे करते है इसके बारे में सीखेंगे। आपलोग लैपटॉप use करते होंगे। तो आपको पता होगा की हमारा लैपटॉप कभी कभी ज्यादा overheat या जरुरत से ज्यादा गरम हो जाता है।

तो आज का मेरा टॉपिक इसी के उपर होने वाला है। जिसमे मै आपलोग को काफी डिटेल्स में बताने वाला हूँ। की जब new laptop overheat होने लगता है तो उसको कैसे रिपेयर करते है। ये प्रॉब्लम maximum user के साथ होते है। जिनका लैपटॉप ज्यादा heat के वजह से बंद होने लगते है या रीस्टार्ट का प्रॉब्लम देने लगते है।

LAPTOP के ज्यादा गरम होने पर उसे कैसे REPAIR करे – HOW TO REPAIR LAPTOP OVERHEATING ISSUE IN HINDI

मै आपलोग को इस पोस्ट में कुछ tips देने वाला हूँ। जिससे आपके laptop overheating का प्रॉब्लम देना बंद कर देंगे। मै इसको solve करने के तरीके बताऊंगा। अगर आप भी ऐसे प्रॉब्लम से परेशान है तो ये ब्लॉग पोस्ट आपके लिए सही होने वाला है। आप हमारे साथ बने रहे और नए नए जानकारी से अपने knowledge को बढ़ाये।

laptop overheating से बचने के लिए हमें सबसे पहले ये पता करना होगा की क्यों overheat हो रहा है। क्योकि ज्यादा गरम होने के कई कारण हो सकते है। जिसमे कुछ सही भी हो सकते है। जब भी हम अपने लैपटॉप पर काम कर रहे होते है और हमारा लैपटॉप अचानक से बंद हो जाये। जो कॉमन प्रोब्लेम होते है क्योकि कभी कभी ऐसा होता है।

हाँ अगर ये प्रॉब्लम बार बार होने लगे तो प्रॉब्लम सीरियस हो सकता है। जैसे काम करते करते ब्लू स्क्रीन आकर लैपटॉप बंद हो जाये तो समझ जाइये की ये laptop overheating का प्रॉब्लम है। आइये अब हम point wise देखते हैं  और एक एक कर के जानते है की क्यों ऐसा होता है।

HOW TO FIX OVERHEATING LAPTOP IN HINDI

लैपटॉप overheat होने के कई कारण है जो की निम्न है :

  • Dust
  • Heat sink
  • Cooling fan
  • Thermal Paste
  • Processor or CPU
  • Motherboard

ये जितने भी उपर में मै point दिया हु यही मेन कारण है लैपटॉप के overheat होने के लिए। आइये अब इन सब को एक एक कर डिटेल्स में जानते है।

DUST के कारण NEW LAPTOP OVERHEAT होना 

लैपटॉप के ज्यादा गरम होने के एक कारण है dust या धुल मिटटी। आइये देखते है की कैसे dust के कारण लैपटॉप गरम होते है। ये धुल हमारे cpu के cooling fan में धीरे धीरे जमा होते है। जिससे cooling fan के चलने की speed कम हो जाती है। जिससे हमारा लैपटॉप के cpu overheat होने स्टार्ट हो जाता है। और एक समय ऐसा आता है की लैपटॉप अपने आप से बंद हो जाता है।

ये प्रॉब्लम हमारे काम करने के बीच में कभी भी आ सकता है। जिससे हमारे important डाटा लूज़ हो सकते है। Laptop overheating के कारण cpu fan की RPM speed कम हो जाती है। जिससे जितना cooling करना चाहिए वो नहीं हो पाता है। जिससे लैपटॉप बीच में shut down होने लगता है।

Problem का Solution

अगर आप ऐसा जगह काम करते है जहा से रोड जाता है। तो ऐसे में dust आने के chances काफी रहता है। क्योकि रोड के किनारे काफी धुल उड़ता है जो cooling fan में जाकर बैठ जाते है। तो ऐसे में हमें अपने लैपटॉप को हरेक 3-4 महीने पर एक बार सर्विसिंग जरुरी है। जिससे आपके लैपटॉप में गरम होने वाले प्रॉब्लम सही हो जायेंगे।

वैसे अगर आपको थोडा भी जानकारी है तो आप खुद से लैपटॉप को ओपन करे। और उसके cpu fan को ब्रश से अच्छे से साफ कर के फिर से अस्सेम्ब्ल कर दे। जिससे आपको बाहर कुछ पैसा दिए बिना आपका काम हो जायेगा। हा इसमें आपको लैपटॉप Assemble और Deassemble करने आना चाहिए। जिससे आप बड़े ही आसानी के साथ ये काम कर सकते है।

HEAT SINK

Laptop overheating का एक कारण है उसका heat sink जिससे प्रॉब्लम होता है। क्योकि ये heat sink कॉपर का बना होता है। जो cpu fan के उपर में लगा होता है। जिससे cpu जब गरम होने लगता है तो उसके heat को heat sink अपने साथ लेकर बाहर तक पंहुचा देता है। जिससे लैपटॉप ज्यादा गरम नहीं हो पाता है। ये temprature को control करने का काम करता है।

Problem का Solution

heat sink के कारण ऐसा क्यों होता है ये जान लीजिये। कभी कभी heat sink में छेद हो जाता है। जिससे heat को बाहर नहीं ले जा पाता है। और लैपटॉप ज्यादा गरम होने लगता है। तो इसका एक ही solution है heat sink को change करना। क्योकि अगर change नहीं होगा तो प्रॉब्लम सही नहीं हो सकता।

COOLING FAN

जैसे की मै उपर में ही बता चूका हु की cooling fan के कारण भी overheat होता है। ये जरुरी नहीं की fan dust के कारण ही ख़राब होगा। इसका और भी कारण हो सकता है जैसे की fan का ख़राब हो जाना। fan को प्रॉपर वोल्टेज का न आना। या fan में शोर्ट होना जिससे fan वर्क नहीं करता है। इन सब कारण से लैपटॉप गरम होता है और बंद हो जाता है।

laptop overheating

Problem का Solution

अब इसको ठीक कैसे करे ? तो इसके लिए सबसे पहले आपको अपना लैपटॉप को ओपन करना होगा। जिसके लिए आपके पास लैपटॉप ओपन करने वाले screw driver टूल होने चाहिए। जब खुल जाये तो अपने लैपटॉप के cpu fan को अच्छे से निकाले और अच्छे से साफ करे। अगर जाम होगा तो आपका प्रॉब्लम solve हो जायेगा। जाम हटाने के लिए मार्किट में WD40 नाम का स्प्रे आता है जिससे जाम हटा सकते है। और आपका fan पहले जैसा सही काम करने लगेगा।

बहुत लोग को पता नहीं होता है और वो वैसे ही काम करते रहते है। जब भी overheat होता है तो लैपटॉप या सिस्टम अपने आप बंद हो जाते है। अगर जाम सही करने के बाद भी fan सही से काम नहीं करे तो आपको fan change करना होगा। अगर टाइम पर fan नहीं बदलेंगे तो ऐसे में आपका CPU भी ख़राब हो सकते है। इस तरह से लैपटॉप का troubleshooting काफी आसानी से कर सकते है।

THERMAL PASTE के कारण LAPTOP OVERHEAT होना 

इस paste का use cpu को ज्यादा गरम होने से बचाने के लिए किया जाता है। क्योकि जब हम लैपटॉप use करते है तो cpu पर काफी लोड पड़ता है और वो काफी ज्यादा गरम होते है। थर्मल paste कभी कभी सुख जाता है। या इसका भी एक lifecycle होता है जिसके बाद सही से काम नहीं कर पाता है। कहने का मतलब है की expire हो जाते है।

laptop overheating

Problem का Solution

ऐसे में हमें पुराने paste को साफ कर के फिर से नए paste का use करना होता है। जिसके बाद से हमारा laptop overheating issue ख़तम हो जाता है। अगर ज्यादा गरम होंगे तो इससे cpu के आस पास के पार्ट भी ज्यादा गरम होंगे। जिससे motherboard के पार्ट भी डैमेज होने के chances रहते है।

PROCESSOR or CPU

किसी भी लैपटॉप या सिस्टम में heating होने का कारण cpu भी होता है। क्योकि ये ऐसा पार्ट होता है जो लैपटॉप में सबसे ज्यादा heat को generate करता है। और अगर ज्यादा heat होगा तो इससे cpu के आस पास के एरिया के पार्ट भी काफी गरम होने लगता है। जिससे लैपटॉप के अंदर और भी गर्मी पैदा होने लगता है और लैपटॉप ज्यादा गरम हो कर बंद हो जाता है।

laptop overheating issue

ऐसे में लैपटॉप के motherboard भी heat होना शुरू कर देता है। जिससे उसके भी पार्ट को डैमेज होने के chance बना रहता है।

Problem का Solution

laptop overheating से बचने के लिए सबसे पहले कोशिस करना है की cpu overheat न हो पाए। अगर फिर भी heat हो रहा है तो लास्ट में cpu को बदलना पड़ सकता है। जिससे प्रॉब्लम solve हो जायेगा।

MOTHERBOARD

अगर हमलोग उपर के सारे तरीका कर लिए। और फिर भी laptop overheating issue दे रहा है तो ऐसे में लास्ट में अपने motherboard को चेक करे। क्योकि लैपटॉप या किसी भी कंप्यूटर में सारा वोल्टेज का डिस्ट्रीब्यूशन motherboard के जरिये ही होता है। motherboard में वोल्टेज का डिस्ट्रीब्यूशन सही से नहीं हो पाता है जिससे overheat का प्रॉब्लम बना रहता है।

Problem का Solution

अगर लग रहा है की overheat का प्रॉब्लम motherboard से आ रही है। तो ऐसे में आप खुद से motherboard का रिपेयर न करे। हा अगर जानकारी है तो कर सकते है। नहीं तो किसी अच्छे चिप लेवल तकनीशियन के पास ले जाकर चेक कराये।

क्योकि motherboard में अलग अलग सेक्शन होते है। जिसके लिए प्रॉपर जानकारी जरुरी है नहीं तो आपका motherboard और भी डैमेज हो सकते है। जिससे आपको और भी ज्यादा पैसा का नुकसान हो सकता है।

लैपटॉप गरम होने के कारण और उसके कुछ टिप्स

वेंटीलेटर ग्रिल को चेक करे

लैपटॉप के वेंटीलेटर ग्रिल को चेक करे। की कही वो जाम तो नहीं है क्योकि धुल के कारण वो जाम हो जाते है। जिससे अन्दर के हवा बाहर अच्छे से flow नहीं हो पाते है। और हमारा लैपटॉप में heating issue आना शुरु हो जाते है। इसलिए जब भी वो जाम हो जाये तो उसको अच्छे से कुछ कुछ टाइम पर ब्रश से साफ करते रहे। जिससे आपका लैपटॉप सही काम करेगा।

AIRFLOW को चेक करे 

generally हमलोग जब लैपटॉप use करते है तो उसको अपने घुटने पर रख कर use करते है। या काफी लोग सोफे या गद्दे पर लैपटॉप रख कर use करते है। जिससे लैपटॉप के air cool वाला पार्ट निचे छुप जाता है। और अन्दर की हवा बाहर नहीं निकल पाता है। जिससे लैपटॉप में overheat का प्रॉब्लम आना शुरु हो जाता है।

इसी के वजह से लैपटॉप कितनी बार अचानक काम करते करते बंद हो जाता है। और हम सोचने लगते है की लैपटॉप में क्या हुआ है जो अचानक से बंद हो गया। तो लैपटॉप में ज्यदातर यही कारण होता है जिससे वो कभी कभी बंद होने लगते है। ऐसे में लैपटॉप इस तरह से use करे की उसके air cool वाला पार्ट निचे सोफे या गद्दे में छुप ना पाए।

अगर आपलोग लैपटॉप के real value heat चेक करना चाहते है तो उसके लिए एक software है। जो की बता देता है की लैपटॉप के कौन से पार्ट ज्यादा गरम हो रहे है। उस software का नाम है HWMonitor जिससे हम अपने लैपटॉप के temprature को माप सकते है।

LAPTOP COOLING PAD क्या होता है | LAPTOP COOLING PAD का USE कैसे करे ?

अगर आपका लैपटॉप जरुरत से ज्यादा ही गरम होता है तो ऐसे में laptop cooling pad का use करे। जो आपके लैपटॉप को extra cooling करने में मदद करता है। और आपका लैपटॉप एकदम सही से वर्क करता है। ऐसे में लैपटॉप overheat नहीं होता है और laptop overheating problem से बच जाता है।

मै अपने लैपटॉप में laptop cooling pad use करता हु। जो मुझे मेरे लैपटॉप के लिए कुछ एक्स्ट्रा ही cooling प्रदान करता है। अब मेरे लैपटॉप में किसी भी तरह के overheat का प्रॉब्लम नहीं आता। और मै बिना रुके अपने सारे काम काफी आसानी से कर लेता हूँ। जबकि मै काफी heavy user हूँ लैपटॉप का फिर भी लैपटॉप एकदम नार्मल वर्क करते रहता है।

मै आपलोग को बोलना चाहूँगा अगर आपलोग को भी मेरे जैसा laptop cooling pad चाहिए। तो निचे दिए लिंक पर जाये और चेक करे। और अगर अच्छा लगे तो जरुर अपने लैपटॉप के लिए एक अच्छे cooling pad ख़रीदे।

Zinq Technologies Cool Slate Dual Fan Cooling Pad

CONCLUSION

मैंने इस पोस्ट में आपको laptop overheating problem के बारे में बताया है। इसमें मैंने laptop cooling pad के बारे में भी बताया। जिसमे बताया गया है की किस तरह से हमारा लैपटॉप जरुरत से ज्यादा गरम हो जाता है। और जब overheat हो जाता है तो उसको कैसे रिपेयर करेंगे। इसकी जानकारी आपलोग को डिटेल में देने की कोशिस किया गया है।

अगर आपलोग को कही कोई प्रॉब्लम है या कुछ पूछना चाहते है तो हमें कमेंट जरुर करे। जिससे आपलोग का डाउट मै clear कर सकू। जिससे आपलोग और भी अच्छे से इसके बारे में जान सके। वैसे तो मेरी पूरी कोशिस रहती है की आपलोग तक एक एक बारीकी को पंहुचा सकू।

जिससे एक बार में आपलोग के डाउट clear हो जाये। आपलोग इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक शेयर करे जिससे बाकी लोग तक भी ये जानकारी मिल सके। और अपने लैपटॉप और कंप्यूटर को अच्छे से use कर सके। और अपने पैसा बचा सके।

Thanks!!!

A BEGINNER’S GUIDE TO JIOMEET APPS AND ITS FEATURES

What is JioMeet aaps and its features

आज हम जानेंगे की What is JioMeet aaps and its features in Hindi. हेल्लो दोस्तों कैसे है आपलोग नमस्कार. अपने इस न्यू ब्लॉग में आपका स्वागत करता हु जिसमे मै काफी interesting टॉपिक discuss करने वाला हूँ.

आप सबलोग जैसे की जानते है की चाइना के 59 apps को हमारे यहाँ ban कर दिया गया है. जहा सबलोग चाइना app हो या कोई भी सामान हो उसका बहिस्कार किया जा रहा है. जिसमे टिक टोक जैसे फेमस app भी बंद हो चूका है. इसमें बात करे तो एक app और है जिसका use काफी बढ़ चढ़ कर use होता है. जिसका नाम है zoom app. इसमें हमलोग जानने वाले What is JioMeet aaps and its features.

WHAT IS JIOMEET APPS AND ITS FEATURES

आपसब को पता है की covid 19 के वजह से lockdown हो गया था. जिससे सभी जगह online प्लेटफार्म का use बढ़ गया है. जहा सबसे जयादा use होने वाला app है zoom app. क्योकि जितने भी online क्लासेज है या मीटिंग है वो सब zoom पर काफी आसानी से हो रहा है. इसके जैसे ही और भी कई app है जिनका use हो रहा है जैसे की Microsoft Team, Google meet इत्यादि. लेकिन ये सब बाहर के apps है.

Image of What is JioMeet aaps and its features

इन सब में सबसे जयादा zoom cloud app का use किया जाता है. इसका database US में है और इस पर डाटा चोरी का इल्जाम भी लग चूका है. जिससे हमें इसको भी use करने में थोडा सोचना पड़ जाता है. की आखिर इसके जैसे user फ्रेंडली app फिर कौन सा है जिसको आसानी से use किया जा सके.

तो आपको अब टेंशन लेने की जरुरत नहीं है क्योकि रिलायंस जिओ ने इस app को बाहर जाने का रास्ता दिखा दिया है. और एक इसी जैसे same इंटरफ़ेस वाला न्यू app मार्किट में ला दिया है जिसका नाम है JioMeet.

तो चलिए इसके बारे में डिटेल से जानते है. What is JioMeet aaps and its features in hindi

WHAT IS JIOMEET – JIOMEET क्या है ?

JioMeet app रिलायंस के तरफ से बनाया गया एक video conferencing app है. और सबसे खास बात ये है की ये पूरी तरह से made in India है. आपलोग जानते है की lockdown के वजह से video conferencing का use कितना बढ़ गया है क्योकि हर एक जगह इसी के जरिये स्टडी या मीटिंग हो रहे है.

जिस वजह से इस तरह के app का डिमांड मार्किट में काफी हो गया था. इन सब देखते हुए reliance ने ये app को लांच किया है. जो user के लिए पूरी तरह से फ्री है. इसमें भी हम एक बार में 100 लोग को video conferencing के जरिये add कर सकते है.

बहुत लोग सोचते है की हम whatsapp कालिंग के जरिये भी अपना काम कर सकते है. लेकिन मै आपको बता दू की ये सिर्फ पर्सनल वर्क के लिए use में लाया जाना वाला app है. लेकिन प्रोफेशनल वर्क के लिए हमें JioMeet, zoom , google meet जैसे apps की ही जरुरत पड़ती है.

तो अब टाइम आ गया है की चाइना के सारे प्रोडक्ट का बहिस्कार करे और देसी अपनाये.

HOW TO DOWNLOAD JIOMEET APP – JIOMEET कहा से DOWNLOAD करे.

एंड्राइड के लिए

इस app को डाउनलोड करने के लिए अपने मोबाइल के play store में जाये. वहां पर JioMeet search करे और फिर download कर ले. यहाँ download करना एकदम फ्री है.

Image of What is JioMeet aaps and its features

iOS के लिए

iOS के लिए आपको iOS store में जाना होगा. वहां जाकर JioMeet app search करे. फिर उसको download कर के इनस्टॉल कर ले.

WINDOWS OS के लिए

अगर आप windows user है तो आपको इसके भी store में जाकर JioMeet search करना होगा. उसके बाद इसको भो download कर ले और इनस्टॉल कर ले.

HOW TO SETUP OR CONFIGURE JIOMEET APP

इसको सेटअप करना काफी आसान है. बस आपको जिस मोबाइल से इसको use करना है उसके नंबर से आपको रजिस्टर करना होता है. जिसके बाद आपको एक otp आएगा जिसको आपको वेरीफाई करा लेना है और आपका अकाउंट activate हो जायेगा. अब आप इसको use कर सकते है.

SOME IMPORTANT JIOMEET FEATURES

  • काफी easy सेटअप है
  • एक साथ 100 लोग कनेक्ट हो सकते है
  • फ्री है ये app
  • कांफ्रेंस को किसी के साथ invite किया जा सकता है
  • इसमें कॉल हिस्ट्री को भी देखा जा सकता है
  • सबसे खास बात अगर internet स्लो भी है तो video की quality अच्छी मिलेगी
  • कालिंग के दौरान audio video mode पर answer दे सकते है
  • वेटिंग रूम का feature है इसमें
  • Host किसी का भी video on या off कर सकते है
  • आप अपने मीटिंग को रिकॉर्ड भी कर सकते है जिससे बाद में उसको देख सके

 DIFFERENCE BETWEEN JIOMEET AND ZOOM APP

  • JioMeet की बात की जाये तो इसमें 100 user एक साथ कनेक्ट हो सकते है बिना कोई restriction के. कहने का मतलब है बिलकुल 24hrs के लिए. वही zoom की बात करे तो इसमें 1 to 1 के साथ कोई restriction नहीं है. जैसे ही 3 से ज्यादा user कनेक्ट होते है उसमे फिर 40 min तक का समय लिमिट होता है.
  • zoom एक paid app है जहा आपको कम से कम $14.99 per host देने होते है. इसके पास कस्टम प्लान भी होते है जहा hosting webinar और zoom room का use कर सकते है. वही अगर JioMeet की बात करे तो अभी तक इसका कोई paid प्लान नहीं आया है. और अभी ये clarification भी नहीं किया है की webinar और क्लासरूम के लिए कितने users होंगे.
  • zoom एक बाहर की कंपनी है जबकि JioMeet एक इंडियन बेस्ड कंपनी है. आप पढ़ रहे है What is JioMeet aaps and its features in Hindi.
  • user इंटरफ़ेस की बात करे तो कही भी आपको अलग फील नहीं होने देगा JioMeet. क्योकि लगभग same feature और same UI के साथ JioMeet  आया. जिससे zoom user easily JioMeet  को भी use कर पाएंगे.  

Also Read :

 CONCLUSION

आपने इसमें पढ़ा की What is JioMeet aaps and its features in Hindi. इसमें आपको पता चल गया होगा की zoom और इसके जैसे और भी बहुत apps का बेस्ट अल्टरनेटिव हमें मिल चूका है. जोकि है JioMeet aaps. तो अगर आपलोग zoom use कर रहे हो तो उसको तुरंत uninstall करे और JioMeet का use करना शुरू कर दे.

अगर आपको मेरा ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे. अपने विचार हमें कमेंट कर के जरुर बताये.

 

KEYLOGGER क्या है ? | इससे होने वाले अटैक से कैसे बचे ?

Keylogger kya hai

Keylogger kya hai. जाने हिंदी में. हेल्लो दोस्तों नमस्कार कैसे है आपलोग ? आशा करूँगा की आप सभी लोग अच्छे होंगे. और हमारे ब्लॉग को अपना प्यार जरुर दे रहे होंगे. अपना कीमती समय देकर. चलिए आज मै एक और नया टॉपिक लेकर आया हु. जो काफी खास है security point of view से. तो इसलिए आप हमारे साथ बने रहे और अपने आप को secure रखे. तो आइये देखते है what is keylogger in hindi – keylogger kya hai.

आजकल सभी लोग मोबाइल और कंप्यूटर इस्तेमाल करते है. और हम सबलोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर को safe रखने के लिए password का इस्तेमाल भी करते है. लेकिन password इस्तेमाल करने के बाद भी hack होने के chances बना रहता है. इस hacking में बहुत से ऐसे चीज है जिनके बारे में हम नहीं जानते है.

इन्ही में से एक है keylogger जो hardware और software दोनों है. ये ऐसा software है जिसके हेल्प से हमे पता चल सकता है की सामने वाला क्या टाइप कर रहा है.

WHAT IS KEYLOGGER IN HINDI- KEYLOGGER KYA HAI?

keylogger एक hardware और software दोनों है. और ये दोनों तरीके को use कर के hacking किया जा सकता है. इसके जरिये हम पता लगा सकते है की कंप्यूटर devices में क्या टाइप किया जा रहा है. और बड़ी ही आसानी से track कर सकते है.

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इससे हमें कीबोर्ड से टाइप किया हुआ लगभग सभी इनफार्मेशन पता चल सकता है. इस ब्लॉग में मेरा मेन उदेश्य है आपको ऐसे hardware और software से बचाना. जिसकी जानकारी लेकर आप अपने आपको इससे बचाए. कितनी बार ये अपने आप हमारे सिस्टम में अपने आप इनस्टॉल हो जाते है और हमें पता भी नहीं चलता है.

ऐसे टूल का इस्तेमाल ज्यादतर टार्गेटेड लोगो पर किया जाता है. जब ये हमारे सिस्टम में इनस्टॉल होते है तो उसके बाद हमलोग जो भी टाइप करते है. उसका सारा इनफार्मेशन software रिकॉर्ड कर लेता है. और एक log file बना लेता है. ये log file हैकर के database में जाकर save हो जाता है. जिससे जब चाहे हैकर access करके उसका गलत use कर सकता है. Keylogger kya hai.

 ये दो तरह के होते है:-

हार्डवेयर कीलोगर

ये एक तरह का hardware device होता है. जिसको hardware keylogger के नाम से जाना जाता है. ये एक pendrive या dongle की तरह होते है. जिसको भी आपकी कोई जानकारी चाहिए होती वो इसको आपके सिस्टम में लगा देते है. जिससे हमलोग जो भी टाइप करते है उसका सारा डाटा इसी device में जाकर save हो जाते है. जिसके बारे में हमें पता भी नहीं चलता है और इसका शिकार बन जाते है.

सॉफ्टवेयर कीलोगर

अगर आप अपने चालाकी से hardware keylogger से बच भी जाते है लेकिन software keylogger से नहीं बच पाइयेगा. hacking के लिए कोई किसी भी तरह आपके सिस्टम में keylogger इनस्टॉल कर सकता है. इस software का पता लगाना काफी मुश्किल होता है.

क्योकि ये background में चलता रहता है और हमें इसका पता भी नहीं चलता है. कितनी बार हमलोग कही से software डाउनलोड करते है तो ऐसे में ये keylogger चुपके से इनस्टॉल हो जाते है और अपना काम करते रहते है.

आइये अब जाने है इससे बचने का तरीका जिसका इस्तेमाल कर के आप इससे बच सकते है.

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KEYLOGGER से बचने के TIPS

  1. अगर आप कही सार्वजनिक जगह पर काम कर रहे है तो वहां ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत होती है. सबसे पहले हमे ये देख लेना होता है की कोई फालतू का device उसके साथ तो नहीं जुड़ा है. अगर इससे पहले उस सिस्टम पर वर्क किये है. और उस टाइम उस सिस्टम में कुछ भी ऐड नहीं है और अब लगता है, की उसमे कुछ device जुड़ा है तो ऐसे कंडीशन में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. ऐसे में उस जुड़ा हुआ device को disconnect कर के अपना वर्क कीजिये.
  2. हमें कुछ टाइम के अंतराल पर अपने सिस्टम के control panel को चेक करते रहना चाहिए. इससे आपको पता चल जायेगा की आप जो software use कर रहे है उससे हट के कोई unwanted software तो इनस्टॉल नहीं है. अगर है तो उसको तुरंत uninstall कर दीजिये.
  3. हमलोग जब भी इन्टरनेट बैंकिंग करते है तो उस टाइम एक बात का ख्याल जरुर रखे. मोबाइल या सिस्टम में हमें internet banking करते टाइम virtual keyboard मिलता है use करने के लिए. तो हमेसा नेट banking करते समय इसी virtual keyboard का use करिए. इस तरह आपका banking पूरी तरह secure रहेगा.
  4. हमलोग जो वायरलेस कीबोर्ड और माउस use करते है उसमे भी डर रहता है. क्योकि ये सिग्नल के जरिये वर्क करते है और ये सिग्नल encrypted होते है. तो ऐसे में हमेसा अच्छी quality की कीबोर्ड और माउस use करिये.

CONCLUSION

तो ये छोटे छोटे tips को फॉलो करके आप इस keylogger से बच सकते है. एक बात का ध्यान और रखना है जब भी आप कोई software कशी से downlaod करते है तो, अच्छी साईट से ही डाउनलोड करे. क्योकि यहाँ से भी unwanted फाइल इनस्टॉल होने के chances रहता है.

अगर आपको मेरा ये टॉपिक अच्छा लगा हो तो कृपया अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे.

 

 

WHAT IS FIREWALL IN HINDI | WHY USE FIREWALL IN PC

what is firewall

WHAT IS FIREWALL – FIREWALL क्या है?

Firewall का नाम आपने जरुर सुना होगा. अगर नहीं सुने है तो आज मैं आपलोगों के लिए इसी के बारे में आज जानकारी दूंगा. Firewall क्या है – What is Firewall in hindi ? ये काम कैसे करता है ? ये कितने प्रकार के होते है ? Firewall का मेन work होता है हमारे computer और बाहर के  network के बिच में security देना.

ये इन  दोनों के बिच में दिवार के तरह खड़ा होता है और तरह तरह के virus और attack से  हमारे computer को बचाता है. तो आज हमलोग इसमें थोडा डिटेल में जानेंगे की Firewall क्या है – What is Firewall in hindi ?

what is firewall

Image of What is Firewall in Hindi

Firewall भी एक तरह का antivirus होता है. जो की computer में आने वाले बाहरी viruses से उनकी रक्षा करता है, जिससे की virus न आ सके. जब हमलोग इन्टरनेट पर कुछ search कर रहे होते है तब, उस टाइम गलती से कोई ऐसा link click हो जाता है या कोई ऐसा app install हो जाता है, जिसको click नहीं करना होता है. और उसी link के जरिए virus हमारे computer तक पहुँच जाता है.

तो वही अगर बात की जाये तो firewall ऐसे ही type के problem से बचने के लिए use किया जाता है. जिससे गलती से भी अगर कोई virus या file या software हमारे computer में आ गया हो, तो उसको आने से रोकता है. और हमारे द्वारा दिया गया command के आधार पर सभी सर्विसेज को computer में store करता है.

जब हमलोग इन्टरनेट use कर रहे होते है तो, उस टाइम firewall इन्टरनेट से मिलने वाला हरेक डाटा पैकेट को check करता है, जिससे की असुरक्षित डाटा पैकेट को block कर दिया जाये. जिससे हमारे computer में किसी भी तरह के virus न आ पाए.

FIREWALL का जरुरत क्यों पड़ता है ?

Firewall हमारे द्वारा use किये हुए files को ही enter करने देता है. और इन्टरनेट use करते टाइम unknown sources से डाउनलोड हुई file को install होने से रोकता है.

जब भी हमारा computer किसी network से जुड़ता है तो हमारे computer में किसी कारण से अगर virus या malware का attack हो जाता है. तो ऐसी condition में firewall उस network से जुड़े अन्य सभी computers को हमारे computer से होने वाले नुकसान से बचाता है. मतलब की virus को फैलने से रोकता है.

firewall जिस computer में चल रहा हो उस computer को hackers के attack से बचाया जा सकता है. क्योकि इसके बिना काफी आसानी से virus या malware attack कर सकता है.

अगर आप अपने pc में भी फ़ायरवॉल use करना चाहते है. तो अच्छे एंटीवायरस का use कर सकते है. जिससे आपको कुछ फ़ायरवॉल का service मिल जायेगा. हालाँकि ये hardware फ़ायरवॉल नहीं होगा. लेकिन अच्छी security provide करेगा आपके कंप्यूटर को.

मै खुद एक अच्छी quality का एंटीवायरस use करता हु. जिससे मेरा pc हर तरह से secure रहता है. जैसे online banking हुआ या और भी बहुत कुछ. अगर आप भी वो एंटीवायरस लेना चाहते है तो उसको आप निचे दिए लिंक पर जाकर देख सकते है. और अपने सिस्टम को secure बना सकते है. मै Quick Heal Total Security Antivirus का use करता हु. जो की काफी अच्छी परफोर्म करती है.

जरूर पढ़े: 

FIREWALL के TYPES

ये दो प्रकार के होते है

1. Hardware Firewall     2. Software Firewall

HARDWARE FIREWALL

आज के टाइम में router का use काफी होता है. जिससे की एक साथ बहुत सारे devices को इन्टरनेट से जोड़ सके. और इसी router में फ़ायरवॉल भी inbuilt होते है.

router से फ़ायरवॉल on करने पर ये इन्टरनेट से जुड़े सभी devices को या computers को security provide करता है. जब भी हम कोई website open करते है या search करते है तो उस टाइम उस proper दिए गए command पर router से request जाता है, तो computer में सेंड किये गए डाटा के पैकेट के साथ network ID जुडी होती है. इस टाइम firewall पता लगाता  है की रिसीव होने वाला डाटा पैकेट सही है या नहीं.

क्योकि उस पैकेट के साथ हमारी network की ID connected होती है. और इसके अलावे यदि कोई unknown पैकेट computer में enter करने की कोशिस करता है तो उसको फ़ायरवॉल के द्वारा block कर दिया जाता है.

SOFTWARE FIREWALL

आज के टाइम में बहुत से antivirus companies मार्किट में है जैसे avast, quick heal इत्यादि. ये सब भी फ़ायरवॉल को provide करती है. और ये सब बहुत से computer में पहले से पाया भी जाता है जो की free या trial के रूप में होता है. ये सब को हमलोग बाहर से भी खरीद सकते है. computer को secure रखने के लिए इसका use जरुर करना चाहिए.

हमारे windows computer में भी फ़ायरवॉल होते है. जो की हमारे द्वारा install किये गए files या app को install होने से पहले अच्छे से check करते है.

आज के समय में इन्टरनेट पर ऐसे ऐसे malicious website है, जिनपे अगर गलती से भी click हो जाता है तो, उससे हमारे computer में वो files install हो जाते है. जो की हमारे computer और डाटा के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकते है.

इसीलिए ऐसे problem से बचने के लिए फ़ायरवॉल काफी important होते है हमारे computer में. जिसके use से हमलोग अपने computer को malware, virus से बचा सकते है.

Notes :

आशा करता हु की ये पोस्ट आपको पसंद आएगा. क्योकि दैनीक जीवन में ऐसे problem आते रहते है, जिसकी हेल्प से आपको काफी मदद मिलेगा. इस पोस्ट को अपने दोस्त और फॅमिली तक जुरूर पहुचाये. जिससे उन्हें भी इसका फायदा मिल सके और इस्तेमाल कर सके. ये पोस्ट hindi में है.

जिससे काफी लोगो को समझने में मदद मिलेगा. अगर आपको लगता है की इसमें कुछ और improvement चाहिए तो कृपया हमें जरुर comment या mail करके बताये. और अपना सुझाव जरुर share करे. जिससे मैं और नए नए topic आपलोगों के लिए ला सकू.

 

MEGAPIXEL KYA HOTA HAI? | ये कैसे काम करता है?

megapixel kya hota hai

WHAT IS MEGAPIXEL IN HINDI – MEGAPIXEL क्या होता है ?

Megapixel kya hota hai?  आज हमलोग जानेंगे ? friends अगर हमलोग बाज़ार में smartphone लेने जाते है तो, उसमे सबसे खास बात क्या होता है ? उस फ़ोन का camera फिर उसके बाद बाकी की features को देखते है.

हमलोग सबसे पहले फ़ोन का camera देखते है और उसमे ये ही check करते है की उस camera का megapixel क्या है? बहुत सारे लोग camera use करते है लेकिन ये megapixel क्या होता है ये नहीं जानते है. तो आज मैं आप लोगो के लिए इसी के बारे में कुछ बेसिक जानकारी लेकर आया हु.

आप हमारे साथ बने रहिये और नए नए टेक से related इनफार्मेशन के बारे में जानते रहिये.

अगर आप really में smart user है तो आपको इस Megapixel के बारे में जानकारी जरुर होना चाहिए. की आखिर Megapixel kya hota hai ? (What is Megapixel in Hindi?) ये किस तरह से work करता है ? इसका use क्या होता है ? तो आइये आगे देखते है.

इस ब्लॉग के पढने के बाद आप आगे से नए mobile या camera लेते समय जरुर ध्यान रखेंगे की किस type का camera अच्छा होता है? What is Megapixel in Hindi? को आगे details में जानते है.

megapixel_kya_hota_hai

Image of Megapixel kya hota hai

WHAT IS MEGAPIXEL

अगर देखा जाये तो Megapixel का मतलब है picture में कितने details है. जितना ज्यादा megapixel होते है हमारे picture के quality उतने ही बेहतर आते है. हमे Megapixel को जानने से पहले pixel को जानना जरुरी है.

pixel छोटे छोटे dots होते है जिनको जोडकर computer पर picture बनते है. चाहे वो LED हो या CRT या LCD monitor हो. computer screen को हजारो लाखो pixel में बांटा गया है. जो की अगर हम चाहे की देख ले तो possible नहीं है क्योकि ये काफी छोटे होते है. और यही कारण है की एक picture के पीछे लाखो pixel होते है.

एक Megapixel एक मिलियन के बराबर होते है. और इस Megapixel को digital camera या dslr या smartphone में use किया जाता है उसके resolution के लिए. अगर इसको एक example के तौर पर समझे तो, मान लीजिये एक 5 Megapixel का camera से picture लेते है तो, इसका मतलब है की click गयी फोटो का megapixel 50,00,000 pixel होगा. तो यही वजह है की हमारे camera में जितना ज्यादा Megapixel होगा वो उतनी ही अच्छी फोटो लेगी.

जरूर पढ़े: 

यही कारण है की हम जब भी एक camera खरीदते है तो उसमे सबसे पहले उसके Megapixel number को देखते है. और यहाँ पर अगर ध्यान दिया जाये तो कैमरे का main part pixel होता है. क्योकि इसी से quality का पता चलता है. लेकिन digital camera को खरीदने के लिए Megapixel word का use किया जाता है. क्योकि 5 Megapixel कहना आसान है जबकी 50,00,000 कहना कठिन है. क्योकि इसी pixel से मिलकर Megapixel बना है.

ज्यादा MEGAPIXEL के मतलब अच्छी फोटो CLICK करना होता है ?

वैसे तो Megapixel एक camera का सबसे खास feature होता है, लेकिन camera का Megapixel ही picture की quality को नहीं मापता. Megapixel से ये पता चलता है की उस click किये image का 3D image कितनी बड़ी होगी. और रियल में camera से लिया गया picture की quality सेंसर एवं उसके type पर depend करता है.

इसीलिए आपने कभी ध्यान दिया होगा की, एक ही फोटो को दो same Megapixel के camera से लेने के बाद भी उसकी quality में काफी अंतर पाया जाता है. दोनों फोटो में काफी difference मिलेगा. ये सेंसर के अच्छे और बुरे type को show करता है. क्योकि same Megapixel होने के बाद भी quality सही नहीं मिल पता है. इसलिए एक अच्छा फोटो लेने के लिए एक अच्छे सेंसर वाला camera होना काफी जरुरी है.

तो आपलोग आगे से कभी भी सिर्फ Megapixel को देखते हुए mobile न ले. उसमे ये जरुर देखे की उस mobile में use होने वाला सेंसर अच्छी company का हो. तभी उसको ख़रीदे.

क्योकि Megapixel सिर्फ ये बताता है की कोई भी फोटो का quality को बिना loose किये कितना बड़ा प्रिंट किया जा सकता है. जैसे 1.3MP के camera से 4×3 इंच का प्रिंट आसानी से किया जा सकता है. लेकिन अगर image की size को बढ़ा दिया जाये तो उसका quality भी loose हो जाती है.

इसको आप iPhone से comparison कर सकते है. जैसे एक iPhone के 12MP और एक दुसरे mobile के 12MP को compare करेंगे तो उसमे iPhone की image quality काफी अच्छी आती है. क्योकि iPhone में एक अच्छी quality की sensor का इस्तेमाल किया जाता है. जिससे को iPhone की image quality अच्छी आती है.

एक कैमरा का सेंसर कैसे WORK करता है?

एक digital camera में image सेंसर का work फोटो को record करना होता है. इसमें image सेंसर एक  computer chip होता है जोकि light की क्वांटिटी को measure करता है. जो कैमरा के लेंस के जरिए travel कर chip को strike करता है. यह image छोटे छोटे receptors होते है जिन्हें हम pixel कहते है. इसमें सभी receptors उस light की गति को measure कर सकता है जो chip strike करता है.

इसलिए एक image में लाखो की संख्या में pixel होते है जिनको receptors भी कहा जाता है. इनकी संख्या ये तय करती है की एक camera कितना Megapixel record कर सकता है.

जैसे की हम सभी जानते है की सभी camera में Megapixel को set किया जा सकता है, जैसे की Megapixel की size को कम कर सकते है. ये set करने के लिए हमे कैमरा की सेटिंग में जाना होता है. ये सेटिंग हम क्यों करते है ज्यादतर तब करते है जब हमारे memory में space नहीं होता.

IPHONE और ANDROID के कैमरे में अंतर

friends आपके मन में एक बात जरुर आता होगा की एक iPhone के 8MP और एंड्राइड के 13MP में जब comparison किया जाता है तो, उसमे iPhone के कैमरे के फोटो quality काफी अच्छा होता है. क्योकि iPhone के mobile में जो सेंसर use किया जाता है तो काफी अच्छी quality का use किया जाता है जिस कारण iPhone की फोटो अच्छी आती है.

इस सेंसर की खास बात क्या होती है आइये जानते है. सेंसर light को capture करता है. जिसको की हम image में देख पाते है. किसी भी camera के सेंसर image के size resolution, low light के performance को देख पाता है की आपकी फोटो कैसी दिखेगी. इसलिए image quality के लिए सेंसर का होना काफी जरुरी होता है. इसमें Megapixel का कोई मतलब नहीं बनता है की वो कितने Megapixel का camera है. image की quality सेंसर की size, उसके pixel की संख्या और उनके size पर depend करती है.

क्योकि सेंसर पर निर्भर करता है की Frame पर क्या दर्ज हो रहा है, क्योकि छोटे सेंसर सेंस को कम capture और क्रॉप कर पाते है.

ऐसा नहीं है की सभी एंड्राइड के कैमरे ख़राब होते है. एंड्राइड में भी कुछ फ़ोन है जो iPhone को टक्कर देते है जैसे Google pixel 2 या Samsung Galaxy Note 8 इत्यादि. वैसे iPhone से ली गयी फोटो के कलर आँखों पर ज्यादा effect नहीं करते है. काफी नेचुरल फोटो आते है. ये सब वजह से भी iPhone के प्राइस इतने ज्यादा होते है.

CONCLUSION

दोस्तों उम्मीद है की आपको अच्छे से जानकारी मिल गयी होगी की What is Megapixel in hindi ?

तो आप मेरे साथ बने रहिये और नए नए technology से जूरी जानकारी पाते रहिये. अगर आपको किसी भी तरह के सुझाव या suggestion देने हो तो हमे comment करे. या हमें mail के जरिए भी contact कर सकते है. अगर आपको अच्छा अलग तो इसको अपने फ्रेंड या फॅमिली में जरुर share करे. ताकि सभी तक काफी आसान भाषा में इनफार्मेशन मिल सके और अपने gyan को बढ़ा सके.

 

WD HARD DISK DRIVE के बीच क्या अंतर है | COLOR DIFFERENCE

hard disk difference between

WHAT IS THE DIFFERENCE BETWEEN WD HARD DISK DRIVE IN HINDI WD HARD DISK DRIVE के कलर DIFFERENCE HINDI में जाने

हेल्लो दोस्तों कैसे है आपलोग ? आज हमलोग एक नए टॉपिक पर बात करने वाले है. वो है computer के internal storage हार्ड डिस्क के बारे में. जिसमे हमलोग जानेगे की What is the difference between WD hard disk drive in hindi.

आपलोग जब computer खरीदने जाते है तो उस समय हार्ड डिस्क को लेकर काफी confusion हो जाता है, की कौन सा हार्ड डिस्क ले और कौन सा न ले. तो आज मैं इस ब्लॉग में इसी confusion को दूर करने का कोशिस करूँगा. जिससे ये ब्लॉग पढने के बाद किसी भी तरह का confusion न हो.

और काफी आसानी से अपने computer के लिए एक अच्छा हार्ड डिस्क ले पाए. तो चलिए आगे देखते है, आप हमारे साथ बने रहिये और देखते है difference between WD hard disk drive hindi में.

hard disk difference between

Image of What is the difference between WD hard disk drive in hindi

हमारे Computer में एक हार्ड डिस्क आता है WD company का. जो काफी ही बेहतर हार्ड डिस्क होता है, जिसका full form होता है WD = Western Digital. WD के अंदर हमें 6 प्रकार की हार्ड डिस्क मिलती है. जिसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा computer में किया जाता है. और इसी हार्ड डिस्क में अलग अलग तरह के verity आता है. जिसको की एक कलर के द्वारा बांट दिया गया है. जैसे :- Green, Blue, Black, Red, Purple और Golden कलर के हार्ड डिस्क आते है.

इन सभी हार्ड डिस्क की अपनी कुछ न कुछ features है, जिसके लिए ये जानी जाती है. अगर ढंग से देख कर हार्ड डिस्क न लगाया जाये तो इससे हमारी computer की speed पर काफी फरक पड़ता है, और computer अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाता  है.

तो मैं आपलोगों को एक एक करके हार्ड डिस्क के बारे में details में बताता हु जिससे आपको अपने computer के लिए हार्ड डिस्क चुनने में आसानी हो जायेगा.

GREEN HARD DISK: Buy

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ये हार्ड डिस्क काफी सस्ता मिलता है. इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत ही कम लोग करते है. इसमें सिर्फ आप अपने फोटो, वीडियोस या गाने को store करके रख सकते है. ये काफी slow working होता है. क्योकि इसकी read write speed बहुत ही slow होती है. इसके साथ इसके कुछ benefit भी है जैसे : ये energy efficient, low noise, low heat produce होते है.

BLUE HARD DISK:

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ये हार्ड डिस्क green हार्ड डिस्क से थोडा fast working होते है. इस हार्ड डिस्क का इस्तेमाल लगभग सभी लोग अपने computer में करते है. एक तरह से बोले तो ये एक common हार्ड डिस्क है. इसको all rounder भी कहा जा सकता है. अगर आपको हार्ड डिस्क चुनने में problem हो रही है तो आप ये हार्ड डिस्क ले सकते है.

क्योकि ये हार्ड डिस्क home user के लिए काफी suitable होता है. इस हार्ड डिस्क में ही हमलोग अपने computer का OS भी install कर पाते है क्योकि इसकी read write speed काफी अच्छी होती है. और इसमें green हार्ड डिस्क की तुलना में थोड़ी noise ज्यादा होती है.

जरूर पढ़े: 

BLACK HARD DISK: Buy

hard disk

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अगर आपको ऐसा computer बनाना है जिसे आप गेमिंग के लिए या विडियो एडिटिंग के लिए या किसी भी तरह के graphic एडिटिंग के लिए इस्तेमाल करना चाहते है. तो इसके लिए आपको WD का ब्लैक हार्ड डिस्क सबसे बेस्ट option रहेगा. यहाँ जो भी performance है या read write speed है वो काफी ही अच्छा मिलता है.

तो अगर हमलोग कोई भी गेम खेलते है या विडियो एडिटिंग करते है तो उसमे हमें अच्छा speed चाहिए होता है. उसके लिए ये सबसे बेस्ट हार्ड डिस्क होता है. इसका इस्तेमाल high end computer में किया जाता है, जहा पर speed की सबसे ज्यादा जरुरत होती है.

RED HARD DISK: Buy

wd hard disk

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Red हार्ड डिस्क में दो वेरिएंट मार्किट में available है एक Red हार्ड डिस्क दूसरा Red pro हार्ड डिस्क. इसका बेसिक use network या server में किया जाता है. इस हार्ड डिस्क को ऐसे बनाया जाता है जिससे ये लॉन्ग टाइम चल सके, क्योकि ऐसे हार्ड डिस्क 24*7 इस्तेमाल होते रहते है.

क्योकि ये server बेस्ड हार्ड डिस्क होते है और server 24hrs up रहते है. ऐसे हार्ड डिस्क को fail होने के chances काफी कम रहता है. अगर इसके जगह पर हमलोग Green, Blue या Black हार्ड डिस्क use करते है तो वो ख़राब हो सकते है क्योकि उसको 24*7 use नहीं किया जा सकता है. Red हार्ड डिस्क में read speed काफी top लेवल की मिलती है जिससे की ये server में अच्छा परफॉर्म कर पाए.

PURPLE HARD DISK: Buy

wd hard disk

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इस हार्ड डिस्क की write speed या कहे तो डाटा को save करने की speed काफी ही top लेवल की मिलती है. इसकी performance भी काफी अच्छी होती है. इसके बेसिक इस्तेमाल CCTV camera या video surveillance में किया जाता है. जिससे CCTV का फुटेज store हो सके.

और ये हार्ड डिस्क भी 24*7 working होते है. इसलिए इसको भी उसी लेवल में बनाया जाता है जिससे ये जल्दी damage न हो और लॉन्ग टाइम चले. इस हार्ड डिस्क में All Frame technology का इस्तेमाल होता है जिससे हमारे हार्ड डिस्क में किसी भी तरह का error न आये. हमारा data safe रहे.

GOLDEN HARD DISK:

hard disk diff

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friends ये हार्ड डिस्क एक premium type हार्ड डिस्क होती है. जिसमे हर वो फायदा मिलेगा जो हमें अलग अलग हार्ड डिस्क में देखने को मिलता है. जैसे कहे तो इसमें सब कुछ काफी अच्छा मिलता है. इसमें read write speed एकदम top लेवल की मिलेगी. इसमें performance काफी अच्छा मिलेगी.

इसलिए इसका use हमलोग आम लोग नहीं करते है. इसका use enterprise level companies में किया जाता है जहा बहुत ही fast work किया जाता है. जैसे की आपकी कोई company है आपका कोई business है और आप खुद का एक server लेना चाहते है. तो वहां पर इस तरह के हार्ड डिस्क का use किया जाता है.

CONCLUSION:

आपने देखा की What is the difference between WD hard disk drive in hindi. किस तरह से हम अलग अलग तरह के हार्ड disk को कहा use करते है. ये इस ब्लॉग में बताने की कोशिस किया गया है.

दोस्तों आशा करता हु आज आपलोगों का सारा doubt clear हुआ होगा. वो भी हार्ड drive के कलर को लेकर. अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगे तो इसको आगे share करना न भूले. और कुछ सुझाव लगे तो हमें जरुर बताये. जिससे मैं अपना ब्लॉग में और कुछ सुधार कर पाऊं. और आगे का पोस्ट और बेहतर तरीके से आपलोगों के सामने ला पाऊं. 

Thank You!!!

 

 

HOW TO WORK REMOTE CONTROL IN HINDI | पुरे डिटेल्स में जाने

How to work Remote Control in Hindi

HOW TO WORK REMOTE CONTROL IN HINDI – REMOTE CONTROL क्या है और ये कैसे काम करता है ?

हेल्लो दोस्तों कैसे है ? आज मैं आपलोगों के लिए एक बहुत ही खास टॉपिक लेकर आया हु. How to work Remote Control ? तो चलिए आगे बढ़ते है और देखते इसके बारे में.

आप सब ने Remote Control का इस्तेमाल daily करते होंगे. इसके बिना लगता है कुछ कुछ अधुरापन और ये एहसास तब होता है जब हमारे Remote control के battery खत्म हो जाता है तब. basically इसका use हम अपने TV या और कोई Home music system के volume कम या ज्यादा करने के लिए करते है.

वैसे remote control का use और भी बहुत जगहों पर होता है. जैसे आज कल रिमोट वाले पंखे भी आने लगे है. Remote Control use करने में जितना simple है उतना ही आसान इसकी working technology भी है.

रिमोट कण्ट्रोल की सबसे खास बात ये है की इसके चलते हमलोग एक जगह पर बैठे बैठे अपना काम कर पाते है. जैसे टीवी, म्यूजिक, डीवीडी और माइक्रोवेव इत्यादि. इसके वजह से हमारी daily life काफी आसान हो गया है. हमें कोई भी चीज physically छूने की जरूरत नहीं पड़ती. तो चलिए आगे अब इसके बारे थोड़े details में जानते है की How to work Remote Control in Hindi.

REMOTE CONTROL काम कैसे करता है ?

आपने Remote Control में कभी भी वायर नहीं देखा होगा, तो आखिर ये इतने दूर से काम कैसे करता है. हमारा Remote IR(Infrared Rediation) के जरिए काम करता है. आपलोगों ने शायद एक बात ध्यान दिया होगा की हमारे रिमोट में आगे के साइड में एक LED Bulb लगा होता है, जिसके through रिमोट का IR signal हमारे दुसरे devices तक पहुँच पाता है.

जरूर पढ़े: 

हमारे टीवी, म्यूजिक सिस्टम, AC और set top box के front साइड में एक काफी छोटा सा IR light detector लगा होता है. जब भी हमलोग रिमोट से कोई button press करके कोई command टीवी, म्यूजिक सिस्टम, AC या set top box को देते है तब, इन सब devices के आगे लगे IR light detector हमारे रिमोट के signal को decode करते है.

How to work Remote Control in Hindi

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या डिटेक्ट करके ये पता लगाते है की रिमोट से किस चीज का signal आया है, जैसे volume या power इत्यादि. ये IR light जो remote से निकलता है वो हमें खुली आँखों से नही दिखाई देता है. इस signal को direct हमारा आउटपुट device ही समझ पाता है.

REMOTE CONTROL के CODES

आपलोग अगर रिमोट कभी open किये हुए होंगे तो देखे होंगे की उसमे एक PCB(Printed Circuit Board) लगा होता है. जिसपे की बहुत सारे छोटे buttons लगे होते है. और इन सारे buttons के लिए उस PCB के उपर रबर के buttons लगे होते है. जिससे की हमलोग आसानी से अपने काम कर सके रिमोट से.

इन सारे buttons के अपने अपने बाइनरी कोड होते है जो की हरेक buttons का एक specific बाइनरी कोड दिया जाता है. जैसे की sound के लिए 1010110, menu के लिए 10011010 या फिर म्यूट करने के किये 110010 इत्यादि होते है.

How to work Remote Control in Hindi

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जब भी हमलोग रिमोट से कोई button के through कोई work कराना चाहते है तब, उस टाइम उस particular button का कोड हमारे रिमोट से हमारे TV या अन्य device तक जाता है. और वो TV या अन्य device उस कोड की पहचान करता है और उस particular कोड को decode करके अपना काम पूरा कर देता है. जिससे हमलोग दूर बैठे हुए अपने TV channel बदल पाते है.

इसके साथ एक खास बात आपने ध्यान दिया होगा. वो ये की जल्दी किसी दुसरे रिमोट से किसी दुसरे TV या अन्य device को operate नहीं किया जा सकता है. इसके पीछे भी एक कारण है. जब हमलोग रिमोट use करते है तब उस टाइम एक अलग तरह का short कोड भी generate होता है.

जिससे हमें ये पता चलता है की ये कोड एक खास company या खास model या एक खास button की कोड है. यही कारण है की हमारी remote किसी दुसरे device को operate नहीं कर पता है. क्योकि उस particular device का short कोड mismatch हो जाता है.

जरूर पढ़े: 

CONCLUSION

आज आपलोग ने सिखा की How to work Remote Control ? कैसे हमलोग एक रिमोट control use करते है मै उसके बारे में बताया हु.

तो दोस्तों आज का टॉपिक कैसा लगा हमें जरुर comment करके बताये. जिससे आपके लिए और भी अच्छा अच्छा ब्लॉग लेकर आ सकू. और आप लोगो को ज्यादा से ज्यादा इनफार्मेशन मिल सके. जिससे आप अपने निजी जीवन में use कर सके. अपने सुझाव हमें जरुर share करे जिससे और अच्छी तरह आपके सामने अपने ब्लॉग ला सकू. आप हमें mail कर सकते है.

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HOW DO I RECOVER PERMANENTLY DELETED FILES FROM PC IN HINDI

How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi

HOW DO I RECOVER PERMANENTLY DELETED FILES FROM PC IN HINDI – कैसे PERMANENTLY DELETED FILES को RECOVER करेंगे?

Hello friends! कैसे है आप सभी आज मैं आपलोगों के लिए एक काफी interesting topic लेकर आया हु. Topic है How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi. जिसमे हमलोग जानेगे की कैसे deleted files को फिर से आप  अपने computer से कैसे recover कर सकते हैं.

जब भी हमलोग को कोई file delete करना होता है तो हमलोग “Shift+delete” press करते है और हमारा file permanently delete हो जाते है. ऐसे में files direct recycle bin से भी बाहर चला जाता है. अगर delete करते टाइम गलती से भी कोई file select हो गया जिसे हमें delete नहीं करना था, तो ऐसे condition में वो भी पूरी तरह delete हो जाती है. जिसको की हमलोग recycle bin से भी recover नहीं कर पाते है.

तो दोस्तों आपको घबराने की जरुरत नहीं मैं इस पोस्ट में आपको step wise समझाऊंगा की How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi.

दोस्तों आपलोगों के मन में एक सवाल जरुर आता होगा की, आखिर जब हमलोग files को delete कर देते है तो, आखिर फिर कहा से वो फाइल recover हो पाता है. जिसको की हमलोग दुबारा फिर से इस्तेमाल कर पाते है. तो आइये थोडा सा इसके बारे में जान लेते है. जब भी हमलोग कोई files को delete करते है तो वो permanently कभी भी delete नहीं होती है.

जरुर पढ़े : 

लेकिन हमे दीखता है की वो कंप्यूटर से delete हो चूका है. लेकिन आप जानते है, real में वो files उसी hard drive में save होती है. लेकिन हमें show नहीं होती है और हमे लगता है की वो files delete हो गया है. हमारा कंप्यूटर सिर्फ वो address को delete कर देता है जहा पर वो file save रहता है. और वो जगह तब तक वैसे रहता है जबतक की वहा और कोई files write न हो जाये.

अगर आपको ऐसा लगता है की आपकी कोई महत्वपूर्ण files गलती से delete हो गयी है. तो ऐसे में घबराने की कोई जरुरत नहीं है. मै आपको एक software की help से बताऊंगा की कैसे आप अपने deleted files को recover कर सकते है.

वैसे तो बहुत सारे software है जिसकी help से आप अपने deleted files को recover कर सकते है. लेकिन मैं उनमे से एक important software के बारे में बताऊंगा जिसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है. और वो software है Recuva. इसकी help से आगे हमलोग देखेंगे की किस तरह से आप अपने deleted files को recover कर पाएंगे.

कुछ POINTS जिसके HELP से हमलोग RECUVA SOFTWARE USE कर पाएंगे :-

  • सबसे पहले इस software को डाउनलोड कर ले.
  • उसके बाद इसको अपने कंप्यूटर में install कर ले.
  • अब अपने software को ओपन कर लीजिये.
  • software ओपन होते सबसे पहले हमसे File types पूछेगा. इसमें हमें अपने हिसाब से files को choose करना पड़ेगा. जैसे की Video, Pictures या Music. जो चाहिए उस पर click करना होगा. उसके बाद next button press करेंगे.

How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi

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  • next button press करते ही अब हमसे files के location पूछेगा. जिससे files को search करने में आसानी होगा.

How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi

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  • इस step में हमसे deep scan का option आएगा. जिसमे start button पर click कर देना है. जिससे हमारा scan का process शुरु हो जायेगा.

How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi

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  • इस तरह से कुछ देर में सारे delete files की list show हो जाएगी. जिसको की हमलोग select करके recover कर सकते है. और ऐसे हमारा file पूरी तरह से recover हो जायेगा.

CONCLUSION

आज हमने इसमें सिखा की How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi. किस तरह से हमलोग अपने पूरी तरह से deleted file को फिर से रिकवर कर सकते है. वो भी बड़े ही आसानी के साथ.

आशा करता हु की ये पोस्ट आपको पसंद आएगा. क्योकि दैनीक जीवन में ऐसे problem आते रहते है, जिसकी हेल्प से आपको काफी मदद मिलेगा files recover करने में. इस पोस्ट को अपने दोस्त और फॅमिली तक जुरूर पहुचाये. जिससे उन्हें भी इसका फायदा मिल सके और इस्तेमाल कर सके.

ये पोस्ट hindi में जिससे काफी लोगो को समझने में मदद मिलेगा. अगर आपको लगता है की इसमें कुछ और improvement चाहिए तो कृपया हमें जरुर comment या mail करके बताये. और अपना सुझाव जरुर share करे. जिससे मैं और नए नए topic आपलोगों के लिए ला सकू.

Thank You !!!

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