WHAT IS GRAPHIC DESIGN AND WHO IS GRAPHIC DESIGNER?

what is graphic design

WHAT IS GRAPHIC DESIGN IN HINDI? – GRAPHIC DESIGN क्या है?

Graphic design क्या होता है और इसका use कैसे करते है? हमलोग एक सफल graphic designer कैसे बन सकते है? इन सब के बारे में आज हमलोग काफी डिटेल में जानने वाले है। इसके मदद से हम कोई भी डिजाईन बना सकते है उसके आकार को change कर के अपने अनुसार डिजाईन बना सकते है। ये कर के हम एक अच्छा job कर सकते है और आप चाहे तो अपना खुद का काम ले कर भी पैसा कमा सकते है।

आजकल के समय में यह एक काफी देमंडिंग स्किल में से एक है। जिसका मार्किट में काफी डिमांड है। सभी digital marketing कंपनी या एडवरटाइजिंग से जुड़े जगह पर इसका use किया जा रहा है।

तो आइये हमलोग आगे डेटल में graphic design के बारे में जानते है।

WHAT IS GRAPHIC DESIGN IN HINDI?

ग्राफ़िक डिजाईन में हमलोग अपने हिसाब से कुछ भी डिजाईन कर सकते है। जैसे की पोस्टर, बैनर, लोगो और visiting card ये सब इसके मदद से बनाया जा सकता है।

इसमें shape के रंग, आकार, जगह या पूरा सरंचना को अपने अनुसार बदल सकते है। ये डिजाईन के सारे rule को follow करता है। इसके हेल्प से हम किसी काम को काफी अच्छे तरीके से करने में सक्षम होते है।

ग्राफ़िक डिजाईन कर के कंपनी सब अपने कस्टमर को अपने तरफ attract करती है। इसके कारण ही कंपनी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग करती है। जिससे उनको सेल करने में काफी आसानी हो जाती है। इसमें काफी attractive डिजाईन बना कर उसको सोशल मीडिया पर प्रोमोट करती है। जिससे लोग उस डिजाईन को देख कर attract होते है और जिससे उस प्रोडक्ट की डिमांड मार्किट में काफी बढ़ जाती है।

आज के समय में ऐसा कोई भी प्रोडक्ट नहीं है जो बिना ग्रफिक डिजाईन के मार्किट में आते हो। कोई भी प्रोडक्ट मर्केट में आने से पहले उसका अच्छा ग्राफ़िक बना कर उसको मार्किट में प्रोमोट किया जाता है।

अब इस ग्राफ़िक को बनाने के लिए अच्छे अच्छे software होते है। जिसकी मदद से हम एक से एक ग्राफ़िक बनाने में सक्षम हो पाते है।

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WHO IS GRAPHIC DESIGNER? – ग्राफ़िक डिज़ाइनर कौन होते है?

ग्राफ़िक डिज़ाइनर वो लोग होते है जो अलग अलग shape, photo,Typography, color या background का use कर के एक अच्छा सा डिजाईन बनाते है । जिसमे तरह तरह के पोस्टर, बैनर, फ्लायर या लोगो और भी बहुत कुछ होते है। designer ऐसा डिजाईन बनाते है की लोग उसको एक बार में पसंद कर लेते है और फिर उस प्रोडक्ट के बारे में search करते है।और डिजाईन के कारण ही वो प्रोडक्ट सेल भी होते है।

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Images of Graphic Design in hindi

इसलिए आजकल सभी बड़ी कंपनी ग्राफ़िक डिज़ाइनर को रखते है जो उनके प्रोडक्ट के अच्छे अच्छे डिजाईन बनाते है। और फिर digital marketer उसको सोशल मीडिया पर पोस्ट करते है जिससे लोग उस डिजाईन को देख के  engage होते है। फिर उस प्रोडक्ट की सेल इस तरह से बढ़ जाती है।

आजकल सभी इंडस्ट्री के लोग ग्राफ़िक डिज़ाइनर को रखते है जिससे उनका ब्रांड का प्रमोशन होता है। और उनका प्रोडक्ट की सेल बढ़ जाती है। वो चाहे health, political, education, pharma या फिर hotel इंडस्ट्री ही क्यों न हो।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर अलग अलग software के use करते है। जैसे photoshop, illustrator या फिर corel draw जिसका use कर के attractive डिजाईन बनाते है। एक अच्छा ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के लिए ये बुक को पढ़ सकते है Graphic Design by Narendra Singh Yadav

GRAPHIC DESIGN से रिलेटेड अलग अलग जॉब कौन से होते है?

इससे रिलेटेड आजकल मार्किट में काफी सरे जॉब है। जिसमे लोग अपने हिसाब से अपना करियर को सेट कर सकते है। सब डिज़ाइनर अलग अलग प्रोजेक्ट्स पर करते है। जैसे की पोस्टर डिजाईन, बैनर डिजाईन, लोगो डिजाईन, ब्रोसर डिजाईन, फोटो एडिटिंग या फिर फोटो मैनीपुलेशन और भी बहुत कुछ। तो आइये इनमे से कुछ के बारे में थोडा डिटेल में जानने की कोशिस करते है। जो की निम्न प्रकार से है:

1. PHOTO EDITING

ये आजकल काफी प्रचलित स्किल में से एक है। जिसमे फोटो को एडिट कर के उसको और भी अच्छा बनाया जा सकता है। जिससे लो क्वालिटी फोटो भी काफी अच्छा बन जाता है। इसको सिख लोग स्टूडियो में कम कर सकते है। जहा पर शादी की फोटो और एल्बम बनाया जाता है।

2. LOGO DESIGN

इसका use आजकल लोग अपने बिज़नस की identity देने के लिए करते है। जिसमे shop, school, hospital या कोई और office हो सकता है। जिसके लिए लोग अपनी पहचान बनाने के लिए लोगो डिजाईन करवाते है। जो की बिज़नस की अलग पहचान देता है। 

3. POSTER DESIGNER

आजकल सोशल मीडिया का काफी चलन है। जिसका इस्तेमाल बिज़नस को बढ़ाने के लिए लोग कर रहे है। जिसके लिए अच्छे अच्छे पोस्टर की जरूरत होती है। तो यही पर कम पड़ता है एक पोस्टर डिज़ाइनर का जो पोस्टर डिजाईन कर के सोशल मीडिया पर प्रोमोट करता है। जिससे बिज़नस ग्रो होने के चांसेस काफी बढ़ जाते है।

4. BANNER DESIGNER

आज के समय में जितने भी politician लोग है उनके बैनर आपने काफी देखा होगा। जो रोड साइड में लगे होते है। तो इसको भी बनाने के लिए एक बैनर डिज़ाइनर की जरूरत पड़ती है। जो अच्छे से बैनर डिजाईन करता है फिर उसका प्रिंट होने के बाद उसको मार्किट में रोड साइड लगाया जाता है। ये भी काफी डिमांड में स्किल होता है। इसके लिए कोरेल ड्रा सॉफ्टवेयर का ज्यादा यूज़ किया जाता है।

5. WEB DESIGNER

इसके बारे में जो जानता है वो अच्छे से अच्छा वेब पेज डिजाईन कर सकता है। और घर बैठे अच्छा पैसा earn कर सकता है। वेब डिज़ाइनर ही सरे वेबसाइट के पेज डिजाईन करते है। 

6. PACKAGING DESIGNER

इसके बारे में जो जानता है वो सिर्फ पैकेजिंग का ही डिजाईन करता है। इसमें डिज़ाइनर अलग अलग पैकेट का डिजाईन बनाता है। जैसे मेडिकल का, चिप्स का, ग्रोसरी आइटम का, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम का या और भी अलग अलग डिजाईन। इसमें डिज़ाइनर को फरमा कंपनी में जॉब मिल सकती है या फिर किसी प्रोडक्ट की कंपनी है तो वहां काम कर सकता है। 

ये सारे ग्राफ़िक डिज़ाइनर के अलग अलग जॉब रोल है जिसमे उनको जॉब मिल सकती है।और ये काफी demanding skill में से एक है। जिसमे आपको जॉब लगनी ही है या फिर आप चाहे तो Freelancing कर के भी अच्छे पैसे कमा सकते है। 

GRAPHIC DESIGN करने के लिए REQUIRED SKILLwhat is graphic design

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ग्राफ़िक से रिलेटेड वर्क करने के लिए हमें कुछ स्किल के बारे में जानकारी होनी चाहिए। जो की निम्नलिखित है:

CREATIVE SKILL – जैसे की देखा जाये तो ग्राफ़िक से रिलेटेड कार्य करने में हमें सबसे ज्यादा जरुरत क्रिएटिविटी की होती है। जिसके बिना ग्राफ़िक के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है। जो जितना क्रिएटिव होते है उनका उतना ही अच्छा डिजाईन होता है। तो सबसे पहले हमें अपने आप को क्रिएटिव बनाना होगा। जो की एक सबसे खास स्किल में से एक है।

TECHNICAL SKILL  – ये स्किल भी खास है क्योकि इसके बिना कोई डिजाईन बनाना मुस्किल होता है। इसमें आपको अपने जो भी सॉफ्टवेर पर काम करते है उसके बारे में टेक्निकल नॉलेज होना चाहिए। तभी तो सॉफ्टवेर का बेसिक नॉलेज होगा और वो एक अच्छा डिजाईन बना पायेगा। तो टेक्निकल स्किल काफी जरुरी हो जाता है एक डिज़ाइनर के लिए।

COMMUNICATION SKILL – इसकी जरुरत पड़ती है आपको अपने क्लाइंट से बात करने में। अगर अच्छा बात करने के स्किल आपके पास नहीं रहेगा तो फिर क्लाइंट से बात करने में प्रॉब्लम होगी। जिससे आपका अच्छा नुकसान होने के चांस रहते है। बिज़नेस में सबसे खास चीज होती है कम्युनिकेशन स्किल जो की काफी अच्छी होनी चाहिए। कितनी बार तो सिर्फ अच्छी बातचीत से क्लाइंट कन्विंस हो जाते है और हमें काम मिल जाता है।

SOFTWARE SKILL –  इसके बिना तो आपलोग अपने डिजाईन बना ही नहीं सकते। तो सबसे खास चीज है सॉफ्टवेर के बारे में अच्छा ज्ञान होना चाहिए। जिसमे फोटोशोप, coreldraw या illustrator के बारे में जानकारी जरुरी है। तभी एक अच्छा डिज़ाइनर बना जा सकता है।

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PHOTOGRAPHY SKILL – अगर आप ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनना चाहते है तो इसके लिए आपके पास फोटोग्राफी के रिलेटेड भी जानकारी होनी ही चाहिए। क्योकि जब भी हमलोग कोई डिजाईन बनाते है तो वह उससे रिलेटेड हमें फोटो देने होते है तो कभी कभी हमें इसके लिए खुद से फोटो क्लिक करने पड़ते है। तो वहाँ आपके पास इसकी भी जरुरत पड़ती है।

PROPER PLANNING – डिजाईन करने के लिए आपके पास प्रॉपर प्लान होना चाहिए। तभी आप अपना काम को टाइम पर डिलीवर कर पाएंगे। नहीं तो काम समय पर होना मुश्किल हो जाता है। 

PROBLEM SOLVING SKILL – इस स्किल की भी काफी जरूरत पड़ती है। जिसमे हमें किसी भी तरह की प्रॉब्लम आये तो उसको solve करने आने चाहिए। क्योकि काम करते समय हमें तरह तरह की प्रॉब्लम आ सकती है।

EXPERIENCE SKILL – ये स्किल तो सबसे ज्यादा खास होता है। क्योकि अगर काम करते समय आपको इसकी काफी जरुरत पड़ती है। कब किस तरह की डिजाईन आपको करनी पड़ जाये। उसमे आपको अपनी अनुभव काफी काम आता है जिसमे क्लाइंट को हैंडल करने में भी काफी हेल्प मिल जाता है।

GRAPHIC DESIGN कैसे करे? – HOW TO DESIGN GRAPHICS?

ग्राफ़िक से रिलेटेड काम करने के लिए आपके पास दो रास्ते होते है। पहला तो आप नार्मल किसी मल्टीमीडिया इंस्टिट्यूट से 3, 6 या 12 महीने का कोर्स कर ले। जो की जॉब करने के लिए काफ़ी होते है। और दूसरा है किसी यूनिवर्सिटी से मल्टीमीडिया से रिलेटेड डिग्री कोर्सेज कर ले। जो की और भी बेहतर होता है जॉब करने के लिए क्योकि इसमें आप डायरेक्ट ग्राफ़िक से रिलेटेड डिग्री लेते है।

अगर आपको अच्छी कंपनी में जॉब करनी है तो उसके लिए कम से कम डिग्री होनी चाहिए। या तो नार्मल इंस्टिट्यूट से कोर्स कर के डिग्री कर ले। या फिर डायरेक्ट ग्राफ़िक से रिलेटेड डिग्री कोर्सेज कर ले। जो आपको एक अच्छी कंपनी में जॉब दिलाने में मदद करने वाला है।

वैसे देखा जाये तो आजकल लोग सिर्फ एक दो सॉफ्टवेर पर अच्छे से कमांड कर के भी अच्छी earning कर रहे है। जिसमे की आपने Photoshop, Coreldraw या फिर Illustrator के बारे में सुना होगा। ये सब सॉफ्टवेर मार्किट में हमेशा से ट्रेंड में रहे है। 

आपको इन सब सॉफ्टवेर की बेसिक principle आनी चाहिए। उसके साथ ही कलर थ्योरी, टाइपोग्राफी, कलर ग्रेडिंग और अपनी क्रिएटिविटी होनी चाहिए। जो आपको एक सफल ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने में हेल्प करेगा। 

ग्राफ़िक डिजाईन करने के बाद सैलरी कितनी होती है?

Graphic Design कोर्स करने के बाद आपको एक अच्छा सैलरी मिल सकती है। आज के समय में या फिर आने वाला समय पूरी तरह से डिजिटल का युग होने वाला है। तो उस हिसाब से बात करे तो एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर का मार्किट में काफी डिमांड है।

जिसके लिए लोग अच्छा पे करने को तैयार है। हा लेकिन आपको ग्राफ़िक के बारे मेंwhat is graphic design

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थोडा ठीक ठाक जानकारी होनी चाहिए। तब आप एक अच्छा पैसा earn कर सकते है। इसमें आप कोर्स करने के बाद Fresher के तौर पर मिनिमम Rs. 10,000/- per month सैलरी शुरुआत में पा सकते है।

जैसे जैसे आपको एक्सपीरियंस होते जायेगा आपकी सैलरी increase होती जाएगी। जो की Rs.50k से 1 lakh तक भी हो सकती है। लेकिन ये सब आपके एक्सपीरियंस पर depend करता है। इसके साथ ही आपलोग Freelancer बन कर भी साइड इनकम कर सकते है। या फिर फुल टाइम भी फ्रीलांसिंग कर के पैसा कमा सकते है।

तो सैलरी की बात करे तो एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर अच्छा पैसा कमा सकता है।  

CONCLUSION

Graphic Design क्या होता है और इसको कौन कर सकता है? इसके बारे में आज के पोस्ट में बताया गया है। आशा करता हु आपलोग को ये पोस्ट अच्छा लगा होगा। जिसमे आपको लगभग सारी जानकारी दे दी गयी है। अगर ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे।

ताकि और भी लोग इसके बारे में जान सके। और एक अच्छा ग्राफ़िक डिज़ाइनर बन कर अपने पैरो पर खड़ा हो सके।

धन्यवाद!!

 

 

 

HOW TO SOLVE AN ARRAY QUESTION? | BEST TIPS 2026

array questions

HOW TO SOLVE AN ARRAY QUESTION? – ARRAY QUESTION को SOLVE कैसे करते है?

क्या आप जानना चाहेंगे कि Array Questions को हल करने के लिए सबसे अच्छी मार्गदर्शिका क्या है? बहुत सारे संसाधन हैं जो ऑनलाइन उपलब्ध हैं लेकिन Strivers SDE Sheet सबसे टॉप पर है।

यह Blog Interview के नजरिए से शीर्ष सरणी आधारित समस्याओं को हल करने के लिए SDE Sheet में उल्लिखित कुछ सर्वोत्तम तरीकों पर केंद्रित है।

तो, चाहे आप एक Interview के लिए तैयारी कर रहे हों या DSA के लिए Array सीखने में रुचि रखते हों, यह ब्लॉग Array आधारित समस्याओं को कुशलतापूर्वक हल करने के लिए प्रमुख रणनीतियों और विधियों को शामिल करता है।

लेकिन, इससे पहले कि हम Tips के साथ शुरू करें, हम प्रोग्रामिंग में Array आधारित समस्याओं के बारे में कुछ विवरण साझा करना चाहते हैं और वे एक Interview के दृष्टिकोण से कैसे महत्वपूर्ण हैं।

WHAT ARE ARRAY BASED PROBLEMS?

क्या तुम्हें पता था? ऐरे प्रोग्रामिंग में मूलभूत विषयों में से एक है जो लगभग हर कोडिंग Interview में पूछा जाता है! यह समझना कि तकनीकी Interview में आमतौर पर किस तरह के ऐरे प्रश्न पूछे जाते हैं, उन उम्मीदवारों के लिए बहुत समय बचा सकता है।

जो तकनीकी क्षेत्र में एक DSA डेवलपर जैसे पद पर उतरने की इच्छा रखते हैं।  कोडिंग Interviews में अक्सर पूछे जाने वाले कुछ सामान्य Array प्रश्न दो क्रमबद्ध Arrays को मर्ज करने, एक Subarray में शून्य योग खोजने, या एक ऐरे में एक विशिष्ट तत्व खोजने पर आधारित होते हैं। 

अब, शुरुआती लोगों के लिए Arrays की अवधारणा को कोड करना और Array Question को हल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यही कारण है कि, हमारा अगला खंड आपको यह समझने के लिए समर्पित है कि आप सरल एल्गोरिदम का उपयोग करके ऐरे आधारित प्रश्नों को कैसे हल कर सकते हैं।

HOW TO SOLVE ARRAY QUESTIONS?

एक बार जब आप ऐरे आधारित समस्याओं को हल करने के लिए आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले एल्गोरिदम के प्रकार को समझ जाते हैं, तो Array Question को हल करना आसान हो जाएगा। सबसे अच्छे ऑनलाइन संसाधनों में से एक जिसमें लगभग हर Array Question शामिल है जो उनके उत्तरों के साथ कोडिंग परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण, क्रैकिंग द कोडिंग इंटरव्यू है। 

हमने प्रत्येक तकनीकी स्थिति के इच्छुक उम्मीदवारों द्वारा हल किए जाने वाले कुछ शीर्ष Array Question को चुना है। आइए एक साथ देखें! 

ये भी पढ़े:

FINDING THE MAXIMUM AND MINIMUM ELEMENTS IN AN ARRAY QUESTION

इस Array Problem में जैसा कि यह सुझाव देता है, आपको किसी Array के अधिकतम और न्यूनतम तत्वों के मानों का पता लगाने के लिए कहा जा रहा है। समस्या कथन पर एक नज़र डालें।

Problem Statement

आपको size N की एक Array प्रदान की जाती है। अब, आपका कार्य न्यूनतम संख्या में तुलना करके किसी Array में अधिकतम और न्यूनतम elements को खोजना है। 

Answer Key

किसी ऐरे में अधिकतम और न्यूनतम elements को खोजने के लिए संरचनाओं और पॉइंटर्स का उपयोग करना एक प्रभावी तरीका है। इसके लिए एल्गोरिदम काफी सरल है। आपको बस इतना करना है कि एक संरचना बनाएं और इसे “pair” नाम दें। इस संरचना का उपयोग elements के अधिकतम और न्यूनतम वापसी मूल्यों को संग्रहीत करने के लिए किया जाएगा।  इस समस्या कथन को हल करने के लिए एक और प्रभावी तरीका रैखिक खोज दृष्टिकोण को प्रारंभ करना है।

Linear Search Algorithm

रैखिक खोज एल्गोरिथम को लागू करने की प्रक्रिया पर एक नज़र डालें:

  • पहले दो elements के मानों को क्रमशः न्यूनतम और अधिकतम के रूप में प्रारंभ करके प्रारंभ करें।
  • अब Array के तीसरे element पर विचार करते हुए, न्यूनतम और अधिकतम elements के मूल्यों की तुलना करना शुरू करें और तदनुसार मूल्यों को बदलते रहें।
  • उदाहरण के लिए, यदि पाया जाता है कि मान न्यूनतम से कम है तो आप न्यूनतम element का मान बदल सकते हैं और इसी तरह।

Time Complexity for this approach:

O(n)

Sort an array of 0’s, 1’s and 2’s

अन्यथा Dutch National Flag Problem के रूप में जाना जाता है, 0, 1 और 2 की Array को सॉर्ट करने के लिए आपको sequential order में इन तीन elements वाली दी गई array को सॉर्ट करने की आवश्यकता होती है। समस्या कथन पर एक नज़र डालें।

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Problem Statement:

आपको A नामक एक सारणी दी गई है जिसमें केवल 0, 1 और 2 शामिल हैं। एक फ़ंक्शन दें जो sequential order में array को सॉर्ट करेगा। हमारा मतलब यह है कि सभी 0 को आगे रखा जाना चाहिए, उसके बाद 1 और आगे।

Answer Key:

आप गणना पद्धति का उपयोग करके समस्या विवरण को हल कर सकते हैं।

Counting Approach for sorting 0’s, 1’s and 2’s in an Array

मतगणना दृष्टिकोण को लागू करने के लिए आप निम्नलिखित एल्गोरिथम: 

  • तीन अलग-अलग काउंटरों यानी c0, c1 और c2 को इनिशियलाइज़ करके शुरू करें।
  • c0 काउंटर का उपयोग 0 मानों को संग्रहीत करने के लिए किया जाएगा, c1 काउंटर का उपयोग 1 के मानों को संग्रहीत करने के लिए किया जाएगा और c2 काउंटर का उपयोग 2 के मानों को संग्रहीत करने के लिए किया जाएगा।
  • अगला, आप arrayको पार करना शुरू कर सकते हैं और तत्वों के मूल्यों को उनके संबंधित काउंटरों में संग्रहीत करना जारी रख सकते हैं।
  • एक बार array पूरी तरह से पार हो जाने के बाद, आपको दूसरा ट्रैवर्सल करने और पहले c0 तत्वों के मानों को 0 से बदलने की आवश्यकता होती है।
  • c1 तत्वों और c2 तत्वों के साथ भी ऐसा ही करें।

Finding missing element in an Array

यह समस्या यह पता लगाने से संबंधित है कि क्या किसी array में खाली स्थान है।

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Problem Statement:

एन से 1 तक पूर्णांकों की एक array को देखते हुए, array में लापता पूर्णांक खोजें।

Answer Key:

सरल दृष्टिकोण का उपयोग करके इस समस्या कथन को प्रभावी ढंग से हल किया जा सकता है। 

Algorithm for the Simple Approach:

  • पहले N पूर्णांकों के योग की गणना करके प्रारंभ करें
  • अगला, आप सभी तत्वों के योग को store करने के लिए एक variable sum शुरू कर सकते हैं
  • Array को शुरू से अंत तक complete करें
  • अंत में, योग के मान को अपडेट करें और total sum का उपयोग करके missing number को प्रिंट करें

CONCLUSION 

आपलोग को Arrayquestion से रिलेटेड कुछ डाउट क्बलियर हो गए होंगे। जिसके बारे में उपर बताया गया है। बल सॉर्ट, इंसर्शन आदि जैसे कई Array Algorithm हैं जिनका उपयोग डेटा को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने और उन्हें मेमोरी में स्टोर करने के लिए किया जाता है। 

इन Algorithm को सीखना केवल अभ्यास से आता है और सर्वोत्तम अभ्यास गाइडों में से एक है जिसकी हम सिफारिश कर सकते हैं कि सरणी आधारित समस्याओं को हल करने के लिए Cracking the coding interview को क्रैक करना है। 

यह मार्गदर्शिका आपको न केवल समस्या कथनों के लिए सर्वोत्तम व्याख्या प्रदान करती है, बल्कि यह Interview की तैयारी के लिए भी एक उत्कृष्ट मार्गदर्शिका है।  

WHY 1 KILOBYTE IS 1024 BYTES IN HINDI | कूल गाइड डिटेल्स में

WHY 1 KILOBYTE IS EQUAL TO 1024 BYTES IN HINDI

WHY 1 KILOBYTE IS EQUAL TO 1024 BYTES – क्यों 1 KB में 1024 BYTES ही होते है?

Hello Friends! TechnoGyan में आपका स्वागत करता हु एक नए टॉपिक Why 1 kilobytes is equal to 1024 bytes in Hindi के साथ। आज हम आपको बताएँगे की किसी भी Memory Card या Hard Disk या Pen drive में जो भी Data का Calculation होता है उसमे 1024 Number का ही use  क्यों किया जाता है, क्यों नहीं 1000 का use किया जाता है.

हम आपको इसके बारे में काफी आसान तरीके में बताएँगे जिसमे मुझे यकीन है की आपको हमारी यह नयी पोस्ट पसंद आयेगी। और आपलोगों का उलझन दूर हो जाएगी। तो चलिये जानते है Why 1 kilobytes is equal to 1024 bytes in Hindi.

अगर आपसे कोई पूछता है तो आप उसको काफी आसान तरीको से उसको समझा सकते है. तो चलिए आगे बढ़ते है और इसको Practically समझते है. बहुत से लोग सोचते हैं कि 1 MB  में 1000 KB होते हैं। क्योंकि, “1 किलो” का अर्थ 1000 होता है। ज्यादातर मामलों में, यह अनुमान लगाने के लिए यह अनुमान ठीक है कि फ़ाइल कितनी जगह लेती है या आपके पास कितनी डिस्क स्थान है।

जरूर पढ़े: 

लेकिन 1 MB में वास्तव में 1024 KB होते हैं। इसका कारण यह है कि कंप्यूटर Binary Number System पर काम करता हैं। इसका मतलब है कि हार्ड ड्राइव और मेमोरी 2 की Base में Measure किया जाता है। क्योंकि जितने भी Devices digitally काम करते है वो मात्र दो Digit 0 और 1 समझते हैं. इसलिए हमारा memory हमेशा 2 के पॉवर में available होता है जैसे 210 = 1024.

Strontium Ammo 32GB 2.0 USB Pen Drive (Silver)

हमारे जितने भी digitally work करने वाले devices होते है वो सभी में same यही फार्मूला सेट होता है. जैसे की HDD, Pendrive या Memory card हुआ. ये सभी में same concept use किया जाता है.

FOR EXAMPLE :

  • 20 =     1
  • 21 =     2
  • 22 =     4
  • 23 =     8
  • 24 =     16
  • 25 =     32
  • 26 =     64
  • 27 =     128
  • 28 =     256
  • 29 =     512
  • 210 =     1024

ध्यान दें कि कैसे 210 = 1024 है। इसलिए, 210  या 1024 Bytes 1 Kilobyte बनाते हैं। इसके अलावा, 1024 Kilobyte 1 Megabyte बनाते हैं, और 1024 Megabyte 1 Gigabyte बनाते हैं। Practically सोचने के लिए, हम 1024 से 1000 का अनुमान लगा सकते हैं। इस तरह हम अपने दोस्तों के बिच ऐसे सवालों का जवाब देकर अपने आप को group में अलग दिखा सकते हैं।

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CONCLUSION :

आज हमलोग ने सिखा की Why 1 kilobytes is equal to 1024 bytes in Hindi. इसमें मैंने आपलोग को बताये की किस तरह से Pendrive या memory card का size हमारे कंप्यूटर में कम दिखाई देता है.

Tash Game के बारे में डिटेल में जानने के लिए यहाँ क्लिक करे : Tash wala game 

तो दोस्तों बताइए ये Content कैसा लगा. अगर कैलकुलेशन समझ न आये तो हमें कमेंट कर के पूछ सकते है. और अपने बिचार हमारे साथ शेयर करे। जिससे मैं जान सकू की आपलोग को मेरा ब्लॉग कैसा लग रहा है, और आप को Tech से Related जो भी Questions है, आप मुझसे पूछ सकते है या अपने बातो को हमारे ब्लॉग के जरिये शेयर कर सकते है। तो कृपया कमेंट जरुर करे या mail करे.

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BASIC COMPUTER TROUBLESHOOTING IN HINDI

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

BASIC COMPUTER TROUBLESHOOTING IN HINDI – COMPUTER TROUBLESHOOTING हिंदी में.

Basic Computer Troubleshooting in Hindi. हेल्लो friends कैसे है आपलोग? आज मैं एक नये topic पर बात करेंगे और वो है, एकदम basic computer troubleshooting और वो भी काफी easy way में. जिससे सभी को समझने में काफी आसानी हो.

तो चलिए आगे देखते है और टॉपिक की शुरुवात करते है. जो है Basic Computer Troubleshooting in Hindi.

वैसे अगर हमारा computer चलते चलते बंद हो जाये या जब open करे तो न चले. इस condition में हम या तो technician के पास जाते है या shop पर cpu लेकर जाते है. इस तरह से हमारा system तो सही हो जाता है. लेकिन हम जानते है न इससे कितने time की बर्बादी होती है. उस समय में हम कितना सारा काम निपटा सकते है.

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तो ऐसे condition से बचने के लिए मैं कुछ basic troubleshoot के बारे में बताऊंगा. जिससे की आप अपने से भी अपने computer को ठीक कर पाए. और अपना समय और पैसा बचा पाए.

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

Image of Basic Computer Troubleshooting in Hindi

जब भी हमलोग troubleshooting करते है तो एक बात का ध्यान जरुर रखे, और वो है इनफार्मेशन इकठा करना की वो problem कब और किस condition में start हुई होगी? तो सबसे पहले हमें problem को समझना है. तभी हम अपने computer का troubleshoot अच्छे से कर पाएंगे.

जैसे की computer में डिस्प्ले नहीं आ रहा हो. तो ऐसे में computer को बिना खोले कुछ बेसिक points को check करेंगे जो की निम्न है :

  • पावर सॉकेट में पावर है की नहीं ?
  • पावर स्विच ऑन है की नहीं ?
  • SMPS का power cable सही से लगा है की नहीं ?
  • क्या हमारा UPS On है?
  • AC supply की वोल्टेज को check करेंगे ?
  • Power cable को मल्टीमीटर से जांच लेंगे की proper work कर रहा है या नहीं ?
  • LED जल रहा है या नहीं ?
  • मॉनीटर का स्विच ऑन है की नहीं ?
  • SMPS का on/off switch को जांच लेंगे ?
  • SMPS का फैन चल रहा है या नहीं ?
  • मॉनिटर VGA cable सही से लगी है की नहीं ?
  • सीपीयू fan घूम रहा है या नहीं ?
  • Front panel connection की जांच करें कि वह सही से लगे हैं या नहीं?
  • SMPS के output voltage की जांच करें जैसे की power good वोल्टेज ATX power connector वोल्टेज की जांच करें|
  • मदरबोर्ड पर लगे सभी add on card की जांच कर लेंगे कि वह सही से लगे है या नहीं ?
  • RAM का connection proper हुआ है की नहीं ?
  • मदरबोर्ड कैबिनेट से शार्ट तो नहीं हो रहा है जैसे की बोर्ड कही physically कैबिनेट में टच तो नहीं हो रहा ?
  • हार्ड डिस्क के data cable सही से लगे हैं या नहीं जांच कर ले ?
  • अगर कोई बीप आ रही है तो उससे भी काफी आसानी से troubleshoot किया जा सकता है.

RAM से RELATED PROBLEM

अगर RAM से related problem है तो उस condition में हमारे computer में नो डिस्प्ले आएगा. तो उसके लिए हमें RAM को निकाल कर अच्छे से उसके golden वाले part को साफ करना होगा. उसको साफ करने के लिए सबसे अच्छा होता eraser. जिससे golden वाले part को अच्छे से रगर के साफ करना होता है. keylogger क्या है इससे कैसे बचा जा सकता है जानिए डिटेल्स में.

उसके बाद आपके computer में डिस्प्ले show करने लगेगा. अगर इससे भी न आये तो उस golden वाले part को Iso-propyle solution से साफ करके लगाये.

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

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जरूर पढ़े: 

CPU से RELATED PROBLEM

वैसे तो processor बहुत कम ही खराब होते है ज्यादातर computers में problem का main reason होता है उसमे सही तरह से  Configuration का न होना. हमारा computer start तो हो जाता है लेकिन कुछ कुछ समय पर restart या ऑफ हो जाता है. तो ऐसे में कुछ points तो हम check करेंगे जैसे :

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

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  • CPU fan घूम रहा है या नहीं.
  • अपने CPU के voltage की जाँच करेंगे.
  • CPU के उपर अच्छे से heat सिंक लगा है या नहीं.
  • अगर heat सिंक लगा है तो उसके और processor के बिच में थर्मल paste लगा है की नहीं.

SMPS से RELATED PROBLEM

Computer पूरी तरह dead है या इसमें किसी भी तरह की कोई LED glow नहीं कर रही है तब निम्न step को देखेंगे :

  • सबसे पहले तो अपने Wall socket को check कर लेंगे की उसमे power आ रही है या नहीं .
  • उसके बाद power cable को digital multimeter से continuity के लिए check करेंगे की cable में problem तो नहीं है.
  • अगर cable भी सही है तो उसके बाद का step है की हमे कैबिनेट खोलके SMPS को check करना होगा
  • अब SMPS में ATX connector के green और black cable को short करा कर देखेंगे अगर short करने पर SMPS का fan on हो जाये इसका मतलब हमारा SMPS सही है

smps ka troubleshoot

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  • अगर short करने पर SMPS का fan न चले तो इसका मतलब ये नहीं की SMPS ख़राब है, उसके बाद SMPS के cable का voltage एक एक करके check कर लेंगे. जैसे yellow के लिए +12V red के लिए +5V और ऑरेंज के लिए +3.3V अगर ये आएगा तो इसका मतलब है SMPS सही है. उसका fan ख़राब होगा.
  • SMPS के ATX connector में Voilet कलर के cable को +5V के लिए check कर लेंगे. जो की stand by mode में होते है. अगर ये बताये तो भी हमारा SMPS सही है.

हार्ड डिस्क से RELATED PROBLEM

अगर हार्ड डिस्क हमारे computer में डिटेक्ट न हो तो निम्न step को follow करेंगे :

  • सबसे पहले तो BIOS सेटिंग में जाकर देखेंगे की वहां पर HDD का सेटिंग first boot device पर set है की नहीं.
  • HDD का सेटिंग Enable or Disable के लिए check करेंगे.
  • HDD के power cable को अच्छे से check कर लेंगे की ठीक से लगा है या नहीं.
  • हार्ड डिस्क के data cable की connectivity को अच्छे से देख लेंगे.
  • HDD के jumper setting देख लेंगे की सही से लगा है की नहीं.

hdd rapairing

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BEST PC REPAIR TOOLKITS

Basic Computer Troubleshooting जानने के बाद आपलोग को अच्छे टूल्स की भी जरुरत पड़ेगी. इसलिए मै आपलोगों को ये भी बताने वाला हु की कौन सा टूलकिट use करना सही होगा. मैंने जितने भी निचे toolkit के बारे में बताया हूँ. वो लगभग सारे मै पर्सनली use कर चूका हूँ या बहुत कर भी रहा हु.

जिनका site पर परफॉरमेंस काफी ही अच्छा रहता है. आपलोग एक बार निचे दिए link पर जाकर देखे. और अच्छा लगे तो खरीद कर अपना खुद का business जल्द से जल्द शुरू करे. ताकि आपलोग अपने पैरो पर खड़ा हो सके. और अपने लिए नए मुकाम हाशिल कर पाए.

BEST COMPUTER HARDWARE TOOLKIT

COMPUTER NETWORKING TOOLKIT

नोट : उपर में जितने भी टूल्स के बारे में बताया हूँ. वो सारे एक बेसिक टूल्स है जिससे आप अपना business स्टार्ट कर सकते है. बस कुछ पैसा लगा कर. मै बहुत जल्दी आपलोग के लिए एडवांस टूल्स के बारे में भी बताने वाला हूँ. आप हमारे साथ बने रहे और ऐसे जानकारी पाते रहे.

ये सारे लिस्ट में सबसे अच्छा टूल के बारे में बताया गया है. जो काफी अच्छे quality के बने है और long lasting चलने वाले है.

CONCLUSION:

दोस्तों आशा करता हु आज आपलोगों को ये पोस्ट जरुर बढ़िया लगा होगा. क्योंकि इसमें Basic Computer Troubleshooting के बारे में बताया गया है जिससे की आपलोग अपने बेसिक problem को ठीक करने में मदद मिलेगी. अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगे तो इसको आगे share करना न भूले.

और कुछ सुझाव लगे तो हमें जरुर बताये. जिससे मैं अपना ब्लॉग में और कुछ सुधार कर पाऊं. और आगे का पोस्ट और बेहतर तरीके से आपलोगों के सामने ला पाऊं.

Thank You!!!

WHAT IS COMPUTER AND TYPES OF COMPUTER IN HINDI

types of computer

What is computer and Types of Computer in hindi के बारे में आज सिखने वाले है। आपने अपने जीवन मे कंप्यूटर का इस्तेमाल किया ही होगा। और शायद कंप्यूटर चलाने के बारे अच्छी जानकारी भी होगी। लेकिन क्या आपको कंप्यूटर के फुल्फॉर्म, कंप्यूटर के टाइप और कंप्यूटर की अलग अलग generation की जानकारी है?

अगर नहीं पता तो यह पोस्ट ज़रूर पढ़ें।

COMPUTER क्या है? (TYPES OF COMPUTER IN HINDI) 

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो कि यूजर द्वारा इनपुट किये गए डाटा/ निर्देशों को प्रोसेस करके उसका रिजल्ट आउटपुट के रूप में देता है।

Computer शब्द की उत्पत्ति ‘Compute’ शब्द से हुई है जिसका मतलब है ‘गणना करना’। लेकिन यह इतने में ही सीमित न होकर आज हमारे किसी भी तरह के डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक कामों काम आता है। जिससे इसका हर क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। जैसे की:-

  • इंटरनेट
  • साइंस एंड टेक्नोलॉजी
  • डिफेंस
  • एजुकेशन
  • एंटरटेनमेंट
  • बिज़नेस
  • गवर्मेन्ट एंड प्राइवेट सेक्टर

इन्ही के साथ लगभग सभी फ़ील्ड्स में कंप्यूटर का इस्तेमाल हो रहा हैं। अपनी processing Speed, हाई स्टोरेज कैपेसिटी, स्वचालन(Automation), Accuracy, विश्वसनीयता(Reliability) और सार्वभौमिकता(Versatility) के कारण आज यह इंसान के जीवन का हिस्सा बन चुका है।

Computer का फुलफॉर्म क्या है?

Computer का full form है।

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P – Particularly

U – Used for

T – Technical and

E – Educational

R – Research

कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है? (TYPES OF COMPUTER IN HIDNI)

कंप्यूटर कई तरह के होते हैं जिन्हें आकार और क्षमता(Capacity) के आधार पर 4 कैटेगिरी में बांटा जाता है।

मिनी कंप्यूटर –

मिनी computer, super computer और mainframe से छोटे, सस्ते और कम power के होते थे पर personal computer से बड़े और ज़्यादा पावर वाले होते थे। इनका इस्तेमाल scientific और engineering computations के काम में, business transaction प्रोसेसिंग और database management में किया जाता था।

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माइक्रो कंप्यूटर/पर्सनल कंप्यूटर –

Micro या personal computer में micro processor ही इसका सेंट्रल processing यूनिट (CPU) होता है। इसके अंदर CPU, Memory और कम से कम इन्पुट/आउटपुट devices एक single printed circuit board से जुड़ी होती है। रोज़ मर्रा के इस्तेमाल में यही पर्सनल कंप्यूटर आते है, ये आज आपको ज़्यादातर office और घरो में मिल जाएगे। कंप्यूटर क्या है और types of computer.

मेनफ़्रेम कंप्यूटर –

Mainframe computer बड़ी organization द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। इसका काम बहुत ज़्यादा data को process करना होता है जैसे की censuses, industry और consumer की जानकारिया जमा करना होता है।

सुपर कंप्यूटर –

Supercomputer की performance दूसरे किसी भी तरह के computer से बहुत तेज़ होती है। supercomputer के अंदर हज़ारो processor लगे होते है जो एक second में करोड़ो calculations कर सकते है। What is MAC Address in computer.

पर्सनल कंप्यूटर भी 3 तरह के होते है।

  1. डेस्कटॉप
  2. लैपटॉप
  3. पॉमटॉप कंप्यूटर।

डेटा हैंडलिंग के आधार पर computer के 3 प्रकार है।

  1. एनालॉग कंप्यूटर
  2. डिजिटल कंप्यूटर
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर

हाइब्रिड कंप्यूटर में एनालॉग व डिजिटल दोनों कम्प्यूटर के गुण होते हैं।

Computer के कितने भाग होते हैं? (TYPES OF COMPUTER)

Computer को 2 भागो में बांटा जाता है।

  1. Hardware
  2. Software

HARDWARE क्या होता है?

types of computer

Image of What is computer and types of computer in hindi

कंप्यूटर के वे भाग जिन्हें हम देख या छू सकते हैं कंप्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं। जैसे- कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर, मॉनिटर, सीपीयू, मदरबोर्ड, हार्ड डिस्क, रैम, रोम, स्पीकर, पेन ड्राइव, वेबकैम आदि।

कंप्यूटर हार्डवेयर की मदद से हम कंप्यूटर को चला पाते हैं। सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर व हार्डवेयर के बीच तालमेल बिठाता है। अपने कंप्यूटर को troubleshoot करने के लिए इस लिंक पर जरुर क्लिक करे।

इन हार्डवेयर्स को हम दो भागों में बाँट सकते हैं।

  1. इंटरनल हार्डवेयर- इसमें वे हार्डवेयर्स आते हैं जो कि कम्यूटर के अंदर इस्तेमाल किये जाते हैं। जैसे- मदरबोर्ड, ग्राफिक कार्ड, सीडी राइटर, हार्ड डिस्क, रैम, रोम आदि।
  1. एक्सटर्नल हार्डवेयर- इसमें वे हार्डवेयर आते हैं जो कंप्यूटर से बाहर से जुड़े होते हैं। यह तीन तरह के होते हैं, इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस, पेरिफेरल डिवाइस आदि। इसमें कीबोर्ड , माउस, प्रिंटर, लाइटपेन, स्पीकर, मॉनिटर,पेन ड्राइव, सीडी, मॉडेम आदि आते हैं।

Working के हिसाब से hardware devices को 4 भागो में बांटा जाता है।

  1. इनपुट डिवाइस- जिन डिवाइस के ज़रिए कंप्यूटर में डेटा इनपुट किया जाता है उसे इनपुट डिवाइस कहते हैं। जैसे- कीबोर्ड, माउस, जॉयस्टिक, लाइटपेन, स्कैनर आदि।
  1. आउटपुट डिवाइस- जिन डिवाइसों के ज़रिए कंप्यूटर से आउटपुट प्राप्त किया जाता है उसे आउटपुट डिवाइस कहते हैं। जैसे- मॉनिटर, प्रिंटर, प्लॉटर, स्पीकर आदि।
  1. प्रोसेसिंग डिवाइस- कंप्यूटर में जिस डिवाइस के ज़रिए डाटा को प्रोसेसिंग की जाती है उसे प्रोसेसिंग डिवाइस कहते हैं। जैसे- सीपीयू।
  1. स्टोरेज डिवाइस- कंप्यूटर के जिन डिवाइस में डाटा को स्टोर किया जाता है उसे स्टोरेज डिवाइस कहते हैं। इसके दो भाग होते है प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस और सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस।

इसमें रैम एक प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस है। जबकि फ्लॉपी डिस्क, सीडी, पेन ड्राइव आदि सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है।

SOFTWARE क्या होता है?

types of computer

Image of What is computer and types of computer in hindi

कंप्यूटर में डेटा, निर्देशों व प्रोग्राम के समूह को हम सॉफ्टवेयर कहते हैं। यह कंप्यूटर का वह हिस्सा होता है जिसे हम देख या छू नहीं सकते।

सरल भाषा मे कहें तो सॉफ्टवेयर, निर्देशों का वह समूह होता है जो कंप्यूटर को यह बताता है कि उसे क्या करना है।

एक कंप्यूटर विशेष सॉफ्टवेयर्स पर काम करता है और बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर बस एक बॉक्स की तरह है। एक तरह से यह कंप्यूटर के अंदर जान भर देता हैं। जिससे हम कंप्यूटर से आसानी से कम्युनिकेट कर पाते हैं औऱ इसका इस्तेमाल कर पाते हैं।

सॉफ्टवेयर को दो पार्ट्स में बाँटा जा सकता है।

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर

यह कंप्यूटर सिस्टम का संचालन करता है। यह कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के बीच तालमेल बिठाता है। जिससे यूजर किसी विशेष काम के लिए ऍप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को चला सके। यूजर इसका डायरेक्ट इस्तेमाल नही कर सकते, यह कंप्यूटर के बैकग्राउंड में अपने आप चलता रहता है

और कंप्यूटर के बुनियादी कार्यों को संभालता है। ओपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर का ही उदाहरणहै। जैसे- Windows, Linux, MAC, Ubuntu आदि।

2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

यह एक प्रोग्राम होता है जो यूजर के द्वारा किसी विशेष काम के लिए डायरेक्ट इस्तेमाल किया है। सिस्टम सॉफ्टवेयर केवल इसे चलाने में सहायता प्रदान करता है। आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाले आइकॉन, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ही हैं।

कंप्यूटर पर अलग अलग कार्य के लिए अलग अलग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं। यह तभी चलते हैं जब किसी काम के लिए हम इसका इस्तेमाल करते हैं।

कम्प्यूटर कैसे काम करता है? (HOW TO WORK COMPUTER IN HINDI)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो केवल मशीनी भाषा ( 0 व 1 ) को ही समझता है। कंप्यूटर एक ख़ास ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करता है जो कि इसी मशीनी भाषा मे बनाया गया होता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर की ही तरह होता है जो कंप्यूटर को हमारी भाषा समझने में मदद करता है। औऱ हमें उसकी भाषा समझने में मदद करता है।

कंप्यूटर के काम करने का तरीका हम तीन स्टेप में समझ सकते हैं।

  • इनपुट
  • प्रोसेसिंग
  • आउटपुट

जब हम इनपुट डिवाइस के ज़रिए कोई अपनी भाषा मे कोई डेटा इनपुट करते हैं। तो ऑपरेटिंग सिस्टम का सॉफ्टवेयर उसे मशीनी भाषा मे कन्वर्ट करके सीपीयू को भेज देता है। सीपीयू उस डेटा की प्रोसेसिंग करके रिजल्ट को पुनः हमारी भाषा मे कन्वर्ट करके आउटपुट डिवाइस के ज़रिए हमें आउटपुट दे देता है।

जब हम किसी डेटा को कंप्यूटर में स्टोर करते हैं तो कंप्यूटर उस डेटा को 0 व 1 के रूप में कन्वर्ट करके सेव कर लेता है। जब भी हमें उस डेटा की ज़रूरत पड़ती है कंप्यूटर पुनः उसे हमारी भाषा मे कन्वर्ट करके आउटपुट दे देता है। आपलोग पढ़ रहे है कंप्यूटर क्या है और types of computer के बारे में।

आधुनिक कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (GENERATION OF COMPUTER)

पहले आधुनिक कंप्यूटर से लेकर अब तक कंप्यूटर में हुए विकास को पाँच पीढ़ियों में बाँटा जा सकता है।

पहली पीढ़ी (1946-1956)

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था। प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटरो की शुरुआत 1946 में (ENIAC-Electronic Numerical Integrator And Computer) नाम के कंप्यूटर से हुई थी।

इस पीढ़ी में ENIAC के साथ साथ EDSEC, EDVAC,  UNIVAC , UNIVAC-1 आदि कम्प्यूटरों को निर्माण हुआ था।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े औऱ क़ीमत में बहुत महंगे होते थे। इनकी स्पीड और मेमोरी भी बहुत कम होती थी।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के लक्षण कुछ इस तरह के हैं-

  1. वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल
  2. पंचकार्ड का इस्तेमाल
  3. स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक ड्रम का इस्तेमाल
  4. मशीनी और असेम्बली लैंग्वेज में प्रोग्रामिंग
  5. अधिक एयर कंडीशनरों का इस्तेमाल

दूसरी पीढ़ी (1956-1964)

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैक्यूम ट्यूब की जगह विलियम शॉकले द्वारा बनाये हुए ट्रांसिस्टर का इस्तेमाल किया जाने लगा। जिसकी वजह से इस पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में पहले से छोटे और स्पीड में अधिक तेज़ हो गए।

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो के लक्षण थे-

  1. ट्रांसिस्टर का इस्तेमाल
  2. आकार में छोटे और तेज़
  3. ऊर्जा की कम ख़पत
  4. COBOL और FORTRAN जैसी हाई लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल
  5. स्टोरेज डिवाइस , प्रिंटर और ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल
  6. पहली पीढ़ी की तुलना में अधिक सस्ते।

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तीसरी पीढ़ी (1965-1971)

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में IC यानी integrated circuits का इस्तेमाल किया जाने लगा। इस IC को जैक किल्बी ने बनाया था। इंटेग्रेटेड सर्किट वाले इस पीढ़ी में ICL 2903, ICL 1900, System1360  और UNIVAC 1108 आदि तरह के कंप्यूटर बनाये गये।

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों के लक्षण थे-

  1. आसान रख रखाव व पोर्टेबिलिटी
  2. पहले की पीढ़ियों के कम्प्यूटरों की तुलना में आकार व वजन में बहुत कम
  3. हाई लेवल लैंग्वेज बड़े स्तर पर प्रयोग।
  4. अधिक विश्वसनीय

चौथी पीढ़ी (1971-1985)

इस पीढ़ी में इंटेग्रेटेड सर्किट को कहीं ज्यादा डेवेलप करके उसका विकसित रूप माइक्रोप्रोसेसर बनाया। यह लगभग तीन लाख ट्रांसिस्टरों के बराबर काम करती थी। जिससे सीपीयू बहुत अधिक छोटा हो गया। इस पीढ़ी के कंप्यूटरों को विशेष तौर पर माइक्रोकंप्यूटर कहा गया।

ALTAIR 8800 इस पीढ़ी का पहला कंप्यूटर था। इसी कंप्यूटर पर बिल गेट्स ने बेसिक लैंगवेज को स्थापित किया। इसमें सफलता के बाद बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की भी स्थापना किया।

इस पीढ़ी के कंप्यूटरों के लक्षण हैं-

  1. आकार में बहुत छोटा हो गया।
  2. सस्ती कीमतों में आसानी से उपलब्ध
  3. बहुत अधिक गति और अधिक मेमोरी क्षमता
  4. कंप्यूटर नेटवर्क का विकास

पाँचवी पीढ़ी (1985 से अबतक)

इस पीढ़ी में वर्तमान के सभी शक्तिशाली कंप्यूटरो और भविष्य में आने वाले कम्प्यूटरों को शामिल किया जाएगा। इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैज्ञानिक कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता (Artificial Intelligence) को डालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस पीढ़ी में कंप्यूटरो का आकार और वजन भी लगातार कम करने का प्रयास जारी है। What is computer and types of computer in hindi.

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My basic information:

https://indianmarketer.in

मेरे नाम Umair है। मेने engineering की है और blogging करना मेरी hobby है। अपनी सोच को शब्दों में लिखना और खुद सीखते हुए दुसरो को कुछ सिखाने का मज़ा ही कुछ और है। मेरी बाकी पोस्ट Indian-marketer ब्लॉग पर है।

CONCLUSION

What is computer and Types of Computer in hindi के बारे में आपलोग अच्छी जानकारी मिली होगी। जिससे आपलोग का बेसिक कंप्यूटर से रिलेटेड सारे इनफार्मेशन मिल गए होंगे। ऐसे ही और भी पोस्ट पढने के लिए हमें जरुर follow करे।

अगर ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे। जिससे बाकी लोगो तक भी ऐसे जानकारी पहुँच सके। आपलोग हमें फेसबुक पर भी follow कर सकते है। कुछ भी डाउट हो तो हमें डायरेक्ट mail कर के पूछ सकते है।  

ALL COMPUTER SHORTCUT KEY IN HINDI | BEST GUIDE IN 2026

computer shortcut key

आज के इस पोस्ट में हमलोग All Computer shortcut key के बारे में जानेंगे। जिसमे मै लगभग सारे कंप्यूटर के shortcut key को cover करने की कोशिश करने वाला हूँ। सभी लोग जानते है की आज के समय में कंप्यूटर का use कितना हो रहा है। तो ऐसे में सब चाहते है की मै अपना काम कितना fast तरीके से कर सकू।

तो ऐसे में अगर आपको कंप्यूटर पर तेज काम करना है तो फिर आपको इसके shortcut अच्छे से आने चाहिए। जितना अधिक आपको इस पर command होगा उतना ज्यादा आप अपने काम को fast कर पाएंगे। तो बने रहिये इस पोस्ट पर और All Computer shortcut key का पूरा ज्ञान लीजिये।

ALL COMPUTER SHORTCUT KEY IN HINDI | COMPUTER SHORTCUT KEY के पूरा डिटेल्स 

सबसे पहले हमलोग ये जानते है की कंप्यूटर में shortcut key क्या होते है? कंप्यूटर में जब हम कोई command देने के लिए माउस का use करते है या कोई और तरीके से command देते है। तो ऐसे में command तो पूरा हो जाता है लेकिन उसको करने में थोडा लॉन्ग process लग जाता है।  

all computer shortcut key

तो ऐसे में कंप्यूटर को command देने के लिए हमलोग shortcut key का use करते है। जिसमे हमलोग कीबोर्ड से कुछ बटन press कर के अपना command को shortcut तरीके से पूरा कर पाते है। जिसको काफी fast तरीके से हम कर लेते है। 

कंप्यूटर में command देने के लिए माउस को बनाया गया है। लेकिन अगर आपको shortcut key पर command हो जाती है तो फिर आप कीबोर्ड से ही 70%-80% काम बिना माउस का use कर सकते है। जिससे आप अंदाजा लगा सकते है की आपका काम कितना fast हो जायेगा। 

All computer shortcut key वास्तव में कुछ keys के समूह को कहा जाता है। जिसमे दो या दो से अधिक key को एक साथ प्रेस कर के command को पूरा कराया जाता है। जिसमे Shift, Ctrl, Alt के साथ कुछ और key को plus कर के command को perform कराया जाता है।

जैसे की कुछ भी हमें copy करना है तो Ctrl + C एक साथ press करने से हमारा command रन हो जाता है। और जो भी file या folder को copy करना है वो copy हो जाता है।

ALL COMPUTER SHORTCUT KEY के ADVANTAGE के बारे में जाने

इनके advantages निम्न है:

  • सबसे पहला फायदा ये है की हमलोग चाहे तो बिना माउस के ही अपने कंप्यूटर को चला सकते है।
  • कंप्यूटर में काम करने के speed काफी बढ़ जाती है।
  • कोई भी कार्य करने में काफी कम समय लगेगा। क्योकि हमलोग shortcut key का use कर रहे होते है।
  • कीबोर्ड पर काम करने की capacity काफी हद तक बढ़ जाती है।

BEST ALL COMPUTER SHORTCUT KEY जिसका USE GENERALLY किया जाता है

TAB KEY

इस key से हम letters के बीच में एक साथ ज्यादा गैप देने में use करते हैं । उसके साथ ही अगर हम कोई form fill कर रहे हो तो वैसे में tab की हेल्प से हम एक ब्लाक से दुसरे ब्लाक में जम्प कर सकते है । वो भी बिना माउस का use किये बिना ।

CAPS LOCK KEY

इसके हेल्प से हम अपने letter को permanent छोटा या बड़ा लिख सकते है । जैसे की अगर caps lock on है तो उसके बाद हम कुछ भी लिखेंगे तो वो बड़े letter में ही लिखायेगा ।

CTRL KEY

ये एक कमांड Key है जिसका use हमलोग अलग अलग तरह के कमांड Key के साथ करते है

SPACE BAR KEY

इसका अलग अलग use होता है । अगर हम word में या कही कुछ टाइप कर रहे है तो वैसे में space bar से हम दो letter के बीच में एक गैप देने के लिए use करते है । और अगर कोई साईट ओपन कर के देख रहे है तो वैसे में space bar press करने से पेज डाउन होगा । और अगर shift के साथ space bar को प्रेस करते है तो पेज up होता है ।

COPY और PASTE

कोई भी text या folder को copy करने के लिए हम Ctrl + C command का use करते है। और उसको कही भी paste करना होता है तो ऐसे में हम Ctrl + V press करते है। जिससे वो copy हुआ चीज paste हो जाता है। 

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HOME और END KEY

Ctrl के साथ End Key press करने से हम डायरेक्ट पेज के लास्ट में चले जाते है । और Ctrl के साथ Home Key press करने से हम उस पेज के स्टार्ट में चले जाते है ।

UNDO और REDO

किसी text को undo करने के लिए Ctrl + Z एक साथ press करना होता है जबकि Redo करने के लिए Ctrl + Y एक साथ press करना होता है

ESC KEY

किसी भी ओपन प्रोग्राम से बाहर आने के लिए इस key का use करते है।

ALT + TAB

ओपन windows के बीच switch करने के लिए 

WINDOWS KEY क्या है और इसका USE कैसे होता है?

all computer shortcut key

Image of all computer shortcut key in hindi

Windows key से हमलोग काफी वर्क को perform कर पाते है। ये कीबोर्ड में लेफ्ट side में निचे दिया हुआ होता है। ये basically Ctrl और Alt के बीच में होता है। जिसपर windows का logos बना होता है। ये किसी किसी कीबोर्ड में दोनों side में होता है जिससे काम करने में और भी आसानी हो जाती है। 

इस key का हमलोग computer shortcut key के रूप में काफी use करते है। ये एक काफी ही important key है। आइये इसको डिटेल में देखते है।

All computer shortcut key में Windows key का use

1. WINDOWS KEY

इस key के हेल्प ही डायरेक्ट start menu को access कर पाते है ।

2. WINDOWS KEY+D

इस command के हेल्प से अपने pc में ओपन सारे प्रोग्राम को एक साथ मिनीमाइज कर सकते है ।

3. WINDOW KEY +E

इससे my computer के file explorer को access कर सकते है ।

4. WINDOW KEY +I

कंप्यूटर के सेटिंग को ओपन करने के लिए इस command का use करते है ।

5. WINDOW KEY + L

इसके हेल्प से हम कंप्यूटर को लॉक कर सकते है या अपने different user को access करने का भी आप्शन मिल जाता है।

6. WINDOW KEY + R

इससे कंप्यूटर के Run command को access करते है। Run Command का use कर के हमलोग और भी shortcut का use कर सकते है। Run command के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे। Windows run command prompt के बारे में जाने। 

7. WINDOW KEY + S

इसके हेल्प से डायरेक्ट कंप्यूटर के search आप्शन को access कर पाते है। जिसको स्टार्ट menu से access किया जाता है ।

8. WINDOW KEY + X

इसके हेल्प से हम डायरेक्ट apps and features, Task manager, System, Device Manager इत्यादि जैसे options को एक साथ access कर सकते है ।

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9. WINDOW KEY + NUMBER KEY

इसके हेल्प से Taskbar  में पिन किया हुआ apps को नंबर के हिसाब से ओपन कर सकते है । जैसे की 2 नंबर पर कैलकुलेटर को पिन किये है । तो उसको ओपन करने के लिए हमें Windows key + 2 एक साथ press करना होगा क्योकि 2 नंबर पर ही कैलकुलेटर है।

10. WINDOW KEY + TAB

ये साथ में press करने से एक से ज्यादा ओपन किये हुए प्रोग्राम को आसानी से दुसरे प्रोग्राम पर switch कर सकते है ।

11. WINDOW KEY + UP ARROW KEY

इसके हेल्प से हम छोटा एप्लीकेशन window को बड़ा कर सकते है ।

12. WINDOW KEY + DOWN ARROW KEY

इससे maximize windows को छोटा कर सकते है ।

13. WINDOW KEY + RIGHT ARROW KEY

इससे हम अपने windows के स्क्रीन को right में show करा सकते है ।

14. WINDOW KEY + LEFT ARROW KEY

इससे हम अपने windows के स्क्रीन को Left  में show करा सकते है ।

15. WINDOW KEY + CTRL + D

ये एक यूनिक feature है जिसके हेल्प से हम एक से ज्यादा डेस्कटॉप ऐड कर सकते है ।

16. WINDOW KEY + SPACE

इसके हेल्प से pc में use हो रहे एक से ज्यादा इनपुट लैंग्वेज को switch कर सकते है ।

17. WINDOW KEY + “+”

window key और (+) sign को एक साथ press करने से कंप्यूटर स्क्रीन को zoom कर सकते है ।

18. WINDOW KEY + “-”

window key और (-) sign को साथ press करने से कंप्यूटर स्क्रीन को zoom out कर सकते है ।

F1 से F12 FUNCTION KEY का USE

computer shortcut key

Image of all computer shortcut key in hindi

F1 FUNCTION KEY

इससे हम कोई भी ओपन software या एप्लीकेशन के हेल्प और सपोर्ट में जा सकते है ।

F2 FUNCTION KEY

कोई folder या file को rename करने के लिए F2 key का use करते है । इसमें condition ये रहता है की वो file या folder select होने चाहिए । तभी ये shortcut key काम करेगा ।

F3 FUNCTION KEY

इस key की हेल्प से हम search option को ओपन कर सकते है ।

F4 FUNCTION KEY

Alt + F4 एक साथ press करने से कोई भी ओपन प्रोग्राम क्लोज हो जाता है । और अगर desktop स्क्रीन पर इस command का use करेंगे तो फिर शटडाउन का आप्शन मिलेगा । जिससे हम pc को बंद या रीस्टार्ट कर सकते है ।

F5 FUNCTION KEY

इसके हेल्प सी हम अपने browser या फिर windows को रिफ्रेश कर सकते है ।

F6 FUNCTION KEY

इस key को browser में रहते हुए क्लिक करने से माउस का cursor डायरेक्ट address bar में आ जाता है। इसके use डेस्कटॉप के प्रोग्राम को select करने या डायरेक्टरी को change करने में भी करते है ।

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F7 FUNCTION KEY

इसके हेल्प से हम अपने windows media player के वॉल्यूम को mute or unmute कर सकते है।

F8 FUNCTION KEY

ये एक bios key है जिसका use windows इनस्टॉल करते समय किया जाता है । इसी की हेल्प से हम BIOS की सेटिंग को ओपन कर पाते है ।

F9 FUNCTION KEY

इसके हेल्प से हम window media player की साउंड को control कर सकते है ।

F10 FUNCTION KEY

इसका use किसी भी software की menu को ओपन करने में किया जाता है । साथ ही window media player की file list को भी ओपन किया जा सकता है ।

F11 FUNCTION KEY

इस key से हम अपनी PC के एप्लीकेशन को full screen में चला सकते है । साथ ही browser में भी इसका same use किया जाता है ।

F12 FUNCTION KEY

किसी भी एप्लीकेशन को save as करना है तो इस key का use कर के डायरेक्ट save as को ओपन कर सकते है ।

MS OFFICE के साथ और भी सॉफ्टवेयर में USE होने वाले ALL COMPUTER SHORTCUT KEY के लिस्ट 

  • Ctrl + A पूरा select करने के लिए 
  • Ctrl + B bold करने के लिए 
  • Ctrl + C इससे copy किया जाता है 
  • Ctrl + D Font का window ओपन करने के लिए या एक्सेल  स्लाइड में डुप्लीकेट करने के लिए 
  • Ctrl + E Center अलाइन के लिए 
  • Ctrl + F Find करने के लिए 
  • Ctrl + G इसके हेल्प से go to में जाते है 
  • Ctrl + H word को replace करने के लिए 
  • Ctrl + I इससे italic लिख सकते है 
  • Ctrl + J अपने कंटेंट को justify करने के लिए 
  • Ctrl + K इसका use हाइपरलिंक देने में करते है 
  • Ctrl + L Left अलाइन करने के लिए 
  • Ctrl + M इसका use मूव करने में करते है 
  • Ctrl + N नया file ओपन करने में 
  • Ctrl + O file को ओपन करने में 
  • Ctrl + P Printout के लिए 
  • Ctrl + Q — बंद करने के लिए 
  • Ctrl + R browser को Reload या word में Right अलाइन करने के लिए 
  • Ctrl + S file को save करने में 
  • Ctrl + U letter को अंडरलाइन करने के लिए 
  • Ctrl + V copy किया हुआ डाटा को paste करने के लिए 
  • Ctrl + X डाटा या file को cut करने के लिए 
  • Ctrl + W डॉक्यूमेंट को बंद करने के लिए 
  • Ctrl + Spacebar मैन्युअल charactor formating को remove करने के लिए 
  • Ctrl + Home एक्सेल वर्कशीट के स्टार्ट में जाने के लिए 
  • Ctrl + ] — फॉण्ट की size को बढ़ने के लिए 
  • Ctrl + [ फॉण्ट की size को घटाने के लिए 
  • Prt Sc इसके हेल्प से अपने pc का स्क्रीनशॉट ले सकते है

MS EXCEL के साथ USE होने वाले ALL COMPUTER SHORTCUT KEY के लिस्ट 

  • F2 — select सेल को एडिट करना
  • F7 — sheet को चेक करने के लिए
  • F11 — chart बनाने के लिए
  • Alt + Shift + F1 — नया वर्कशीट ऐड करने के लिए
  • Shift + F3 — एक्सेल फार्मूला ओपन करने में
  • Shift + F5 — Find और replace ओपन करने में
  • Ctrl + A — पूरा वर्कशीट select करने में
  • Ctrl + B — select किये हुए को bold करने में
  • Ctrl + I — select किये हुए को italic करने में
  • Ctrl + K — लिंक इन्सर्ट करने में
  • Ctrl + U — select किये हुए को अंडरलाइन करने में
  • Ctrl + 5 — selection को strikethrough करना
  • Ctrl + P — print out के लिए
  • Ctrl + F9 — current window को मिनीमाइज करना
  • Ctrl + F10 —selected window को बड़ा करना
  • Ctrl + F6 — open workbook या window के बीच switch करना
  • Ctrl + Tab — एक से अधिक ओपन एक्सेल में मूव करने के लिए
  • Ctrl + ‘— ऊपर के सेल में लिखा हुआ same copy करना just उसके निचे वाले सेल में  
  • Ctrl + Shift + $ — करेंसी के format में लिखना
  • Ctrl + Shift + # — डेट के format में लिखना
  • Alt + = — Sum formula का shortcut

इन्टरनेट एक्सप्लोरर के लिए ALL COMPUTER SHORTCUT KEY

  • BACKSPACE इससे हम उस पेज के back में चले जाते है।
  • Ctrl + (- or +) इससे browser के पेज के size को छोटा और बड़ा कर सकते है।
  • Ctrl + D जो पेज ओपन है उसको favorite में ऐड कर सकते है।
  • Ctrl + I इससे bookmark show होगा अगर कोई ऐड किया होगा तो।
  • Ctrl + N ब्राउज़र के नए tab ओपन करने के लिए।
  • Ctrl + T exist browser में नया tab ओपन करने के लिए।
  • Ctrl + R पेज को रीलोड करने के लिए।
  • Ctrl + Tab इससे हम एक एक कर के ओपन tab को देख सकते है।

CONCLUSION

आज के इस पोस्ट में आपने All Computer shortcut key के बारे में डिटेल्स में जाना। जिसमे मैंने windows में use होने सभी important shortcut keys के बारे में बताने की कोशिश किया हूँ। अगर आपलोग इस पर अच्छे से command कर लेते है तो फिर आप कंप्यूटर को और भी तेजी से चला पाएंगे। 

ये shortcut command सभी को मालूम होने ही चाहिए। जिसके कारण कंप्यूटर चलाना और भी easy हो जाता है। आशा करता हूँ आपलोग को ये पोस्ट अच्छा लगा होगा। अगर अच्छा लगे तो इसको अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे। जिससे की उनलोगों तक भी ये जानकारी पहुँच सके।

आपको और भी कुछ सवाल है तो हमसे पूछ सकते है। इसके लिए आपलोग हमें कमेंट या डायरेक्ट mail कर सकते है। जिससे आपका answer देने में मुझे भी ख़ुशी मिलेगी।

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WHY COMPUTERS UNDERSTAND ONLY BINARY DIGITS IN HINDI

Why computers understand only binary digits in hindi

Why computers understand only binary digits in hindi. Hello friends नमस्कार !! कैसे है आपलोग ? आज मैं एक नए टॉपिक पर बात करूँगा. आप सब लोग computer use करते है और चलाते है. जिससे हमारा daily का work होता है.

इसमें क्या आपके मन में एक ख्याल आता है की आखिर हमारा computer या laptop बाइनरी नंबर या सिर्फ (0,1) को ही क्यों समझ पाता है? तो आइये आज मैं इसी के बारे में बात करने वाला हु. की हमारा computer Binary digit को ही क्यों समझता है? तो आइये आगे देखते है.

WHY COMPUTERS UNDERSTAND ONLY BINARY DIGITS IN HINDI

सभी जानते है की computer एक electronic machine है जिसको चलने के लिए बिजली की जरुरत होती है. और ये बात सबको पता होना चाहिए या पता भी होगा की बिजली की supply सिर्फ दो part में होती है. या तो ON या दूसरी OFF. तो यहाँ पर ON का मतलब माना गया है “1” और OFF को माना गया है “0”.

computer के अंदर इलेक्ट्रॉनिक्स चिप्स या IC लगे होते है. जिसको की diode, transistor, capacitor या resistor जैसे electronic component के बनाये गया है. जो की सभी बिजली के साथ work कर पाती है. जिसका मतलब है बिजली की supply को ON या OFF स्थिति में काम कर पाना.

इसीलिए हमलोग बिजली की supply की स्थिति को indicate करने के लिए सिर्फ दो नंबर का use करते है, जो है 0 और 1. यही वजह है की उनके लिए दिया गया नांम है “Binary number”. जिन्हें हम बिट्स भी कहते है. Binary Digit को ही bits के नाम से जानते है.Why computers understand only binary digits in Hindi.

COMPUTERS सिर्फ BINARY DIGIT को ही क्यों समझता है ?

हमारे computer में सबसे important part होता है CPU. जिसमे लाखों component होते है जिन्हें transistor कहा जाता है. और हमारा digital electronics एक transistor amplifier के रूप में work करता है. CPU transistor का use micro switch के रूप में करता है.

जब ये switch start होता है तो  यह binary 1 को represent करता है और जब switch ऑफ होता है तो binary 0 को represent करता है. और यही सबसे बड़ा reason है की हमारा computer सिर्फ बाइनरी digit या (0,1) को समझ पाता है.

जरूर पढ़े: 

CONCLUSION

तो दोस्तों मैं आशा करता हु की आपके सारे confusion दूर हो गए होंगे, की Why computers understand only binary digits in hindi. हमारा computer system सिर्फ और सिर्फ क्यो बाइनरी digit को ही समझ पाता है.

अगर आपलोग को ये पोस्ट थोड़ी भी अच्छी लगी हो तो कृपया इसे आप ज्यादा से ज्यादा share करे और comment करे. जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में जान सके, और समझ पाए. आप हमारे फेसबुक पेज पर भी जुड़ सकते है जो है https://www.facebook.com/technogyanin

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TOP 9+ BEST PC SOFTWARE के बारे में जानिए | GUIDE IN 2026

best pc software

Top 9+ Best PC Software हमारे कंप्यूटर में कौन कौन से होने चाहिए? आज इसी के बारे में इस पोस्ट में बताने वाला हूँ। कंप्यूटर में software दो तरह के होते है। पहला System Software और दूसरा Application Software होता है। System software हम ऑपरेटिंग सिस्टम को कहते है। जैसे की Windows, Linux या MAC OS हुआ।

वही Application software की बात करे तो ये System Software के उपर काम करते है। जब हमारे कंप्यूटर में System software होगा तभी हमलोग Application software को use कर पाते है। तो आज मै यही Application software के बारे में बात करने वाला हूँ। 

जिसका use कंप्यूटर चलाने वाले डेली करते है। लेकिन काफी लोगों को इन Best PC Software के बारे में जानकारी नहीं होता है। अगर आपलोग लैपटॉप या कंप्यूटर use करते है तो मै जो जो Best PC Software के बारे में बताने वाला हूँ। वो software जरुर अपने pc में इनस्टॉल करियेगा। जिससे आपलोग का काम और easy हो जायेगा।

TOP 9+ BEST PC SOFTWARE IN HINDI | AMAZING PC SOFTWARE जिसको अपने PC में जरुर USE करे

मैं जितना भी Best PC Software के बारे में बताऊंगा। वो सब आपलोग अपने Windows ऑपरेटिंग सिस्टम पर use कर पाइयेगा। जिसका use कर के आपलोग अपने काम को पहले से ज्यादा और आसान बना पाएंगे। 

तो चलिए आगे बढ़ते है और Top 9+ Best PC Software के बारे में जानते है। मैं सभी software का list एक एक कर के निचे बताने जा रहा हूँ। 

COMPUTER में USE होने वाले SOFTWARE

#1 MEDIA PLAYER

ये software हमारे कंप्यूटर के लिए सबसे खास है। क्योकि इससे हम कोई भी मीडिया file अपने कंप्यूटर में चला पाते है। जैसे की video हुआ या audio file हुआ। जब आप कंप्यूटर use कर रहे हो तो उसमे ये software होना ही चाहिए।

pc software
Image of Best PC software in hindi

इसके लिए आप VLC Media player अपने कंप्यूटर में डाउनलोड कर इनस्टॉल कर सकते है। जो की लगभग हर तरह के मीडिया file को सपोर्ट करता है। इसके अलावा भी काफी software है जिसका use आपलोग कर सकते है

#2 ADOBE READER

इसका भी काफी use होता है कंप्यूटर में। क्योकि इस software से हम कोई भी pdf file को open कर पाते है। अगर हम कोई भी pdf को पढना चाहते है तो उस समय हमारे कंप्यूटर में adobe reader नामक software होना चाहिए। नहीं तो हम pdf format को read नहीं कर पाएंगे।

इस software को adobe कंपनी के द्वारा develop किया गया है। जो की काफी trusted company है। 

#3 INTERNET BROWSER

आप के date में कंप्यूटर use कर रहे हो और internet use न करे। ऐसा हो नहीं सकता है। तो जो भी लोग कंप्यूटर या लैपटॉप use करते है। उनके लिए ये सबसे ज्यादा important software होने वाला है। क्योकि internet use करने के लिए एक अच्छा सा internet browser होना चाहिए।

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Image of Best PC software in hindi

तभी कंप्यूटर में internet use कर पायेंगे। इसके लिए आपको सबसे पहले pc में एक internet browser जैसे Google Chrome या और भी कोई दूसरा software इनस्टॉल करना होगा। तभी जाकर आप अपने pc में अच्छे से internet का use कर पाएंगे। वैसे अब pc में ये पहले से pre install मिल जाता है।

तो ये software भी आपके कंप्यूटर के लिए काफी खास होते है।

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#4 MS OFFICE

एक कंप्यूटर user के लिए ये software काफी कुछ देने वाला है। इसके बिना कोई भी ऑफिसियल काम के बारे में आप नहीं सोच सकते है। कोई भी ऑफिस से रिलेटेड वर्क में इस software का use पड़ता ही है। और अगर आप इस software के बारे में अच्छे से जान लेते है। तो आपको अच्छी सैलरी वाली job भी मिल जाती है।

computer software
Image of Best PC software in hindi

क्योकि ये पूरा package के साथ आता है। जिसमे पूरा ऑफिसियल वर्क हम कर पाते है। जैसे MS word, Excel, Power point या MS Outlook हुआ। ये Microsoft का प्रोडक्ट है जिसको Microsoft ने develop किया है। मेरा मानना है की ये software के बारे में सभी को सीखना चाहिए। क्योकि इसके बिना कंप्यूटर का ज्ञान एकदम अधुरा है।

 #5 ANTI VIRUS

अपने कंप्यूटर को virus से बचाने के लिए anti virus का use करना पड़ता है। तो देखा जाये तो security purpose से इसका भी use कंप्यूटर के लिए खास होने वाला है। जो आपके कंप्यूटर या लैपटॉप को सुरक्षा देता है। क्योकि अगर कंप्यूटर में Virus आ जाता है तो काफी सारे प्रॉब्लम कंप्यूटर में आने लगते है।

best pc software
Image of Best PC software in hindi

तो एक कंप्यूटर user के लिए ये software काफी important है। जैसे की Quick Heal, Norton, McAfee इत्यादि। ये सब अच्छे software है जो आपके pc को secure करते है।

#6 WinRAR

ये एक काफी famous software है। इसके हेल्प से हम कोई भी Zip या .rar files को unzip कर सकते है। अगर आप एक ऑफिस में काम कर रहे हो तो उसके लिए काफी काम आने वाला है। क्योकि इसके बिना भी कोई भी ऑफिस वर्क नहीं हो पायेगा।

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अगर हमें कोई पूरा folder किसी को mail करना है। तो आप डायरेक्ट उस folder को अपने mail में attach नहीं कर पाएंगे। उस folder को पूरा mail करने के लिए आपको उस folder को WinRAR की मदद से zip folder बनाना होता है। उसके बाद ही हम उस folder को mail में attach कर के mail कर पाते है।

तो इस तरह से ये software बहुत ही important है आपके कंप्यूटर के लिए। नए कंप्यूटर लेते है तो उसमे इसको जरुर इनस्टॉल करे। WinRAR के बारे में पूरा जानने के लिए यहाँ क्लिक करे।

#7 RECUVA

दोस्तों ये हमारे कंप्यूटर के लिए काफी बेनिफिट देने वाला software है। ये हमारे pc से deleted फाइल्स या folder या और भी किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट को recover करने में हेल्प करता है। ये software बिल्कुल फ्री में आपको internet पर मिल जायेगा। 

इस software को हर एक कंप्यूटर user को अपने pc में इनस्टॉल कर के रखना चाहिए। क्योकि अगर किसी कारण आपका important file डिलीट हो जाये। तो उस समय ये आपके काफी काम आने वाला है। Recuva software को कैसे use करते है? इसका डिटेल्स यहाँ दिया हुआ जाकर आप देख सकते है।

#8 ADOBE PHOTOSHOP

एक beginner हो या expert user हो। उनके कंप्यूटर में Photoshop software का होना भी काफी जरुरी होता है। क्योकि आजकल सभी काम online होने लगे है। तो ऐसे में हमें तरह तरह के फोटो एडिटिंग या ग्राफ़िक डिजाईन से रिलेटेड काम पड़ता है।

best pc software
Image of Best PC software in hindi

ये भी पढ़े:

तो उस समय हमें ये सारा काम करने में यही Photoshop मदद करता है। ये software को भी Adobe कंपनी के द्वारा बनाया गया है। जो की काफी trusted software है। तो कंप्यूटर use करते है तो इस software का use करना नहीं भूले।

#9 C CLEANER

इस software का नाम भी आप जरुर सुने होंगे। इसका भी एक pc में काफी मुख्य role है। ये भी फ्री और paid दोनों वर्शन में मिलता है। वैसे फ्री वाले से हमारा ज्यादा काम हो जाता है। इस software की मदद से हम अपने pc के temporary files और cache files को डिलीट कर देते है।

जिससे हमारे pc की परफॉरमेंस काफी बढ़ जाता है। डेली कुछ समय पर इसको रन कर देना चाहिए जिससे pc का परफॉरमेंस अच्छा बना रहेगा।

#10 TEAM VIEWER

अगर आप कही ऑफिस में काम करते होंगे। तो इस software का नाम जरुर सुने होंगे। या कोई टेक्निकल IT काम करते होंगे तो भी इसका use किये होंगे। ये software भी हमारे pc के लिए काफी important होता है। इसकी मदद से हम किसी का भी pc को किसी भी location से Remotely access कर सकते है।

इसमें condition ये होता है की आपके side और दुसरे side दोनों तरफ internet काम करना चाहिए। इसके मदद से हम दुसरे के कंप्यूटर को अपने pc पर access कर सकते है। और उनका कोई भी सॉफ्टवेयर से रिलेटेड प्रॉब्लम को कही से भी बैठ कर troubleshoot कर सकते है।

CONCLUSION

Top 9+ Best PC Software के बारे में आपलोग ने पढ़ा। जिसमे मैंने बताया है की कौन कौन से सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर के लिए important होने वाला है। जब भी आप अपने pc को न्यू buy करते है तो ये सॉफ्टवेयर कम से कम अपने pc में जरुर install करे।

जिससे आप maximum basic वर्क कर पायेंगे। और आपको कंप्यूटर चलाने में काफी मदद मिलेगा। अगर आपलोग को ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको ज्यादा से ज्यादा लोगो तक शेयर करे। ताकि और भी लोगो तक ये इनफार्मेशन पहुँच सके। हमारे पोस्ट को सोशल मीडिया पर भी शेयर करना ना भूले।

कोई भी question है तो हमें कमेंट कर के या mail कर के पूछ सकते है। आपका सवाल का जवाब देने में हमें काफी ख़ुशी मिलेगी।

Thanks!!

 

TOP 5 HARD DISK DATA RECOVERY SOFTWARE IN HINDI-बेस्ट टिप्स

hard disk data recovery software

हेल्लो दोस्तों नमस्कार। आज हमलोग Top 5 Hard disk data recovery software के बारे में बात करेंगे। जो की सभी के लिए काफी खास होने वाली है। क्योकि जो लोग भी आजकल कंप्यूटर या लैपटॉप use करते है। उनका कभी न कभी डाटा लूज़ जरुर हुआ होगा। शायद ही कोई ऐसा user हो जो इस प्रॉब्लम को फेस नहीं किया हो।

हमलोग आज इसी Hard disk data recovery software के बारे में जानेगे। मै आपलोग को काफी अच्छे और फ्री में डाटा recovery software के बारे में बताने वाला हु। जो लोग भी डाटा लॉस्ट के वजह से परेशान हुए है उनका प्रॉब्लम इस पोस्ट से दूर हो जायेगा।

TOP 5 HARD DISK DATA RECOVERY SOFTWARE IN HINDI – हार्ड डिस्क के डाटा रिकवरी करने के सॉफ्टवेयर 

हमारे हार्ड डिस्क के डाटा लूज़ होने के काफी कारण हो सकते है। जैसे की कंप्यूटर में काफी virus का लग जाना या डाटा format हो जाना या फिर किसी और कारण से डाटा का corrupts हो जाना। तो ऐसे में हमें उस डाटा का रिकवर होना काफी important हो जाता है।

जिसके लिए हमें किसी डाटा recovery expert या अच्छे तकनीशियन के पास जाना होता है। जो हमारे डाटा को रिकवर कर के हमें दे देते है। जिसके लिए वो लोग काफी charge करते है। जो की आपके हार्ड disk के capacity पर निर्भर करता है। की आपका HDD कितने GB का है।

आज मै आपलोग को कुछ अच्छे Hard disk data recovery software के बारे में बताने वाला हूँ। जिसकी मदद से आप चाहे तो खुद से ही अपने कीमती डाटा को रिकवर कर पाएंगे। वो भी बिलकुल फ्री में बिना कोई पैसा खर्च किये। हाँ इसमें एक condition है वो ये की अगर आपका हार्ड डिस्क में कोई फिजिकल प्रॉब्लम है।

तो वहां ये तरीका काम नहीं करेगा। उसके लिए हमें और भी काफी चीजो को ध्यान देना होता है। जैसे की HDD का PCB board तो ख़राब नहीं है या internal कोई डैमेज तो नहीं है। इसमें हमलोग सिखने वाले है की hard se data kaise nikale.

मैं फिजिकल डैमेज पर भी एक पोस्ट दूंगा जिसमे उसके बारे में भी आपको solution मिलेगा। आइये अब निचे एक एक कर के सारे Hard disk data recovery software के बारे में जानते है। की किसका क्या feature है। 

TOP 5 FILE RECOVERY SOFTWARE FOR PC

RECUVA 

ये भी एक फ्री डाटा रिकवर software है। जिसका use सबसे ज्यादा किया जाता है। ये भी बिलकुल फ्री है। इससे हमलोग deleted files को फिर से रिकवर कर सकते है। इसके advance deep स्कैन से आप recycle bin से deleted डाटा को भी रिकवर कर सकते है।

How do I Recover permanently deleted files from PC in Hindi
Top 5 Hard disk data recovery software

ये use करने में काफी सिंपल है जिससे इसको कोई भी बड़े ही आसानी के साथ use कर सकता है। ये software हर तरह के file system को सपोर्ट करता है और उसको रिकवर करता है।

Note : Recuva के बारे में डिटेल्स जानने के लिए यहाँ क्लिक करे

iCare DATA RECOVERY

ये software खास कर के mp3 को रिकवर करने के लिए डिजाईन किया गया है। जिसके हेल्प से किसी भी तरह की mp3 गाने को रिकवर कर सकते है। वैसे mp3 भी हमारे लिए एक डाटा ही होता है। क्योकि ये लोगो का काफी collection होते है जिसमे अच्छे अच्छे सोंग रहते है।

और ऐसा नही है की इससे सिर्फ mp3 ही रिकवर होंगे। इससे हमलोग HDD या मेमोरी card या Pendrive के डाटा को भी रिकवर कर सकते है। ये software इन सबके डाटा को भी रिकवर करने में हमारी मदद करता है। तो अगर आपलोग अपने मोबाइल या HDD के डाटा लॉस्ट से परेशान है तो इस software का use कर के डाटा को रिकवर कर सकते है।

7 DATA RECOVERY

ये software काफी कम size में आते है। लेकिन ये नहीं की छोटा software है तो काम कम करता है। ये उतना ही दमदार software भी है। जो की हमारे डाटा को काफी आसानी से रिकवर कर के हमें दे देता है।

ये हमारे HDD के डाटा को रिकवर तो करता ही है उसके साथ में मोबाइल के भी डाटा को रिकवर कर सकता है। जिससे अपने मोबाइल के deleted data को भी रिकवर कर सकते है। इसके लिए सिर्फ अपने मोबाइल को pc से कनेक्ट कर के उसको scan करना होता है।

इस software का दो वर्शन आता है। जिसमे एक फ्री वाला होता है और दूसरा प्रो वर्शन होता है। प्रो वर्शन में हमें कुछ ज्यादा feature मिल जाते है।

UNDELETE 360

Hard disk data recovery software में ये भी काफी सिंपल software है। जिससे हम accidently deleted डाटा को रिकवर कर सकते है। इससे हम हार्ड डिस्क, digital कैमरा, Pendrive और मेमोरी कार्ड के डाटा को आसानी से रिकवर कर सकते है। ये software डाटा को रिकवर करने में काफी मदद करता है।

EASEUS DATA RECOVERY

ये software खास कर के फोटो को डिलीट हो जाने पर उसको रिकवर करने के लिए बनाया गया है। ये भी काफी popular software में से एक है। जिसका इस्तेमाल photo recovery में सबसे ज्यादा किया जाता है। इसके फ्री वर्शन में कुछ लिमिट होते है। जिसके अन्दर रह कर ही हमें काम करने होता है। लेकिन वही अगर full version की बात करे तो उसमे किसी तरह की कोई लिमिट नहीं है। इसमें हम जितना चाहे उतना डाटा रिकवर कर सकते है।

इस software से आप किसी भी तरह की device से फोटो को रिकवर कर सकते है। वो चाहे कैमरा हो या फ़्लैश drive हो। इससे सभी तरह से ग्राफ़िक्स और फोटोज को रिकवर कर सकता है। Data recovery का काम शुरू कर के आप अच्छा पैसा कमा सकते है।

इस तरह से ये सारे Hard disk data recovery software है। जिसका use करके हम अपने कीमती डाटा को खोने से बचा सकते है। और अगर आप चाहे तो इन software के use करके अच्छे पैसा भी earn कर सकते है। डाटा recovery का काम शुरू कर के।

CONCLUSION

इस पोस्ट मै Hard disk data recovery software के बारे में बताया हूँ। जिसमे बताया गया है की Hard disk data recovery कैसे करे । वो भी काफी आसानी के साथ। इसके लिए बस आपको मेरे द्वारा बताया गया software को डाउनलोड करना होगा।

इस पोस्ट में मै 100% free data recovery software के बारे में बताया हूँ। जिससे आप अपने डाटा को रिकवर कर सकते है। अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे। जिससे उनके टाइम और पैसा दोनों बच सके। और अगर आपके कुछ सुझाव है तो हमें कमेंट कर के जरुर बताये।

या हमें mail भी कर सकते है जिसमे मै आपका पूरा मदद करूँगा। जिससे आपके सारे डाउट clear हो सके। 

HOW TO FIND WIFI PASSWORDS ON LAPTOP | LAPTOP का WIFI पासवर्ड कैसे जाने

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

HOW TO FIND WIFI PASSWORDS ON LAPTOP OR PC – किसी भी लैपटॉप या कंप्यूटर में WIFI के PASSWORD कैसे पता करते है ?

How to Find WiFi Passwords on Laptop. Hello Friends! TechnoGyan में आपका स्वागत है एक और नए टॉपिक में. जिसमे हमलोग जानेंगे की किसी भी लैपटॉप या pc में wifi का password कैसे जाना जाता है. कहने का मतलब है की किसी भी wifi से connected laptop या computer में password कैसे देखेंगे। आज के टॉपिक में हमलोग यही सीखेंगे step by step example के साथ में। तो चलिए आगे बढ़ते है और सीखते है की How to Find WiFi Passwords on Laptop in Hindi.

अगर आपके पास पहले से ही आपके वाईफाई नेटवर्क से जुड़ा हुआ कंप्यूटर या लैपटॉप है, तो आप बहुत ही आसानी से पासवर्ड देख सकते हैं। तो आइये एक एक step कर के हमलोग इसको देखते है और आपको समझाते है की ये किस तरह से होता है.

ये भी पढ़े:

WINDOWS में WiFi PASSWORD कैसे देखे ?

किसी भी microsoft windows में wifi का password देखने से पहले हमें ये कन्फर्म करना होता है की हमारे लैपटॉप या pc wifi से कनेक्ट है या नहीं. अगर कनेक्ट नहीं है तो उसको सबसे पहले wifi से कनेक्ट करे. उसके बाद आगे बढे और अपने लैपटॉप में या pc के टास्क बार में जाये. और वहां wifi icon पर right माउस बटन क्लिक करे. उसके बाद open network and sharing center पर क्लिक करे. जिस तरह से निचे फोटो में दिखाया गया है.

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

अब उसके बाद आपको न्यू window खुल कर आएगा जैसा फोटो में निचे दिख रहा है. उसमे Change adapter settings पर क्लिक करे.

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

Change adapter settings पर click करते ही हमें वाईफाई का icon show होगा।अब उस icon पर right mouse button click करके Status option पर जायेंगे। जैसा की picture में दिखाया गया है।

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

status पर क्लिक करते ही WiFi Status खुल कर सामने आ जायेगा. जहां पर हमें Wireless network connection के बारे में कुछ Basic जानकारी देखने को मिलेगा.जैसा फोटो में दिखाया गया है.

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

Image of Find WiFi Passwords on Laptop

अब हमें Wireless Properties पर क्लिक करना है जिससे उसका Properties खुल जायेगा। जैसा की picture में दिखाया गया है।

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

Image of Find WiFi Passwords on Laptop

इस properties वाले window में security tab पर क्लिक करना है. जिसके बाद हमें Network security key दिखाई देगा. उसके ठीक निचे में Show characters पर जाकर टिक कर देना है. जैसे ही टिक करेंगे उपर के बॉक्स में wifi का password दिखने लगेगा. जिससे आपका pc या लैपटॉप कनेक्ट हुआ होगा.

और ये present में जुड़ा हुआ wifi password होता है. अगर आपको पहले से जुड़े हुए wifi के password चाहिए तो वो भी हम देख सकते है. और window 8 या 10 का password देखने के लिए आपको command prompt का use करना होगा. जो थोडा हार्ड process है. आप पढ़ रहे है How to Find WiFi Passwords on Laptop.

अब अगर पहले से कनेक्टेड wifi का password देखना है तो उसके लिए Control Panel->Network and Sharing Center->Manage wireless networks पर जाये. जैसा की picture में दिखाया गया है।

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

Image of Find WiFi Passwords on Laptop

अब सभी वायरलेस नेटवर्क की लिस्ट दिखेंगे जिनसे कंप्यूटर पहले कभी भी कनेक्ट हुआ होगा. अब इनमे से जिसका भी password देखना है उस पर जाकर डबल क्लिक करे. Best laptop Buying guide के बारे में जानिए?

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

जरूर पढ़े: 

डबल क्लिक करते ही Wireless Network Properties ओपन होगा. उसके बाद Security पर क्लिक करे और Show characters पर टिक करे. टिक करते ही password दिखने लगेगा.

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

Windows 8 या 10 में अगर wifi password जानना है तो उसके लिए हमें command prompt में जाना होगा. window+R बटन प्रेस करे और उसमे CMD लिख कर इंटर करे. इससे हमलोग command prompt में चले जायेंगे. फिर उसमे निम्न command टाइप करेंगे:

जैसा फोटो में निचे दिखाया गया है.

netsh wlan show profiles

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

इसमें all user profile के लिस्ट मिलेंगे। जैसे की हमारे pc में वाईफाई नेटवर्क का नाम दाईं ओर VFTJM के नाम से दिख रहा है। मेरे PC में केवल एक वाईफाई नेटवर्क दिख रहा है। अब उस wifi प्रोफ़ाइल के पासवर्ड देखने के लिए, निचे दिए गए निम्न command टाइप करें:

netsh wlan show profile name=profilename key=clear

command टाइप करने के बाद profilename के जगह अपने wifi(VFTJM) का नाम लिख दे और enter करे.

How to Find Wi-Fi Passwords on Laptop in Hindi

image of How to Find WiFi Passwords on Laptop

इस तरह security settings में जाये जहा पर Key Content दिख रहा होगा. जो उस laptop या computer का वाईफाई password है। इस तरह हम किसी भी laptop या computer का वाईफाई password बड़ी ही आसानी से देख सकते है।

CONCLUSION

तो दोस्तों इस ब्लॉग में आपने सिखा की How to Find WiFi Passwords on Laptop. किस तरह से हम अपने pc या लैपटॉप का wifi password जान सकते है. अगर एक बार भी लैपटॉप wifi से कनेक्ट हो जाता है तो हम उसका wifi password इस step को follow कर के बड़े ही आसानी से जान सकते है.

दोस्तों! आपलोग को ये ब्लॉग अच्छा लगा होगा तो कृपया कमेंट करे, और अगर कुछ कमी हो तो उसे भी बताये। इससे Related और कोई प्रश्न है तो हमसे पूछ सकते है. मैं उसका Answer जरूर दूंगा जिससे आपलोग उसके बारे में और गहराई तक जान सके। आप को Tech से Related जो भी Questions है.

आप पूछ सकते है या अपने बातो को हमारे Blog के जरिये शेयर कर सकते है। 

 

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