WHAT IS UPS AND HOW TO WORK IN HINDI | UPS क्या है बेस्ट कंप्यूटर टिप्स

What is UPS in Hindi

WHAT IS UPS AND HOW TO WORK IN HINDI

What is UPS in hindi. हेल्लो दोस्तों कैसे है आपलोग? आज हमलोग computer के power backup UPS बारे में बात करेंगे। जिसमे हमलोग जानेंगे की एक UPS क्या होता है। कैसे काम करता है। इसका use क्यों किया जाता है इत्यादी। offline और online यूपीएस क्या होता  है। जिससे सभी तक ये information पहुँच सके। और सबलोग aware हो पाए काफी आसानी से। what is UPS in hindi.

WHAT IS UPS IN HINDI – UPS क्या है?

यूपीएस का full form होता है Uninterruptible Power Supply. जब हमलोग computer खरीदते तो एक computer लेने के बाद अंत में एक यूपीएस भी लेते है। जिससे हमारे computer को power backup मिल पाए। अब आप सोचते होंगे की बिना UPS आखिर computer ख़राब कैसे हो जाता है। तो आइये इसके बारे समझते है।

हमलोग घर में जितने भी appliances use करते है जो बिजली से चालित है,  उसमे से maximum उपकरण के लिए किसी भी तरह की UPS की जरुरत नहीं होती है। कहा जाये तो light कटने पर उस device पर किसी तरह का कोई effect  नही पड़ता। और वो उपकरण सुरक्षित रहता है. what is UPS in hindi.

What is UPS in Hindi

Image of what is UPS in hindi

लेकिन computer ऐसी device है जिसमे बिजली कटने पर वो ख़राब हो सकता है। इसके ख़राब होने के पीछे कारण ये है की वो proper तरह से shutdown नहीं हो पाता। इसीलिए कभी भी कहा जाता है की computer use करने के बाद उसको proper तरीके से shutdown करे।

proper shutdown न होने से क्या क्या problem आ सकती है। सबसे पहले तो हमारे computer के पूरा डाटा damage हो सकता है, या corrupt हो सकता है। अचानक से light चली गयी तो, हमारी पूरी मेहनत बर्बाद हो सकती है। अगर उस file को save न किया गया हो तो। और तीसरा है उस computer के हार्ड डिस्क के damage होने के chances बढ़ जाते है।

तो basic देखा जाये तो ये सब के लिए UPS काफी important होता है। कंप्यूटर क्या है और ये कितने प्रकार के होते है?

MEANING OF UPS

UPS का बेसिक मतलब है, Uninterruptible Power Supply. मतलब बिना किसी बाधा के light का supply continue होना। अगर आपके एरिया में लगातार कुछ समय पर बिजली कटती है. तो वहा के लिए और भी ज्यादा important हो जाता है हमारा यूपीएस। क्योकि बार बार कटने से computer के ख़राब होने के chances बढ़ जाते है। और आपके डाटा lose भी हो सकते है।

जिससे हमें उस कंप्यूटर की रिपेयरिंग करना पड़ जाती है। जिसमे आपके फालतू के पैसे बर्बाद होते है। उसमे ज्यादातर हार्ड डिस्क ड्राइव और power supply के ख़राब होने के chance रहता है।

जरूर पढ़े: 

UPS काम कैसे करता है

एक UPS के अंदर में बेसिक चार parts लगे होते है। जो निम्नलिखित है :-

  • Battery 
  • Inverter 
  • Battery charger or Rectifier 
  • Static switch or contactor 

BATTERY

UPS के अंदर सबसे important part है बैटरी। जो बिजली कटने पर power backup देती है, जिससे हमारा computer कुछ समय के लिए चल पाता है। और उसको हमलोग proper तरीके से shutdown कर पाते है। इसी बैटरी में charge store होता है तो computer चल पाता है।

INVERTER

inverter का बेसिक काम होता है हमारे बैटरी के DC power को AC में कन्वर्ट करके पहुचाना। inverter rectifier के उल्टा होता है। ये DC के constant frequency और amplitude को AC में बदलने का काम करता है।

RECTIFIER

आप सबलोग बेसिक जानते होंगे की एक rectifier का काम क्या होता है। इसका main काम होता है AC को DC में बदलने का। जिसको को UPS के अंदर battery को charge करने के लिए use किया जाता है।

STATIC SWITCH

यूपीएस के power transfer करने के लिए एक static switch की जरुरत होती है। जिसमे की power का operation बहुत ही fast तरीके से होता है। जो की approx 10 मिलिसेकंड के होता है। यही कारण है की हमारा computer बिजली कटने पर भी UPS से चल जाता है। और अगर computer को inverter से चलाया जाये तो बिजली कटने पर बंद हो जाता है। क्योकि उसमे UPS जितना fast switching नहीं हो पाती है।

UPS और INVERTER में अंतर

यूपीएस का use केवल computer में किया जा सकता है। इसका use हमलोग घर में power supply के लिए कर सकते है, जबकी inverter का use पुरे घर में supply के लिए कर सकते है।

  • जब power cut होती है तो UPS का backup काफी तेजी के साथ use किया जाता है। जो मिलिसेकंड में काम करता है, और यही कारण है की इसका use computer में किया जाता है। और इनवर्टर में power cut होने के बाद कुछ माइक्रोसैकेण्ड लग जाता है power on होने में। जिस कारण इसका use computer में नहीं कर सकते है। और हमारा computer बंद हो जाता है बिजली जाने के बाद।
  • बैकअप की बात की जाये तो यूपीएस का बैकअप मात्र 15 से 20 मिनट का होता है। वही inverter का बैकअप 8 से 10 घंटे का हो सकता है।
  • अगर बात किया जाये maintenance की तो यूपीएस का maintenance उतना नहीं होता है। यूपीएस में बैटरी को एक टाइम अन्तराल में बदल देना होता है। वही inverter में उसका बैटरी 3 से 4 साल में बदलना होता है, और साथ ही time to time उसमे पानी बदलना होता है।
  • अब अगर प्राइस की बात की जाये तो, एक यूपीएस का प्राइस 2000 से 3000 तक होता है। वही inverter को लगाने में 10000 से 20000 का खर्च करना पड़ता है। लेकिन अब inverter भी यूपीएस mode वाले आने लगे है, जिसका use computer में कर सकते है।

OFFLINE और ONLINE UPS

हमारे घरो में जो computer use होता है उसमे जो यूपीएस इस्तेमाल किया जाता है। उस यूपीएस को online ups या Line Interactive UPS कहा जाता है। इस तरह के यूपीएस में बैटरी अंदर में लगे होते है।

घर में use होने वाला यूपीएस size में छोटा होता है, लेकिन बहुत सारे ऐसे भी online ups होते है जिनका size काफी बड़ा होता है। जिनके अंदर बहुत सारी बैटरी लगी होती है। इस तरह के यूपीएस का इस्तेमाल बड़े बड़े offices में किया जाता है। जहा एक साथ बहुत सारे computer का इस्तेमाल हो।

और offline ups के बैटरी यूपीएस से बाहर लगी होती है। जैसे हमारे घर में जो inverter use होता है, उसको offline ups कह सकते है। इसका एक ही कमी है जो की बिजली कटने में दिखती है। वो है बैकअप response time जो की online ups के तुलना में कम होता है।

UPS से रिलेटेड FAQs

1. UPS का full form 

Uninterruptible Power Supply

2. UPS कितने प्रकार के होते है?

तिन प्रकार के होते है :

  • Standby UPS
  • Line Interactive UPS
  • Standby Online Hybrid UPS

3. यूपीएस कम बैकअप क्यों देता है?

अगर कंप्यूटर की बात करे तो हमलोग यूपीएस पर ही काफी देर कंप्यूटर को चला देते है। जिससे आने वाले समय में यूपीएस का बैकअप घट जाता है। यूपीएस सिर्फ तब के लिए use करते है जब लाइट कट जाये तो हम अपने कंप्यूटर को अच्छे से shut down कर सके।

इन्वर्टर यूपीएस की बात करे तो उसमे हमलोग समय के साथ distill water नहीं बदलते है। जिससे यूपीएस सही से backup नहीं दे पाता है।

4. यूपीएस का मतलब क्या होता है?

यूपीएस का मतलब हुआ हमारे कंप्यूटर को कंटिन्यू power supply करना। जब अचानक से लाइट कट जाती है तो यूपीएस हमें backup देता है। जिससे हमारा कंप्यूटर जल्दी ख़राब नहीं होता है।

CONCLUSION

What is UPS in hindi इस ब्लॉग में आपने सिखा की यूपीएस क्या होता है? ये किस तरह से काम करता है? और कितने तरह के मार्केट में मिलता है? मुझे लगता है आपलोग को सारे डाउट यूपीएस से रिलेटेड क्लियर हो गए होंगे। अगर कुछ भी समझ न आये तो हमें कांटेक्ट जरुर करे। हमें आपकी मदद करने में ख़ुशी मिलेगी।

दोस्तों आज का ये ब्लॉग कैसा लगा मुझे जरुर बताये। जिससे मैं अपने ब्लॉग में और improvement ला सकू और बेहतर बना सकू। जिससे आपलोग और आसानी से समझ सके। मुझे comment कर  के जरुर बताये। या फिर हमें mail भी कर सकते है। और अगर अच्छा लगे तो कृपया अपने दोस्तों के साथ share करना न भूले। जिससे ये useful इनफार्मेशन सभी तक पहुँच सके।

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COMPUTER में MULTIMEDIA क्या होता है ? | जानिए विभिन्न प्रकार के बारे में

what is multimedia in hindi

What is Multimedia in Hindi? आपलोग में से काफी लोग कंप्यूटर का use करते होंगे। तो आपलोग ने Multimedia का नाम जरुर सुना होगा। और इससे रिलेटेड आपलोग काम भी किये होंगे। आज के पोस्ट में मै इसी Multimedia के बारे में बताने वाला हूँ। What is Multimedia? ये कितने तरह के होते है? तो आइये आगे बढ़ते है और इसको और भी डिटेल में जानते है।

WHAT IS MULTIMEDIA IN HINDI(मल्टीमीडिया क्या है ?)

जैसे की नाम से पता चलता है की Multimedia दो word को जोड़ कर बनाया गया है। Multi का मतलब होता है एक से ज्यादा और Media का मतलब होता है संचार या कोई माध्यम। मतलब एक से ज्यादा संचार के माध्यम को ही हम मल्टीमीडिया कहते है। जिसके मदद से हम कोई भी इनफार्मेशन कही भी पंहुचा पाते है।

मल्टीमीडिया मीडिया का एक पार्ट होता है। जिसमे काफी कुछ मिल कर बनता है जैसे की image, audio, video, text या फिर एनीमेशन। 

अगर इसको हम general view से देखे तो मल्टीमीडिया एक ऐसा technology है। जिसमे image, audio, video, text या फिर एनीमेशन को इस तरह से मिक्स कर के digital format में user तक पहुचाया जाता है जिससे user उसको अच्छे से समझ पाए। जैसे की हमलोग कुछ भी लैपटॉप या टीवी पर देखते है।

जिसमे हमलोग सुनते भी है देखते भी है और पढ़ भी पाते है। इसी तकनीक को हमलोग मल्टीमीडिया के नाम से जानते है। 

मल्टीमीडिया फाइल क्या है?

आइये जानते है की मल्टीमीडिया फाइल क्या होता है? कंप्यूटर का वैसे फाइल जो audio और video format में use किये जाते है। जैसे की .mp3 audio file, .mp4 video file वैसे ही और भी काफी सारे format आपको मिल जायेंगे।

TYPES OF MULTIMEDIA  – मल्टीमीडिया के प्रकार

मल्टीमीडिया के अलग अलग प्रकार भी होते है जिसको निचे बता रहा हूँ।

COMPUTER SYSTEM

कंप्यूटर एक मल्टीमीडिया डिवाइस होता है। जिसमे हम Multimedia से रिलेटेड सभी फाइल्स को चला पाते है। और साथ ही इसके मदद से हम अपने मल्टीमीडिया फाइल्स को एडिट भी कर पाते है। जैसे की video, audio या फिर एनीमेशन। ये अलग अलग तरह के होते है जैसे डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबलेट या फिर मोबाइल फ़ोन। ये सब कंप्यूटर सिस्टम के example है।

KIOSK SYSTEM

ये भी एक तरह का कंप्यूटर की तरह ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। जिसमे टच स्क्रीन की मदद से use किया जाता है।

TV

टीवी के बारे में तो सब जानते होंगे। ये भी एक Multimedia डिवाइस होता है। जिसमे हम तरह तरह के प्रोग्राम देख पाते है। जिसमे गाने, video या एनीमेशन को हम देख पाते है। इसके हेल्प से हमलोग पूरा मल्टीमीडिया का आनंद लेते है।

STORAGE DEVICE

जितने भी स्टोरेज device होते है वो भी एक मल्टीमीडिया के अच्छा example है। क्योकि हम अपने जितने भी मल्टीमीडिया फाइल्स होते है। वो सब हमलोग इसी स्टोरेज डिवाइस में store कर के रखते है। जिसके वजह से स्टोरेज डिवाइस भी मल्टीमीडिया का प्रकार होते है। जैसे की हार्ड डिस्क ड्राइव, Pendrive, डीवीडी इत्यादि।

मल्टीमीडिया का USE 

आइये देखते है की मल्टीमीडिया का हमारे दैनिक जीवन में क्या uses है। 

  • आज कल online का काफी प्रचलन हो गया है। जहा सबलोग चाहते है की हमारा ज्यादा से ज्यादा काम online हो जाये। जिसमे सबसे ज्यादा use online classes के लिए हो रहे है। जिसको E -learning बोलते है।
  • video conferencing के लिए use किया जाता है।
  • गेम खेलने के लिए use किया जाता है।
  • मनोरंजन के लिए सबसे ज्यादा use होता है Multimedia का। क्योकि हमलोग इसी के कारण मूवी या और भी प्रोग्राम को देख पाते है।
  • मूवीज में अलग अलग इफ़ेक्ट डालने में मल्टीमीडिया का use होता है।
  • प्रेजेंटेशन बनाने के लिए इसका use किया जाता है। जिससे लोगो को अच्छे से समझाया जा सके।
  • इसका use अलग अलग तरह की ट्रेनिंग देने में भी किया जाता है।

इस तरह से और काफी कुछ uses है इसके जहा पर हम मल्टीमीडिया का use कर के अपना काम और भी आसान बना सकते है।

मल्टीमीडिया में use होने के लिए किस तरह के कंप्यूटर सिस्टम का Requirement होता है?

  • कंप्यूटर या लैपटॉप 
  • Audio card 
  • Video card
  • DVD Writer
  • स्पीकर
  • Webcam
  • Multimedia Software
  • Mic
  • 1GB  RAM minimum

MULTIMEDIA के ELEMENT

Multimedia बहुत सारे एलिमेंट को मिला कर बना है जो की निम्नलिखित है:

1. GRAPHICS

मल्टीमीडिया में हमलोग pictures या ग्राफ़िक का भी use करते है। जिसको की हमलोग digital रूप में अपने कंप्यूटर में store कर पाते है। जैसे :

  • GIF

ये एक image का format होता है। जिसमे एनिमेटेड फोटोज होते है। इसमें 8 बिट कलर का use किया जाता है।

  • JPG

ये भी एक फोटो का format है जिसमे 24 बिट कलर का use होता है। इस 24 बिट को true color के नाम से जाना जाता है।

  • BITMAP GRAPHIC 

हमलोग जो फोटो स्कैन करते है या कैमरा से क्लिक करते है। वो सब बिटमैप ग्राफ़िक में store किये जाते है। ये बिट और पिक्सेल दोनों में store किये जाते है। इसके कुछ software है जैसे की adobe photoshop या Corel draw इत्यादि।

  • VECTOR GRAPHIC

Multimedia में वेक्टर ग्राफ़िक का use भी होता है। इसका use हमलोग लोगो या कार्टून्स बनाने में करते है। इसका खासियत ये है की इसको हम कितने भी बड़ा और छोटा बना सकते है। इससे फोटो की quality फटती नहीं है। ये mathematical axis पर काम करता है। जैसे की adobe illustrator software है। 

2. TEXT

what is multimedia in hindi

मल्टीमीडिया में text का भी उतना ही भूमिका होता है जितना बाकी सब का होता है। इसी से हमें letter, number या फिर specials character मिलता है। जिसका use हम अपने Multimedia में कर पाते है। इन text को audio, video या फिर एनीमेशन में जोड़ कर use करते है। इन text को अलग अलग कलर या फिर size में use कर के और भी effective बनाया जा सकता है। 

3. AUDIO

what is multimedia in hindi

ये भी मल्टीमीडिया का एक अभिन्न अंग है। जिसके कारण हम आवाज सुन पाते है और Multimedia का अच्छे से आनंद उठा पाते है। ये एनालॉग format में use होता है। जिसको की microphone के जरिये इलेक्ट्रॉनिक  सिग्नल में बदल दिया जाता है। अब इस इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को digital format में बदल कर कंप्यूटर में store कर दिया जाता है। 

इस तरह से हम उस store audio को अपने हेड फ़ोन या स्पीकर से सुन पाते है। कंप्यूटर में इसको सुनने के लिए उसमे audio card का होना जरुरी होता है। नहीं तो हम audio को सुन नहीं पाएंगे। audio के कुछ format है जिनका use हमलोग करते है। जैसे की MP3, MIDI, WAV या MPEG इत्यादि।

4. VIDEO

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कंप्यूटर में video देखने के लिए video card का होना काफी जरुरी होता है। क्योकि इसके बिना हम video देख नहीं पाएंगे। आजकल मल्टीमीडिया में video का काफी प्रचलन हो गया है। video गेम भी काफी use होने लगा है।

5. ANIMATION

बहुत सारे फोटो मिल कर एक गतिशील फोटो बनाते है उसी को एनीमेशन कहा जाता है। अलग अलग फोटो ऐड हो कर जो output देते है वही एनीमेशन का रूप ले लेते है। जिसमे पिक्चर का काफी सारे ग्रुप होते है। जिसमे सब पिक्चर एक के बाद एक अपने जगह replace करते है और हमें लगता है की वो चल रहा है। लेकिन ये सब ग्रुप में लिए पिक्चर के कारण होते है।

इस प्रक्रिया को कराने में 1 sec में 20-25 पिक्चर को एक क्रम में दिखाना पड़ता है। आपलोग तो जानते ही होंगे एनीमेशन का use कहा होता है। जैसे की कार्टून मूवीज में, प्रचार में, विडियो गेम्स में इत्यादि। जहा वीडियोग्राफी संभव नहीं होता है वहां पर इस तकनीक का use किया जाता है।

इसके लिए भी काफी सारे software है जिसकी हेल्प से एनीमेशन बनाया जाता है। जैसे adobe photoshop, एनिमेटर स्टूडियो या फिर adobe pro.

6. KIOSK

मल्टीमीडिया में कीओस्क का इस्तेमाल ज्यादातर रेलवे, एअरपोर्ट, होटल इत्यादि पर जानकारी देनें के लिए किया जाता है। ये भी कंप्यूटर का ही एक रूप है। जिसमे टच स्क्रीन लगा होते है जिसकी हेल्प से हम इसको use कर पाते है।

ADVANTAGE AND DISADVANTAGE OF MULTIMEDIA

MULTIMEDIA का ADVANTAGE

  • ये पूरी तरह से यूजर फ्रेंडली होता है।
  • यह सिस्टम पोर्टेबल होता है।
  • ये काफी flexible होता है जिससे हम जब चाहे मीडिया को बदल सकते है।
  • इसके हेल्प से किसी भी तरह का ट्रेनिंग कास्ट काम हो जाता है।
  • इससे हम थोड़े समय में काफी लोगो तक अपनी बात को पंहुचा सकते है।
  • ये संचार का काफी अच्छा जरिया माना जाता है।
  • Entertainment और study में इसका बहुत बड़ा योगदान है।
  • इसकी मदद से हम अपनी बात को लोगो तक काफी easy way में समझा सकते है।

MULTIMEDIA का DISADVANTAGE

  • मल्टीमीडिया को कितने बार लोग मिसयूज भी कर लेते है।
  • इसको use करने के लिए एक विशेष प्रकार के सिस्टम हार्डवेयर की जरुरत होती है।
  • मल्टीमीडिया को सेटिंग करना या configure करना इतना आसान भी नहीं होता है।
  • इसमें file को बन जाने के बाद compile कराने में काफी समय लगता है।
  • मल्टीमीडिया के सारे file सभी Hardware में सपोर्ट भी नहीं करते है। इसको ध्यान देना काफी जरुरी होता है।
  • बहुत सारे इनफार्मेशन हो जाने से ये कभी कभी ओवरलोड भी हो जाता है।
  • इसको बनाने में काफी चीजो का जरुरत पड़ता है। जिससे ये काफी एक्सपेंसिव हो जाता है।

CONCLUSION

What is Multimedia in Hindi? और इसके विभिन्न types के बारे में अपने सिखा। जहा मै आपलोग को इसके बारे में काफी डिटेल्स से समझाने की कोशिस किया हूँ। मैंने इसके एडवांटेज और डिशएडवांटेज के बारे में भी बताया है। ताकि आपलोग मल्टीमीडिया को अच्छे से समझ सके।

मैं आशा करता हु आपलोग को ये पोस्ट अच्छा लगा होगा। अगर अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे। जिससे उनलोगों तक भी मै अपने ज्ञान बाँट सकू। पोस्ट अच्छा लगा हो तो आपलोग हमें कमेंट कर के जरुर बताइए। और इसको सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी शेयर करना नहीं भूलिए।

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WHAT IS ZIP AND RAR FILE IN HINDI | ZIP FILE DOWNLOAD कैसे करे

what is ZIP and rar file in hindi

What is ZIP and rar file in hindi. हेल्लो दोस्तों कैसे है आप सभी को मेरे तरफ से नमस्कार. आज मै बात करने वाला हूँ ZIP file के बारे में. इसमें हमलोग जानेंगे की ZIP file क्या होता है? ZIP file download कैसे करे? और इसको कैसे use किया जाता है ? तो आपलोग हमारे साथ बने रहिये और नए नए टेक्नोलॉजी से रिलेटेड ब्लॉग को एन्जॉय कीजिये. और अपने निजी दुनिया में इसको use करके अपने लाइफ को और भी आसान बनाइये.

यदि आपलोग कंप्यूटर use करते होंगे तो इस ZIP file का नाम जरुर सुने होंगे. अगर नहीं जानते तो हमारे साथ बने रहे. आज मै आपको बताऊंगा what is ZIP and rar file in hindi and how to open zip and rar file in computer.

WHAT IS ZIP AND RAR FILE | ZIP और RAR FILE क्या है? | ZIP FILE DOWNLOAD कैसे करे?

जिप या रार एक ही file का फॉर्मेट होता है जिसका काम लगभग एक सामान ही है. आपको ये तो पता ही होगा की कंप्यूटर में हर एक file का एक extension होता है. जैसे audio के लिए .mp3 तो video के लिए .MP4 . ठीक उसी तरह जिप या रार भी एक extension है. इस तरह के file जहा भी use किया जाता है वहां उसके last में .zip या .rar लगा होता है.

जब भी हमें किसी को एक या उससे ज्यादा कोई file send करना होता है तो, ऐसे में हमें इसका use करना पड़ता है. तभी हम एक जगह से दुसरे जगह पर कोई file आसानी से send कर पाते है. जैसे अगर किसी को 5 फोटो एक बार में mail करना है तो ऐसे में हम एक folder को कभी भी mail नहीं कर पाएंगे. इसको एक साथ mail करने के लिए इन 5 फोटो का पहले zip file बनाना होगा. फिर उसको mail में आसानी से attach कर के आप mail कर पाएंगे.

जिप फाइल बनाने के एक और फायदा है zip बनाने पर हमारे file का space थोडा कम हो जाता है. क्योकि हम जब भी zip file बनाते है तो ये फाइल्स को compress कर के उसके size को थोडा कम कर देता है.

ZIP FILE DOWNLOAD कैसे करे ?

zip file download करने के लिए सबसे पहले हमे उसके ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा. जो की मै आपलोग को निचे लिंक दे दूंगा. वेबसाइट ओपन होने के बाद अब हमें वहां download winzip now बटन मिलेगा. जिस पर क्लीक कर हम इस software को downlaod कर सकते है. यहाँ आपको एक buy now करके भी आप्शन मिलेगा. जिसमे हमलोग कुछ advance features को भी use कर सकते है.

वैसे हमारा ज्यादातर काम फ्री वाले से ही हो जाता है. downlaod करने के लिए निचे दिए लिंक पर क्लिक करे.

DOWNLAOD ZIP SOFTWARE 

कंप्यूटर में जिप या रार फाइल कैसे बनाते है? | STEP BY STEP इसको इस्तेमाल कैसे करते है?

सबसे पहले इस software को use करने के लिए इसको डाउनलोड करना होगा. अब हमारा software downlaod हो चूका है.

  1. सबसे पहले हमें जिस folder का जिप या रार file बनाना हो उसपर right माउस बटन क्लिक करना है. उसके बाद Add to archive पर क्लिक करना है. जैसा की फोटो में दिखाया गया है.

what is ZIP and rar file in hindi

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  1. Add to archive पर क्लिक करने के बाद अब न्यू window ओपन होगा. इसमें आप चाहे तो अपने file को rename कर सकते है ,या अपने file format को जिप या रार में select कर सकते है. अब आप compression method में जाकर अपने हिसाब से file को select कर सकते है. जैसे की इसमें normal select है .फिर उसके बाद ok button पर क्लिक कर दें.

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Ok बटन पर क्लिक करते ही Process शुरू हो जायेगा जिसमे की थोडा टाइम लग सकता है. क्योकि ये file को compress करने में थोडा टाइम लेता है. निचे फोटो में देखिये. file compress होने के बाद ये file कुछ अलग तरह के folder में convert हो जाते है.

what is ZIP and rar file in hindi

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जिप या रार फाइल कैसे ओपन करे ?

अब बात आती है की इस file को कंप्यूटर में ओपन कैसे करे. तो इसके लिए हम निम्न step को देखेंगे.

सबसे पहले जिस file को ओपन करना है उस पर right माउस बटन क्लिक करेंगे. उसके बाद Extract Here पर क्लिक करेंगे. इससे आपका file ओपन हो जायेगा उसके बाद आप आसानी से अपने file को देख पायेंगे. इसको चाहे तो हम destination path देकर भी वहां save कर सकते है.

what is ZIP and rar file in hindi

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 नोट: इसमें ध्यान देने वाली एक बात है, और वो ये है की अगर ये file को हम ऐसे कंप्यूटर में ओपन करते है जिसमे winrar वाला software नहीं है. तो ऐसे में उस file को ओपन करना मुश्किल है. उसके लिए आपको सबसे पहले ZIP file download करना होगा. उसके बाद हम उस file को ओपन कर पायेंगे.

CONCLUSION

What is ZIP and rar file in hindi और ZIP file download कैसे करे? इसको कैसे use किया जाता है ? ये सबके बारे में मैंने अच्छे से बताने की कोशिस किया हूँ. मुझे उमीद होगी की आपलोग के सारे डाउट clear हो गए होंगे. 

पोस्ट अगर अच्छा लगा हो तो इसको जरुर शेयर कीजिये और अपने कमेंट हमें  बताये. जिससे मै और भी अपने ब्लॉग को improve  कर पाऊं और आपको और भी अच्छे ब्लॉग दे पाऊं. मेरे इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करना नहीं भूलियेगा. जिससे सभी लोग तक ये इनफार्मेशन पहुँच सके. और वो अपने ज्ञान को बढ़ा सके. मुझे आपलोग फेसबुक पर follow कर सकते है.

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HOW TO MAKE BOOTABLE PENDRIVE USING CMD | BEST TIPS[2026]

How to make bootable pendrive using cmd

How to make bootable pendrive using cmd. हेल्लो दोस्तों कैसे है? आशा करता हु आप लोग अच्छे होंगे. आज मैं आपलोग के लिए फिर से एक नया टॉपिक लेकर आया हु. जिसमे जानेंगे की एक pendrive को cmd का use करके कैसे bootable किया जाता है.

आपलोग ने कंप्यूटर कभी format किया होगा तो वहां आपने bootable pendrive का नाम सुना होगा. जिस कंप्यूटर में CD/DVD writer नहीं होता है, या फिर ख़राब हो जाता है तो वहा हमलोग कंप्यूटर को format करने के लिए pendrive का सहारा लेते है.

ऐसे condition में pendrive को bootable करना होता है. जिससे हम अपने कंप्यूटर को format कर सके. तो आइये आगे चलते है और जानते है.

HOW TO MAKE BOOTABLE PENDRIVE USING CMD – PENDRIVE को BOOTABLE करे CMD के जरिये.

pendrive bootable का मतलब होता है, ऐसा pendrive जिससे हम अपने कंप्यूटर को format कर पाए. और नया operating system install कर सके. तो आज के ब्लॉग में जानेंगे की कैसे pendrive को कमांड के जरिये bootable करते है.

वैसे तो बहुत से software भी है जिसके जरिये भी pendrive को bootable किया जा सकता है. अगर किसी कारण से आपके पास वो software न रहे, तो फिर ऐसे condition में भी आप pendrive को bootable करके अपना काम कर पाइयेगा.

तो आइये जानते है pendrive को command के जरिये कैसे bootable बनायेंगे.

जरूर पढ़े: 

COMMAND के जरिये PENDRIVE BOOTABLE करने के लिए निम्न STEPS को FOLLOW करे.

  • सबसे पहले कंप्यूटर में pendrive को लगाये.
  • अब अपने कीबोर्ड से Window+R button प्रेस कर RUN command open करे. अब इसमें cmd लिख कर enter press करे. जिससे command prompt window खुल जायेगा.
  • अब इसमें diskpart लिख कर enter करे. जिससे न्यू command लाइन window खुल जायेगा.

How to make bootable pendrive using cmd

image of How to make bootable pendrive using cmd
  • इसमें list disk टाइप करे. list disk टाइप करते ही कंप्यूटर में जितने भी drive होंगे, जैसे hard disk और pendrive उसके list show हो जायेगा. ये list Disk 0 या Disk 1 की तरह आएगा. इसमें से अपने pendrive के space को देखते हुए अपने pendrive को select कर लेंगे. अब अगर disk 1 वाला pendrive के लिए है तो उसके बाद हमें select disk 1 टाइप करके enter प्रेस करे. अब disk 1 select हो जायेगा.
  • उसके बाद clean लिख कर enter करे. उसके बाद create partition primary लिख कर enter करे.
  • अब select partition 1 लिख कर enter करे.
  • हमें format करना है तो उसके लिए हमें format fs=ntfs quick टाइप करके enter करना है.
  • हमारा pendrive bootable बन चूका है लेकिन इसको एक्टिव करने के लिए लास्ट command active टाइप करके enter कर देना है. उसके बाद exit टाइप कर command prompt से बाहर आ जाना है. जैसा निचे फोटो में दिखाया गया है.

How to make bootable pendrive using cmd

image of How to make bootable pendrive using cmd
  • अब हमारे पास जो भी OS का setup फाइल है उसको अपने pendrive में कॉपी कर ले. जिससे की आपका pendrive उस OS के लिए bootable हो जायेगा और आप अपने कंप्यूटर को format कर पाएंगे.

तो इस तरह से हम बिना third party bootable software के भी अपने pendrive को bootable कर सकते है. जिसमे command prompt का इस्तेमाल किया जाता है.

ये भी पढ़े:

CONCLUSION

तो इसमें आपलोग ने सिखा How to make bootable pendrive using cmd. इस तरह से अपने pendrive को कमांड का use कर के उसको bootable करते है.

अगर आपलोग को ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों और family तक जरुर शेयर करे. जिससे उनके तक भी ये इनफार्मेशन आसानी से पहुँच पाए. और आप अपने सुझाव हमें मेल या कमेंट करके जरुर बताये.

नमस्कार !!!

DIFFERENCE BETWEEN GENUINE AND PIRATED WINDOWS IN HINDI

Difference between Genuine and Pirated Windows

Genuine and Pirated Windows में क्या अंतर है? आइये जानते है, हेल्लो दोस्तों नमस्कार कैसे है आप ? अच्छे ही होंगे. तो आज मैं आपलोगों के लिए एक और नए टॉपिक लेकर आ गया हु. जिसमे कुछ खास बात करने वाले है, जो की सभी के लिए काफी important है. आप सभी लोग जो मेरे ब्लॉग अभी पढ़ रहे होंगे इसमें से maximum लोगो के पास computer तो होंगे ही.

और अगर नहीं है तो उनके लिए भी काफी important है. बस बने रहिये हमारे साथ और नये नए information के साथ update रहे. तो आइये आगे देखते है की Genuine and Pirated Windows में क्या अंतर होते है ?

Difference between Genuine and Pirated Windows

image of Difference between Genuine and Pirated Windows

GENUINE AND PIRATED WINDOWS में अंतर

आज के टॉपिक मैं बात करने वाला हु Windows OS software के बारे में. जो लोग computer use करते होंगे उनको तो पता ही होगा की OS क्या होते है. OS हमारे और computer के बिच एक इंटरफ़ेस का काम करता है, जिससे हमारा computer हमारे दिए गए command को समझता है और उसपर work करके हमें output देता है.

तो जो लोग भी computer use करते होंगे वो Genuine and Pirated Windows के बारे में भी सुने होंगे. आज का important टॉपिक यही है की आखिर दोनों के बीच में अंतर क्या क्या होते है?

चलिए आगे देखते है की Genuine and Pirated Windows क्या होते है और इनके क्या फायदा और क्या नुकसान है.

जब भी आप नया computer खरीदने जाते होंगे तो उस टाइम जरुर shopkeeper से सुने होंगे. वो सबसे पहले हमसे यही पूछता है की computer में Windows कौन सा रहेगा. Original Windows install करना है या Pirated Windows install करना है.

क्या होते है GENUINE AND PIRATED WINDOWS :

Windows, DOS या Linux ये सभी एक operating system है. जो की किसी भी computer को operate कराने के लिए काफी खास होते है. इनके बिना हमारा computer operate नहीं हो सकता है. जब हमलोग market में नया laptop या desktop खरीदते है तो हमें Windows based या DOS based computer मिलते है. DOS based OS normal user के लिए नहीं होते है. इसपर वही काम कर सकता है जिसको command में अच्छा जानकारी हो.

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यदि आप DOS based computer लेते है तो बाद में आपको Windows operating system install करना ही पड़ेगा. तभी आप अपने computer का use अच्छी तरह से कर पाएंगे. अब बात आती है की कैसा operating system install करे.

तो इसमें ये दो तरह के आते है एक original वाला और दूसरा pirated. इसमें जैसे कोई स्टूडेंट हो या नार्मल user है तो वो pirated को ही prefer करता है. क्योकि ये operating system free होते है. लेकिन free के साथ साथ काफी खतरनाक भी होते है. इससे आपका computer secure नहीं रह पाता है.

Friends जब भी आपलोग original या genuine windows वाले computer खरीदते है तो, उसकी कीमत लगभग 4000 से 5000/- रूपये ज्यादा होते है. या इनसे भी ज्यादा हो सकते है. अगर वही DOS या Linux वाला computer लिया जाये तो वो काफी सस्ता पड़ता है.

क्योकि ये operating software free होते है. लेकिन बहुत से दुकान वाले यहाँ लोगो को मुर्ख बनाकर original windows के दाम ले लेते है. तो यहाँ हमें थोड़े ध्यान देने की जरुरत होती ताकि हमें मुर्ख न बना पाए.

PIRATED WINDOWS के नुक्सान :

  • हमलोग जो pirated windows अपने computer में use करते है वो actual में genuine के ही copy होते है. जिसे crack करके हमलोग use करते है. जिसको हम चोरी भी कह सकते है क्योकि ये genuine के copy version है. और यदि आपलोग इस तरह के operating system use करते है तो इसपर Legal action भी microsoft चाहे तो ले सकता है.
  • Pirated software के ज्यादा chances होते है currupt होने के. जिससे हमारे computer के desktop screen पूरी तरह black हो जाते है. और उसपे कोई भी हम wallpaper नहीं लगा पाते है. जैसा की फोटो में दिख रहा है.

Difference between Genuine and Pirated Windows

image of Difference between Genuine and Pirated Windows
  • screen black होने के बाद हमारे computer में application software भी ढंग से काम नहीं कर पाते है.
  • Pirated software में computer की speed भी काफी slow हो जाती है. जो की genuine की तुलना में थोड़ी slow work करती है.
  • Pirated software का सबसे बड़ा नुकसान है window को update करना. अगर आप चाहते है की कोई नया update आया है तो उसको update कर ले. तो शायद कुछ टाइम के लिए तो update हो जायेगा लेकिन वो success नहीं होता. क्योकि जब हमलोग pirated windows को update करते है तो microsoft के server ऐसे windows को detect कर लेता है की ये windows pirated है. और आपका update block कर दिया जाता है.
  • फिर से आपका computer के screen black हो जाते है. तो अगर आप चाहते है की computer के screen black न हो तो आप अपने computer के auto update को हमेशा के लिए बंद कर दे . इससे आपका windows pirated होते हुए भी genuine की तरह दिखेगा. और कभी screen black नहीं होगा.
  • Pirated operating system secure नहीं होते. इसमें हैकर आसानी से आपके system को चाहे तो hack कर सकते है.

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 GENUINE WINDOWS के फायदें :

  • genuine windows के सबसे बड़ा फायदा ये है की हमें हमेशा update patch मिलते है. जिससे कोई भी new update आता है तो उसका use हम कर पाते है.
  • सबसे बड़ा फायदा ये है की हमारा computer पूरी तरह secure होते है.
  • हमें microsoft के तरफ से support भी मिलते है.
  • अब आप सोच रहे होंगे की ये secure कैसे होते है क्योकि pirated और genuine windows तो लगभग लगभग same ही होते है. तो security कैसे genuine वाले windows को ही मिलते है.

तो आइये इसको अच्छे से समझते है, जब भी microsoft को लगता है की हमारे windows में कोई virus attack हो सकता है या हैकर hack कर सकते है. तो ऐसे में microsoft वाले update देते है जिससे की जो भी loop hole है जहा से हैकिंग के chances लग रहे है. उसको ये लोग update के जरिए उस loop hole को fill कर देते है. जिससे हमारा computer secure रहे. तो ये सब बाते genuine windows को खास बनाते है.

अभी हाल ही में ransomware नाम के virus का attack हुआ तो उससे बचने के लिए microsoft ने एक update दिया था. जो की सिर्फ genuine user के लिए ही थे.

तो आपने देखा की कैसे दोनों में difference है. हमलोग कुछ पैसा बचाने के लिए pirated windows use करते है और problem में फंस जाते है. इससे बढ़िया है आपलोग genuine windows का इस्तेमाल करे, जिसमे regular update और support मिलते रहता है.

Genuine windows download करने के लिए निचे link पर क्लिक करे :

Windows 10

Windows 7

CONCLUSION

आशा करता हु की ये पोस्ट आपको पसंद आएगा.  इस पोस्ट को अपने दोस्त और फॅमिली तक जुरूर पहुचाये. जिससे उन्हें भी इसका फायदा मिल सके और इस्तेमाल कर सके. ये पोस्ट hindi में है. जिससे काफी लोगो को समझने में मदद मिलेगा.

अगर आपको लगता है की इसमें कुछ और improvement चाहिए तो कृपया हमें जरुर comment या mail करके बताये. और अपना सुझाव जरुर share करे. जिससे मैं और नए नए topic आपलोगों के लिए ला सकू. 

Thanks!!!

HOW TO FORMAT HARD DISK DRIVE USING CMD | हिंदी में जाने

How to format hard disk drive using CMD

HOW TO FORMAT HARD DISK DRIVE USING CMD IN HINDI – HARD DISK DRIVE को CMD से कैसे FORMAT करेंगे

आज मै आपलोग को How to format hard disk drive using CMD के बारे में बताऊंगा. जिसमे मैं आपके लिए लाया हु की कैसे command का use करके अपने pendrive या hard drive को format कर सकते है. तो चलिये आगे बढ़ते है और देखते है की format कैसे किया जाता है.

वैसे format करने की जरुरत क्यों पड़ती है. क्या आप जानते है. इसके बारे में मैं आपको कुछ बताना चाहूँगा. जैसे वो problem virus का हो सकता है या फिर काफी बार direct computer बंद होने के कारण हमारा operating system currupt हो जाता है. जिससे formatting की जरुरत पर जाती है.

तो आगे  देखते है – How to format hard disk drive using CMD.

जरुर पढ़े : 

वैसे तो सभी लोग जानते होंगे की normally hard disk को format कैसे किया जाता है. लेकिन मैं आज आपलोगों को cmd के जरिये format करना बताऊंगा. जिससे आपलोग pendrive भी format कर पाएंगे काफी आसानी से.

HARD DISK को FORMAT करने के लिए कुछ STEPS को FOLLOW करेंगे:

  1. सबसे पहले command prompt को open करेंगे. “Win+R” button press करेंगे.
  2. फिर उसमे CMD type करेंगे और ok press करेंगे.
  3. जिससे उस computer के command prompt खुल जायेगा.
  4. उसके बाद एक बार check कर लेना है की कौन से drive को format करना है, या फिर pendrive को format करना है. इसको select करते टाइम एक बात का ध्यान जरुर रहे की उसका डाटा आप पहले से backup में ले ले. क्योकि format के बाद आपका पूरा डाटा delete हो जाने वाला है. ध्यान रहे की कही गलती से कोई और drive न select हो जाये.
  5. अब इसमें जिस drive का format करना है जैसे “D” drive हुआ. तो cmd में type करे D: और enter कर दे. इससे D drive select हो जायेगा. हमलोग सिख रहे है How to format hard disk drive using CMD.
  6. select करने के बाद अगला step है, format D: और enter कर देना है.

How to format hard disk drive using CMD

Image of How to format hard disk drive using CMD

7. उपर के फोटो में जिस तरह से दिखाया गया है, वैसे वैसे step को follow करेंगे फिर उसके बाद हमसे पूछेगा Y/N. अगर आगे process करना है तो Y press करेंगे और enter कर देंगे.

8. अब हमसे computer confirmation करेगा की सही में format करना है. अगर करना है तो Y नहीं तो N press करना है. इस तरह से हम अपने computer के hard drive को या pendrive को आसानी से format कर लेंगे.

वैसे तो normal सभी लोग जानते है की किस तरह से एक computer के drive को format किया जाता है. लेकिन ये भी एक तरीका है जिसमे हमलोग cmd के through भी काफी easily format कर सकते है. cmd से format करना काफी अच्छा माना जाता है. अगर किसी कारण normal तरीके से format करने में कोई परेशानी आती है तो ये तरीका उससे काफी अच्छा है.

Note :

आपलोग ऐसा हार्ड डिस्क ले सकते है जिसको न के बराबर format करने की जरुरत पड़ती है. ये मेरा पर्सनल experience रहा है. क्योकि जब से मै WD का external hard disk इस्तेमाल कर रहा हु तब से शायद ही मुझे उसको format करने की जरुरत पड़ा होगा.

आपलोग जानते ही होंगे की format करने से ज्यादा प्रॉब्लम होता है अपने डाटा को secure करना. जिससे डाटा डिलीट होने से बच सके. अगर आपलोग को WD EXTERNAL HARD DISK देखनी है तो Link पर क्लिक कर के देख सकते है.

CONCLUSION

आज हमलोग सीखे है की How to format hard disk drive using CMD. अब हमलोग काफी आसानी से हार्ड डिस्क को command का use कर के format कर सकते है. वो भी काफी आसानी से. आप जानते होंगे की जितना कठिन होता है command पर काम करना. उतना ही आसानी से कोई भी काम का output भी हमे मिल जाता है.

तो आशा करता हु आपको इस नए ब्लॉग से कुछ जानकारी हासिल हुई होगी. अगर अच्छा लगा हो तो इसे share करे. ताकि सभी तक ये ब्लॉग आसान भाषा में पहुच सके और इसका फायदा ले सके. और अगर इसमें कोई कमी लगे तो कृपया हमें comment box में करके बताये. या फिर मेरे mail id पर mail करे. 

Thank You!!!

कंप्यूटर का ड्राइव C से ही क्यों शुरु होता है | बेस्ट टिप्स 2026

Why Computer Hard disk drive name starts from C but not from A

Why Computer Hard disk drive name starts from C but not from A आज हमलोग इसके बारे में जानेगे. की ऐसा क्यों होता है? आप सबने computer और laptop इस्तेमाल किया होगा. तो एक बात जरुर ध्यान में आता होगा की हमारा computer में drive हमेशा C से ही क्यों शुरू होता है. क्यों नहीं A या B से शुरू होता है.

तो आज हमलोग इसी के बारे में बात करेंगे की Why Computer Hard disk drive name starts from C but not from A. आज इसका कुछ tips मै आपको शेयर करने वाला हूँ. जिससे आपका सारा डाउट clear हो जायेगा.

WHY COMPUTER HARD DISK DRIVE NAME STARTS FROM C BUT NOT FROM A

Why Computer Hard disk drive name starts from C but not from A

Image of Why Computer Hard disk drive name starts from C but not from A

हमलोग जो भी ऑपरेटिंग system install करते है, उसमे हमारा drive जो भी बनता है वो हमेशा C drive से ही क्यों बनता है. आज से बहुत दिनों पहले जब हमारा computer run करना होता था. तब उस टाइम हमें एक external drive की जरुरत पड़ती थी. जिसको की हमलोग floppy drive कहते थे.

WHY DO HARD DRIVES START AT C

अगर हमारे पास floppy डिस्क होते थे तब हम computer को चला सकते थे या डाटा को उसमे store कर सकते थे. और अगर ये नहीं होते थे तो नहीं computer चला सकते थे और न ही डाटा store कर सकते थे. तो floppy को computer में drive की तरह इस्तेमाल किया गया. तो इस drive के लिए पहले एक लैटर assign किया गया.

जो की A हुआ. जैसे जैसे technology आगे बढती गयी वैसे एक और floppy डिस्क आया. जिसके लिए B assign किया गया. जिसको की computer के अंदर एक और drive के लिए use किया जाने लगा. जो काम हमलोग पहले वाले फ्लॉपी drive से करते थे. उसी का ये एडवांस वर्शन के तौर पर लांच किया गया. जो की A के बाद B का जगह लिया हमारे कंप्यूटर के drive में.

जरुर पढ़े :

तो इस तरह floppy के लिए A और B use किया गया. लेकिन इस floppy को use करने के लिए कुछ limitation होती थी, जैसे की इसमें ज्यादा डाटा store नहीं किया जा सकता था और ये ज्यादा secure भी नहीं हुआ करता था. इसमें काफी काम डाटा store हो पता था. आप पढ़ रहे है Why Computer Hard disk drive name starts from C but not from A.

floppy डिस्क के इन्ही सब कमियों के कारण एक नया drive आया जिसको की हमलोग HDD(hard disk drive) कहते है. जिसमे की हमलोग काफी से काफी डाटा store कर सकते है और ये floppy की तुलना में काफी secure भी होता है. इस hard drive में आज के डेट में बात करे तो काफी स्टोरेज आ गया है.

अब जब ये computer system में तीसरे drive के तौर पर आया तो, इसको भी एक letter से assign किया गया. जिसके लिए C चुना गया. क्योकि पहले से A और B floppy drive के लिए assign हो चुके थे. यही कारण है की हमलोग जब भी computer में नया ऑपरेटिंग सिस्टम install करते है तो वो automatic C drive को चुन लेता है. क्योकि पहले से A और B floppy के लिए assign ही है.

CONCLUSION

आज आपने सिखा Why Computer Hard disk drive name starts from C but not from A. जिसमे बताया गया है की क्यों हमारे कंप्यूटर में हमेशा drive का letter C के ही सुरु होते है.

तो मैं आशा करता हु की आपलोगों का doubt clear हो गया होगा. अगर किसी भी तरह का doubt हो तो उसे मुझसे पूछ सकते है. या comment करके बता सकते है.यदि इस पोस्ट से कुछ सिखने को मिला तो कृप्या आप इस पोस्ट को फेसबुक और अपने friends तक share जरुर करे जिससे बाकी सभी लोग भी इस पोस्ट का लाभ ले सके. और वो भी अपने जानकारी को और बढ़ा सके.

Thank You.

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