BEST 7 MONEY EARNING GAMES IN HINDI | BEST GUIDE

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Best Money Earning Games in hindi आज हमलोग इसी के बारे में बात करने वाले है। आज के समय में हमलोग अपने सारे काम को online mode पर ला दिए है। जिससे हमारे काफी सारे काम काफी आसान हो गयी है। तो जब हमारे काम online होने लगे है तो इसके साथ साथ online gaming भी काफी होने लगे है।

आइये आगे देखते है paisa kamane wala game के बारे में। जिसके मदद से आपलोग online पैसे कमा सकते है।

अब काफी लोग online गेम खेलना पसंद करने लगे है। तो आज मै आपलोग को ये भी बता दूँ की हम अब online गेम खेलनें के साथ साथ पैसा भी earn कर सकते है। आज का पोस्ट Best Money Earning Games in hindi इसी online earning के बारे में होने वाला है।

BEST 7 MONEY EARNING GAMES IN HINDI | पैसे कमाने वाले GAMES के बारे में जानिए

आजकल maximum लोग गेम खेलना पसंद करते है। वो चाहे online हो या offline हो। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा गेम खेलना का ट्रेंड आजकल online ही है। क्योकि ये कभी भी कही भी खेल कर अपना मनोरंजन किया जा सकता है। आज के समय में लगभग सभी के पास smartphone है। जो की हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चूका है।

smartphone का मतलब हुआ ढेर सारा मनोरंजन। जिसमे हमलोग मूवी देख सकते है, video देख सकते है, नेट चला सकते है और तरह तरह के गेम्स खेल सकते है। तो अगर मै आपलोग को ये बताऊ की आपलोग गेम खेलते हुए पैसे भी earn कर सकते है। तो ये है न सोचने वाली बात।

जी हाँ आज मै आपलोग को कुछ ऐसे गेम्स के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसके हेल्प से आपलोग पैसे भी earn कर सकते है। तो बने रहिये हमारे साथ आपलोग पढ़ रहे है Best Money Earning Games in hindi.

आज मै वो सारे गेम्स की लिस्ट बताने वाला हूँ जिसके मदद से हमलोग पैसे भी earn कर सकते है। आज के समय में online पैसे कमाना कोई मुश्किल बात नहीं है। हा इसमें आपको थोड़ी patience रखने की जरुरत पड़ती है। जो की सभी पास नहीं होती है। 

जिसने भी patience रख लिया है online में वो जरुर पैसा कमाया है। 

गेम्स खेल कर पैसे कैसे कमाए?

आइये देखते है कुछ famous money earning games के बारे में जिसको खेल कर कुछ online earn किया जा सकता है। जो की निम्नलिखित है:

  • Roz Dhan
  • GALO Earn Money
  • Mall91
  • Shooting Go
  • Big Time Cash
  • Ring Spin
  • LOCO

आइये अब सभी को डिटेल में एक एक कर जान लेते है:

#1 ROZ DHAN

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इस app को डाउनलोड कर के इनस्टॉल करने से 25 coins मिलते है। इसको 10 लाख से ज्यादा बार इनस्टॉल किया जा चूका है। इस app से हमलोग काफी तरीके से पैसा कमा सकते है। जैसे गेम्स खेलकर, सर्वे कर के, न्यूज़ पढ़ कर के या फिर अलग अलग टास्क कम्पलीट कर के। इससे कमाया हुआ पैसा को हमलोग आसानी से paytm से withdraw कर सकते है।

डाउनलोड करने के यहाँ क्लिक करे।

#2 GALO EARN MONEY

इस app को इनस्टॉल करते ही हमें 50/- रूपये मिल जाते है। इसके साथ ही हमें किसी दुसरे को रेफेर करने से भी उसके पैसे मिलते है। इसको हमलोग फेसबुक, whatsapp या ट्विटर पर शेयर कर के अच्छे पैसे कमा सकते है।क्योकि रेफेर करने से हमे 240/- रूपये तक पैसे मिल जाते है। 

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इसमें हमें काफी तरह के गेम खेलने को मिल जाते है। जिसके कारण हमें साथ में earning भी होने लगती है। online गेम खेलते हुए पैसे कमाना चाहते है तो इसको try जरुर करे।

डाउनलोड करने के यहाँ क्लिक करे।

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#3 MALL91

ये भारत का सबसे बड़ा सोशल कॉमर्स और ग्रुप शौपिंग app है। जिसको Roviri Innovations के द्वारा develop किया गया है। 1crore से भी ज्यादा बार इनस्टॉल किया जा चूका है। इसमें भी हमलोग लिंक को रेफेर कर के earn कर सकते है। इसमें डेली स्पिन कर के हमलोग पैसे कमा सकते है। इसको try कर के एक बार जरुर देखे।

#4 SHOOTING GO

जैसा की नाम ही पता चल रहा है की ये एक शूटिंग गेम है। जिसको खेल कर पैसे earn किया जाता है। ये थोडा हार्ड होता है खेलने में। लेकिन अगर आपलोग को खेलने में काफी एक्सपीरियंस है तो ये काफी easy है। इसमें खेलने के काफी सारे mode मिलने वाले है। जो आपके गेम एन्जॉय करने में एक अलग ही मजा देने वाला है। 

डाउनलोड करने के यहाँ क्लिक करे।

#5 BIG TIME CASH

इस गेम को 10 लाख से भी ज्यादा लोगो ने download किया है। जो एक बड़ी बात है। इस पर हमें काफी easy और सिंपल गेम्स देखने को मिलते है। इसमें थोडा लक पर भी depend करता है। अगर लक साथ देता है तो अच्छी कमाई होती है। आपलोग को इसको भी एक बार try करना चाहिए।

डाउनलोड करने के यहाँ क्लिक करे।

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#6 PAY WITH RING

ये एक काफी आसान गेम है। इसमें हमें ये app को download कर के इनस्टॉल करना है फिर अपना अकाउंट बनाना है। अकाउंट बनने के बाद ही हम इसमें गेम को खेल पाते है। इसमें हमें एक spin देखने को मिलता है। जो अलग अलग कलर में होता है।

जिसमे हमें एक कलर को select कर के उसको spin करना होता है। जिसके हिसाब से हमें पैसा मिलता है। इसमें हम जो पैसा कमाते है उसको paypal का use कर के withdraw कर सकते है। 

डाउनलोड करने के यहाँ क्लिक करे।

#7 LOCO

ये एक अलग तरह की ही app है। जो कौन बनेगा करोड़ पती की तरह ही शुरू किया गया था। ये एक live gaming app है। जो बिलकुल live play किया जाता है। इसमें हम हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषा में खेल सकते है। इसमें आपलोग को सपोर्ट भी मिल जाता है। 

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इसमें हम multiplayer बन कर भी इस गेम को खेल सकते है। इसको भी 10 लाख से ज्यादा लोग ने इनस्टॉल कर के use कर रहे है। इस app को आपलोग को एक बार use कर के देखने चाहिए। 

डाउनलोड करने के यहाँ क्लिक करे।

CONCLUSION

Best Money Earning Games in hindi के बारे में आपलोग को इस ब्लॉग में बताया। जिसमे आपलोग को ये पता चला की हमलोग online गेम खेल कर भी पैसे कमा सकते है। जो की काफी आसान है।  बस आपलोग को ऐसे app के उपर में जाना है जिसमे real में online कमाई किया जा सकता है।  

ये सब जितने भी app मैंने बताया है ये लगभग सारे अच्छे app है। जिसका use कर के आपलोग इनकम कर सकते है। एक बार try कर के जरुर देखे। अगर ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो हमें कमेंट कर के बताये। और अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे जिससे उन तक भी जानकारी पहुच सके। सोशल मीडिया पर जरुर शेयर करे।  

Thanks.

BASIC COMPUTER TROUBLESHOOTING IN HINDI

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

BASIC COMPUTER TROUBLESHOOTING IN HINDI – COMPUTER TROUBLESHOOTING हिंदी में.

Basic Computer Troubleshooting in Hindi. हेल्लो friends कैसे है आपलोग? आज मैं एक नये topic पर बात करेंगे और वो है, एकदम basic computer troubleshooting और वो भी काफी easy way में. जिससे सभी को समझने में काफी आसानी हो.

तो चलिए आगे देखते है और टॉपिक की शुरुवात करते है. जो है Basic Computer Troubleshooting in Hindi.

वैसे अगर हमारा computer चलते चलते बंद हो जाये या जब open करे तो न चले. इस condition में हम या तो technician के पास जाते है या shop पर cpu लेकर जाते है. इस तरह से हमारा system तो सही हो जाता है. लेकिन हम जानते है न इससे कितने time की बर्बादी होती है. उस समय में हम कितना सारा काम निपटा सकते है.

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तो ऐसे condition से बचने के लिए मैं कुछ basic troubleshoot के बारे में बताऊंगा. जिससे की आप अपने से भी अपने computer को ठीक कर पाए. और अपना समय और पैसा बचा पाए.

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

Image of Basic Computer Troubleshooting in Hindi

जब भी हमलोग troubleshooting करते है तो एक बात का ध्यान जरुर रखे, और वो है इनफार्मेशन इकठा करना की वो problem कब और किस condition में start हुई होगी? तो सबसे पहले हमें problem को समझना है. तभी हम अपने computer का troubleshoot अच्छे से कर पाएंगे.

जैसे की computer में डिस्प्ले नहीं आ रहा हो. तो ऐसे में computer को बिना खोले कुछ बेसिक points को check करेंगे जो की निम्न है :

  • पावर सॉकेट में पावर है की नहीं ?
  • पावर स्विच ऑन है की नहीं ?
  • SMPS का power cable सही से लगा है की नहीं ?
  • क्या हमारा UPS On है?
  • AC supply की वोल्टेज को check करेंगे ?
  • Power cable को मल्टीमीटर से जांच लेंगे की proper work कर रहा है या नहीं ?
  • LED जल रहा है या नहीं ?
  • मॉनीटर का स्विच ऑन है की नहीं ?
  • SMPS का on/off switch को जांच लेंगे ?
  • SMPS का फैन चल रहा है या नहीं ?
  • मॉनिटर VGA cable सही से लगी है की नहीं ?
  • सीपीयू fan घूम रहा है या नहीं ?
  • Front panel connection की जांच करें कि वह सही से लगे हैं या नहीं?
  • SMPS के output voltage की जांच करें जैसे की power good वोल्टेज ATX power connector वोल्टेज की जांच करें|
  • मदरबोर्ड पर लगे सभी add on card की जांच कर लेंगे कि वह सही से लगे है या नहीं ?
  • RAM का connection proper हुआ है की नहीं ?
  • मदरबोर्ड कैबिनेट से शार्ट तो नहीं हो रहा है जैसे की बोर्ड कही physically कैबिनेट में टच तो नहीं हो रहा ?
  • हार्ड डिस्क के data cable सही से लगे हैं या नहीं जांच कर ले ?
  • अगर कोई बीप आ रही है तो उससे भी काफी आसानी से troubleshoot किया जा सकता है.

RAM से RELATED PROBLEM

अगर RAM से related problem है तो उस condition में हमारे computer में नो डिस्प्ले आएगा. तो उसके लिए हमें RAM को निकाल कर अच्छे से उसके golden वाले part को साफ करना होगा. उसको साफ करने के लिए सबसे अच्छा होता eraser. जिससे golden वाले part को अच्छे से रगर के साफ करना होता है. keylogger क्या है इससे कैसे बचा जा सकता है जानिए डिटेल्स में.

उसके बाद आपके computer में डिस्प्ले show करने लगेगा. अगर इससे भी न आये तो उस golden वाले part को Iso-propyle solution से साफ करके लगाये.

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

Image of Basic Computer Troubleshooting in Hindi

जरूर पढ़े: 

CPU से RELATED PROBLEM

वैसे तो processor बहुत कम ही खराब होते है ज्यादातर computers में problem का main reason होता है उसमे सही तरह से  Configuration का न होना. हमारा computer start तो हो जाता है लेकिन कुछ कुछ समय पर restart या ऑफ हो जाता है. तो ऐसे में कुछ points तो हम check करेंगे जैसे :

Basic Computer Troubleshooting in Hindi

Image of Basic Computer Troubleshooting in Hindi
  • CPU fan घूम रहा है या नहीं.
  • अपने CPU के voltage की जाँच करेंगे.
  • CPU के उपर अच्छे से heat सिंक लगा है या नहीं.
  • अगर heat सिंक लगा है तो उसके और processor के बिच में थर्मल paste लगा है की नहीं.

SMPS से RELATED PROBLEM

Computer पूरी तरह dead है या इसमें किसी भी तरह की कोई LED glow नहीं कर रही है तब निम्न step को देखेंगे :

  • सबसे पहले तो अपने Wall socket को check कर लेंगे की उसमे power आ रही है या नहीं .
  • उसके बाद power cable को digital multimeter से continuity के लिए check करेंगे की cable में problem तो नहीं है.
  • अगर cable भी सही है तो उसके बाद का step है की हमे कैबिनेट खोलके SMPS को check करना होगा
  • अब SMPS में ATX connector के green और black cable को short करा कर देखेंगे अगर short करने पर SMPS का fan on हो जाये इसका मतलब हमारा SMPS सही है

smps ka troubleshoot

Image of Basic Computer Troubleshooting in Hindi
  • अगर short करने पर SMPS का fan न चले तो इसका मतलब ये नहीं की SMPS ख़राब है, उसके बाद SMPS के cable का voltage एक एक करके check कर लेंगे. जैसे yellow के लिए +12V red के लिए +5V और ऑरेंज के लिए +3.3V अगर ये आएगा तो इसका मतलब है SMPS सही है. उसका fan ख़राब होगा.
  • SMPS के ATX connector में Voilet कलर के cable को +5V के लिए check कर लेंगे. जो की stand by mode में होते है. अगर ये बताये तो भी हमारा SMPS सही है.

हार्ड डिस्क से RELATED PROBLEM

अगर हार्ड डिस्क हमारे computer में डिटेक्ट न हो तो निम्न step को follow करेंगे :

  • सबसे पहले तो BIOS सेटिंग में जाकर देखेंगे की वहां पर HDD का सेटिंग first boot device पर set है की नहीं.
  • HDD का सेटिंग Enable or Disable के लिए check करेंगे.
  • HDD के power cable को अच्छे से check कर लेंगे की ठीक से लगा है या नहीं.
  • हार्ड डिस्क के data cable की connectivity को अच्छे से देख लेंगे.
  • HDD के jumper setting देख लेंगे की सही से लगा है की नहीं.

hdd rapairing

Image of Basic Computer Troubleshooting in Hindi

BEST PC REPAIR TOOLKITS

Basic Computer Troubleshooting जानने के बाद आपलोग को अच्छे टूल्स की भी जरुरत पड़ेगी. इसलिए मै आपलोगों को ये भी बताने वाला हु की कौन सा टूलकिट use करना सही होगा. मैंने जितने भी निचे toolkit के बारे में बताया हूँ. वो लगभग सारे मै पर्सनली use कर चूका हूँ या बहुत कर भी रहा हु.

जिनका site पर परफॉरमेंस काफी ही अच्छा रहता है. आपलोग एक बार निचे दिए link पर जाकर देखे. और अच्छा लगे तो खरीद कर अपना खुद का business जल्द से जल्द शुरू करे. ताकि आपलोग अपने पैरो पर खड़ा हो सके. और अपने लिए नए मुकाम हाशिल कर पाए.

BEST COMPUTER HARDWARE TOOLKIT

COMPUTER NETWORKING TOOLKIT

नोट : उपर में जितने भी टूल्स के बारे में बताया हूँ. वो सारे एक बेसिक टूल्स है जिससे आप अपना business स्टार्ट कर सकते है. बस कुछ पैसा लगा कर. मै बहुत जल्दी आपलोग के लिए एडवांस टूल्स के बारे में भी बताने वाला हूँ. आप हमारे साथ बने रहे और ऐसे जानकारी पाते रहे.

ये सारे लिस्ट में सबसे अच्छा टूल के बारे में बताया गया है. जो काफी अच्छे quality के बने है और long lasting चलने वाले है.

CONCLUSION:

दोस्तों आशा करता हु आज आपलोगों को ये पोस्ट जरुर बढ़िया लगा होगा. क्योंकि इसमें Basic Computer Troubleshooting के बारे में बताया गया है जिससे की आपलोग अपने बेसिक problem को ठीक करने में मदद मिलेगी. अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगे तो इसको आगे share करना न भूले.

और कुछ सुझाव लगे तो हमें जरुर बताये. जिससे मैं अपना ब्लॉग में और कुछ सुधार कर पाऊं. और आगे का पोस्ट और बेहतर तरीके से आपलोगों के सामने ला पाऊं.

Thank You!!!

WHAT IS COMPUTER AND TYPES OF COMPUTER IN HINDI

types of computer

What is computer and Types of Computer in hindi के बारे में आज सिखने वाले है। आपने अपने जीवन मे कंप्यूटर का इस्तेमाल किया ही होगा। और शायद कंप्यूटर चलाने के बारे अच्छी जानकारी भी होगी। लेकिन क्या आपको कंप्यूटर के फुल्फॉर्म, कंप्यूटर के टाइप और कंप्यूटर की अलग अलग generation की जानकारी है?

अगर नहीं पता तो यह पोस्ट ज़रूर पढ़ें।

COMPUTER क्या है? (TYPES OF COMPUTER IN HINDI) 

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो कि यूजर द्वारा इनपुट किये गए डाटा/ निर्देशों को प्रोसेस करके उसका रिजल्ट आउटपुट के रूप में देता है।

Computer शब्द की उत्पत्ति ‘Compute’ शब्द से हुई है जिसका मतलब है ‘गणना करना’। लेकिन यह इतने में ही सीमित न होकर आज हमारे किसी भी तरह के डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक कामों काम आता है। जिससे इसका हर क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। जैसे की:-

  • इंटरनेट
  • साइंस एंड टेक्नोलॉजी
  • डिफेंस
  • एजुकेशन
  • एंटरटेनमेंट
  • बिज़नेस
  • गवर्मेन्ट एंड प्राइवेट सेक्टर

इन्ही के साथ लगभग सभी फ़ील्ड्स में कंप्यूटर का इस्तेमाल हो रहा हैं। अपनी processing Speed, हाई स्टोरेज कैपेसिटी, स्वचालन(Automation), Accuracy, विश्वसनीयता(Reliability) और सार्वभौमिकता(Versatility) के कारण आज यह इंसान के जीवन का हिस्सा बन चुका है।

Computer का फुलफॉर्म क्या है?

Computer का full form है।

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P – Particularly

U – Used for

T – Technical and

E – Educational

R – Research

कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है? (TYPES OF COMPUTER IN HIDNI)

कंप्यूटर कई तरह के होते हैं जिन्हें आकार और क्षमता(Capacity) के आधार पर 4 कैटेगिरी में बांटा जाता है।

मिनी कंप्यूटर –

मिनी computer, super computer और mainframe से छोटे, सस्ते और कम power के होते थे पर personal computer से बड़े और ज़्यादा पावर वाले होते थे। इनका इस्तेमाल scientific और engineering computations के काम में, business transaction प्रोसेसिंग और database management में किया जाता था।

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माइक्रो कंप्यूटर/पर्सनल कंप्यूटर –

Micro या personal computer में micro processor ही इसका सेंट्रल processing यूनिट (CPU) होता है। इसके अंदर CPU, Memory और कम से कम इन्पुट/आउटपुट devices एक single printed circuit board से जुड़ी होती है। रोज़ मर्रा के इस्तेमाल में यही पर्सनल कंप्यूटर आते है, ये आज आपको ज़्यादातर office और घरो में मिल जाएगे। कंप्यूटर क्या है और types of computer.

मेनफ़्रेम कंप्यूटर –

Mainframe computer बड़ी organization द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। इसका काम बहुत ज़्यादा data को process करना होता है जैसे की censuses, industry और consumer की जानकारिया जमा करना होता है।

सुपर कंप्यूटर –

Supercomputer की performance दूसरे किसी भी तरह के computer से बहुत तेज़ होती है। supercomputer के अंदर हज़ारो processor लगे होते है जो एक second में करोड़ो calculations कर सकते है। What is MAC Address in computer.

पर्सनल कंप्यूटर भी 3 तरह के होते है।

  1. डेस्कटॉप
  2. लैपटॉप
  3. पॉमटॉप कंप्यूटर।

डेटा हैंडलिंग के आधार पर computer के 3 प्रकार है।

  1. एनालॉग कंप्यूटर
  2. डिजिटल कंप्यूटर
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर

हाइब्रिड कंप्यूटर में एनालॉग व डिजिटल दोनों कम्प्यूटर के गुण होते हैं।

Computer के कितने भाग होते हैं? (TYPES OF COMPUTER)

Computer को 2 भागो में बांटा जाता है।

  1. Hardware
  2. Software

HARDWARE क्या होता है?

types of computer

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कंप्यूटर के वे भाग जिन्हें हम देख या छू सकते हैं कंप्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं। जैसे- कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर, मॉनिटर, सीपीयू, मदरबोर्ड, हार्ड डिस्क, रैम, रोम, स्पीकर, पेन ड्राइव, वेबकैम आदि।

कंप्यूटर हार्डवेयर की मदद से हम कंप्यूटर को चला पाते हैं। सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर व हार्डवेयर के बीच तालमेल बिठाता है। अपने कंप्यूटर को troubleshoot करने के लिए इस लिंक पर जरुर क्लिक करे।

इन हार्डवेयर्स को हम दो भागों में बाँट सकते हैं।

  1. इंटरनल हार्डवेयर- इसमें वे हार्डवेयर्स आते हैं जो कि कम्यूटर के अंदर इस्तेमाल किये जाते हैं। जैसे- मदरबोर्ड, ग्राफिक कार्ड, सीडी राइटर, हार्ड डिस्क, रैम, रोम आदि।
  1. एक्सटर्नल हार्डवेयर- इसमें वे हार्डवेयर आते हैं जो कंप्यूटर से बाहर से जुड़े होते हैं। यह तीन तरह के होते हैं, इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस, पेरिफेरल डिवाइस आदि। इसमें कीबोर्ड , माउस, प्रिंटर, लाइटपेन, स्पीकर, मॉनिटर,पेन ड्राइव, सीडी, मॉडेम आदि आते हैं।

Working के हिसाब से hardware devices को 4 भागो में बांटा जाता है।

  1. इनपुट डिवाइस- जिन डिवाइस के ज़रिए कंप्यूटर में डेटा इनपुट किया जाता है उसे इनपुट डिवाइस कहते हैं। जैसे- कीबोर्ड, माउस, जॉयस्टिक, लाइटपेन, स्कैनर आदि।
  1. आउटपुट डिवाइस- जिन डिवाइसों के ज़रिए कंप्यूटर से आउटपुट प्राप्त किया जाता है उसे आउटपुट डिवाइस कहते हैं। जैसे- मॉनिटर, प्रिंटर, प्लॉटर, स्पीकर आदि।
  1. प्रोसेसिंग डिवाइस- कंप्यूटर में जिस डिवाइस के ज़रिए डाटा को प्रोसेसिंग की जाती है उसे प्रोसेसिंग डिवाइस कहते हैं। जैसे- सीपीयू।
  1. स्टोरेज डिवाइस- कंप्यूटर के जिन डिवाइस में डाटा को स्टोर किया जाता है उसे स्टोरेज डिवाइस कहते हैं। इसके दो भाग होते है प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस और सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस।

इसमें रैम एक प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस है। जबकि फ्लॉपी डिस्क, सीडी, पेन ड्राइव आदि सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है।

SOFTWARE क्या होता है?

types of computer

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कंप्यूटर में डेटा, निर्देशों व प्रोग्राम के समूह को हम सॉफ्टवेयर कहते हैं। यह कंप्यूटर का वह हिस्सा होता है जिसे हम देख या छू नहीं सकते।

सरल भाषा मे कहें तो सॉफ्टवेयर, निर्देशों का वह समूह होता है जो कंप्यूटर को यह बताता है कि उसे क्या करना है।

एक कंप्यूटर विशेष सॉफ्टवेयर्स पर काम करता है और बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर बस एक बॉक्स की तरह है। एक तरह से यह कंप्यूटर के अंदर जान भर देता हैं। जिससे हम कंप्यूटर से आसानी से कम्युनिकेट कर पाते हैं औऱ इसका इस्तेमाल कर पाते हैं।

सॉफ्टवेयर को दो पार्ट्स में बाँटा जा सकता है।

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर

यह कंप्यूटर सिस्टम का संचालन करता है। यह कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के बीच तालमेल बिठाता है। जिससे यूजर किसी विशेष काम के लिए ऍप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को चला सके। यूजर इसका डायरेक्ट इस्तेमाल नही कर सकते, यह कंप्यूटर के बैकग्राउंड में अपने आप चलता रहता है

और कंप्यूटर के बुनियादी कार्यों को संभालता है। ओपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर का ही उदाहरणहै। जैसे- Windows, Linux, MAC, Ubuntu आदि।

2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

यह एक प्रोग्राम होता है जो यूजर के द्वारा किसी विशेष काम के लिए डायरेक्ट इस्तेमाल किया है। सिस्टम सॉफ्टवेयर केवल इसे चलाने में सहायता प्रदान करता है। आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाले आइकॉन, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ही हैं।

कंप्यूटर पर अलग अलग कार्य के लिए अलग अलग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं। यह तभी चलते हैं जब किसी काम के लिए हम इसका इस्तेमाल करते हैं।

कम्प्यूटर कैसे काम करता है? (HOW TO WORK COMPUTER IN HINDI)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो केवल मशीनी भाषा ( 0 व 1 ) को ही समझता है। कंप्यूटर एक ख़ास ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करता है जो कि इसी मशीनी भाषा मे बनाया गया होता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर की ही तरह होता है जो कंप्यूटर को हमारी भाषा समझने में मदद करता है। औऱ हमें उसकी भाषा समझने में मदद करता है।

कंप्यूटर के काम करने का तरीका हम तीन स्टेप में समझ सकते हैं।

  • इनपुट
  • प्रोसेसिंग
  • आउटपुट

जब हम इनपुट डिवाइस के ज़रिए कोई अपनी भाषा मे कोई डेटा इनपुट करते हैं। तो ऑपरेटिंग सिस्टम का सॉफ्टवेयर उसे मशीनी भाषा मे कन्वर्ट करके सीपीयू को भेज देता है। सीपीयू उस डेटा की प्रोसेसिंग करके रिजल्ट को पुनः हमारी भाषा मे कन्वर्ट करके आउटपुट डिवाइस के ज़रिए हमें आउटपुट दे देता है।

जब हम किसी डेटा को कंप्यूटर में स्टोर करते हैं तो कंप्यूटर उस डेटा को 0 व 1 के रूप में कन्वर्ट करके सेव कर लेता है। जब भी हमें उस डेटा की ज़रूरत पड़ती है कंप्यूटर पुनः उसे हमारी भाषा मे कन्वर्ट करके आउटपुट दे देता है। आपलोग पढ़ रहे है कंप्यूटर क्या है और types of computer के बारे में।

आधुनिक कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (GENERATION OF COMPUTER)

पहले आधुनिक कंप्यूटर से लेकर अब तक कंप्यूटर में हुए विकास को पाँच पीढ़ियों में बाँटा जा सकता है।

पहली पीढ़ी (1946-1956)

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था। प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटरो की शुरुआत 1946 में (ENIAC-Electronic Numerical Integrator And Computer) नाम के कंप्यूटर से हुई थी।

इस पीढ़ी में ENIAC के साथ साथ EDSEC, EDVAC,  UNIVAC , UNIVAC-1 आदि कम्प्यूटरों को निर्माण हुआ था।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े औऱ क़ीमत में बहुत महंगे होते थे। इनकी स्पीड और मेमोरी भी बहुत कम होती थी।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के लक्षण कुछ इस तरह के हैं-

  1. वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल
  2. पंचकार्ड का इस्तेमाल
  3. स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक ड्रम का इस्तेमाल
  4. मशीनी और असेम्बली लैंग्वेज में प्रोग्रामिंग
  5. अधिक एयर कंडीशनरों का इस्तेमाल

दूसरी पीढ़ी (1956-1964)

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैक्यूम ट्यूब की जगह विलियम शॉकले द्वारा बनाये हुए ट्रांसिस्टर का इस्तेमाल किया जाने लगा। जिसकी वजह से इस पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में पहले से छोटे और स्पीड में अधिक तेज़ हो गए।

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो के लक्षण थे-

  1. ट्रांसिस्टर का इस्तेमाल
  2. आकार में छोटे और तेज़
  3. ऊर्जा की कम ख़पत
  4. COBOL और FORTRAN जैसी हाई लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल
  5. स्टोरेज डिवाइस , प्रिंटर और ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल
  6. पहली पीढ़ी की तुलना में अधिक सस्ते।

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तीसरी पीढ़ी (1965-1971)

इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में IC यानी integrated circuits का इस्तेमाल किया जाने लगा। इस IC को जैक किल्बी ने बनाया था। इंटेग्रेटेड सर्किट वाले इस पीढ़ी में ICL 2903, ICL 1900, System1360  और UNIVAC 1108 आदि तरह के कंप्यूटर बनाये गये।

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों के लक्षण थे-

  1. आसान रख रखाव व पोर्टेबिलिटी
  2. पहले की पीढ़ियों के कम्प्यूटरों की तुलना में आकार व वजन में बहुत कम
  3. हाई लेवल लैंग्वेज बड़े स्तर पर प्रयोग।
  4. अधिक विश्वसनीय

चौथी पीढ़ी (1971-1985)

इस पीढ़ी में इंटेग्रेटेड सर्किट को कहीं ज्यादा डेवेलप करके उसका विकसित रूप माइक्रोप्रोसेसर बनाया। यह लगभग तीन लाख ट्रांसिस्टरों के बराबर काम करती थी। जिससे सीपीयू बहुत अधिक छोटा हो गया। इस पीढ़ी के कंप्यूटरों को विशेष तौर पर माइक्रोकंप्यूटर कहा गया।

ALTAIR 8800 इस पीढ़ी का पहला कंप्यूटर था। इसी कंप्यूटर पर बिल गेट्स ने बेसिक लैंगवेज को स्थापित किया। इसमें सफलता के बाद बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की भी स्थापना किया।

इस पीढ़ी के कंप्यूटरों के लक्षण हैं-

  1. आकार में बहुत छोटा हो गया।
  2. सस्ती कीमतों में आसानी से उपलब्ध
  3. बहुत अधिक गति और अधिक मेमोरी क्षमता
  4. कंप्यूटर नेटवर्क का विकास

पाँचवी पीढ़ी (1985 से अबतक)

इस पीढ़ी में वर्तमान के सभी शक्तिशाली कंप्यूटरो और भविष्य में आने वाले कम्प्यूटरों को शामिल किया जाएगा। इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैज्ञानिक कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता (Artificial Intelligence) को डालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस पीढ़ी में कंप्यूटरो का आकार और वजन भी लगातार कम करने का प्रयास जारी है। What is computer and types of computer in hindi.

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My basic information:

https://indianmarketer.in

मेरे नाम Umair है। मेने engineering की है और blogging करना मेरी hobby है। अपनी सोच को शब्दों में लिखना और खुद सीखते हुए दुसरो को कुछ सिखाने का मज़ा ही कुछ और है। मेरी बाकी पोस्ट Indian-marketer ब्लॉग पर है।

CONCLUSION

What is computer and Types of Computer in hindi के बारे में आपलोग अच्छी जानकारी मिली होगी। जिससे आपलोग का बेसिक कंप्यूटर से रिलेटेड सारे इनफार्मेशन मिल गए होंगे। ऐसे ही और भी पोस्ट पढने के लिए हमें जरुर follow करे।

अगर ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे। जिससे बाकी लोगो तक भी ऐसे जानकारी पहुँच सके। आपलोग हमें फेसबुक पर भी follow कर सकते है। कुछ भी डाउट हो तो हमें डायरेक्ट mail कर के पूछ सकते है।  

ALL COMPUTER SHORTCUT KEY IN HINDI | BEST GUIDE IN 2026

computer shortcut key

आज के इस पोस्ट में हमलोग All Computer shortcut key के बारे में जानेंगे। जिसमे मै लगभग सारे कंप्यूटर के shortcut key को cover करने की कोशिश करने वाला हूँ। सभी लोग जानते है की आज के समय में कंप्यूटर का use कितना हो रहा है। तो ऐसे में सब चाहते है की मै अपना काम कितना fast तरीके से कर सकू।

तो ऐसे में अगर आपको कंप्यूटर पर तेज काम करना है तो फिर आपको इसके shortcut अच्छे से आने चाहिए। जितना अधिक आपको इस पर command होगा उतना ज्यादा आप अपने काम को fast कर पाएंगे। तो बने रहिये इस पोस्ट पर और All Computer shortcut key का पूरा ज्ञान लीजिये।

ALL COMPUTER SHORTCUT KEY IN HINDI | COMPUTER SHORTCUT KEY के पूरा डिटेल्स 

सबसे पहले हमलोग ये जानते है की कंप्यूटर में shortcut key क्या होते है? कंप्यूटर में जब हम कोई command देने के लिए माउस का use करते है या कोई और तरीके से command देते है। तो ऐसे में command तो पूरा हो जाता है लेकिन उसको करने में थोडा लॉन्ग process लग जाता है।  

all computer shortcut key

तो ऐसे में कंप्यूटर को command देने के लिए हमलोग shortcut key का use करते है। जिसमे हमलोग कीबोर्ड से कुछ बटन press कर के अपना command को shortcut तरीके से पूरा कर पाते है। जिसको काफी fast तरीके से हम कर लेते है। 

कंप्यूटर में command देने के लिए माउस को बनाया गया है। लेकिन अगर आपको shortcut key पर command हो जाती है तो फिर आप कीबोर्ड से ही 70%-80% काम बिना माउस का use कर सकते है। जिससे आप अंदाजा लगा सकते है की आपका काम कितना fast हो जायेगा। 

All computer shortcut key वास्तव में कुछ keys के समूह को कहा जाता है। जिसमे दो या दो से अधिक key को एक साथ प्रेस कर के command को पूरा कराया जाता है। जिसमे Shift, Ctrl, Alt के साथ कुछ और key को plus कर के command को perform कराया जाता है।

जैसे की कुछ भी हमें copy करना है तो Ctrl + C एक साथ press करने से हमारा command रन हो जाता है। और जो भी file या folder को copy करना है वो copy हो जाता है।

ALL COMPUTER SHORTCUT KEY के ADVANTAGE के बारे में जाने

इनके advantages निम्न है:

  • सबसे पहला फायदा ये है की हमलोग चाहे तो बिना माउस के ही अपने कंप्यूटर को चला सकते है।
  • कंप्यूटर में काम करने के speed काफी बढ़ जाती है।
  • कोई भी कार्य करने में काफी कम समय लगेगा। क्योकि हमलोग shortcut key का use कर रहे होते है।
  • कीबोर्ड पर काम करने की capacity काफी हद तक बढ़ जाती है।

BEST ALL COMPUTER SHORTCUT KEY जिसका USE GENERALLY किया जाता है

TAB KEY

इस key से हम letters के बीच में एक साथ ज्यादा गैप देने में use करते हैं । उसके साथ ही अगर हम कोई form fill कर रहे हो तो वैसे में tab की हेल्प से हम एक ब्लाक से दुसरे ब्लाक में जम्प कर सकते है । वो भी बिना माउस का use किये बिना ।

CAPS LOCK KEY

इसके हेल्प से हम अपने letter को permanent छोटा या बड़ा लिख सकते है । जैसे की अगर caps lock on है तो उसके बाद हम कुछ भी लिखेंगे तो वो बड़े letter में ही लिखायेगा ।

CTRL KEY

ये एक कमांड Key है जिसका use हमलोग अलग अलग तरह के कमांड Key के साथ करते है

SPACE BAR KEY

इसका अलग अलग use होता है । अगर हम word में या कही कुछ टाइप कर रहे है तो वैसे में space bar से हम दो letter के बीच में एक गैप देने के लिए use करते है । और अगर कोई साईट ओपन कर के देख रहे है तो वैसे में space bar press करने से पेज डाउन होगा । और अगर shift के साथ space bar को प्रेस करते है तो पेज up होता है ।

COPY और PASTE

कोई भी text या folder को copy करने के लिए हम Ctrl + C command का use करते है। और उसको कही भी paste करना होता है तो ऐसे में हम Ctrl + V press करते है। जिससे वो copy हुआ चीज paste हो जाता है। 

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HOME और END KEY

Ctrl के साथ End Key press करने से हम डायरेक्ट पेज के लास्ट में चले जाते है । और Ctrl के साथ Home Key press करने से हम उस पेज के स्टार्ट में चले जाते है ।

UNDO और REDO

किसी text को undo करने के लिए Ctrl + Z एक साथ press करना होता है जबकि Redo करने के लिए Ctrl + Y एक साथ press करना होता है

ESC KEY

किसी भी ओपन प्रोग्राम से बाहर आने के लिए इस key का use करते है।

ALT + TAB

ओपन windows के बीच switch करने के लिए 

WINDOWS KEY क्या है और इसका USE कैसे होता है?

all computer shortcut key

Image of all computer shortcut key in hindi

Windows key से हमलोग काफी वर्क को perform कर पाते है। ये कीबोर्ड में लेफ्ट side में निचे दिया हुआ होता है। ये basically Ctrl और Alt के बीच में होता है। जिसपर windows का logos बना होता है। ये किसी किसी कीबोर्ड में दोनों side में होता है जिससे काम करने में और भी आसानी हो जाती है। 

इस key का हमलोग computer shortcut key के रूप में काफी use करते है। ये एक काफी ही important key है। आइये इसको डिटेल में देखते है।

All computer shortcut key में Windows key का use

1. WINDOWS KEY

इस key के हेल्प ही डायरेक्ट start menu को access कर पाते है ।

2. WINDOWS KEY+D

इस command के हेल्प से अपने pc में ओपन सारे प्रोग्राम को एक साथ मिनीमाइज कर सकते है ।

3. WINDOW KEY +E

इससे my computer के file explorer को access कर सकते है ।

4. WINDOW KEY +I

कंप्यूटर के सेटिंग को ओपन करने के लिए इस command का use करते है ।

5. WINDOW KEY + L

इसके हेल्प से हम कंप्यूटर को लॉक कर सकते है या अपने different user को access करने का भी आप्शन मिल जाता है।

6. WINDOW KEY + R

इससे कंप्यूटर के Run command को access करते है। Run Command का use कर के हमलोग और भी shortcut का use कर सकते है। Run command के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे। Windows run command prompt के बारे में जाने। 

7. WINDOW KEY + S

इसके हेल्प से डायरेक्ट कंप्यूटर के search आप्शन को access कर पाते है। जिसको स्टार्ट menu से access किया जाता है ।

8. WINDOW KEY + X

इसके हेल्प से हम डायरेक्ट apps and features, Task manager, System, Device Manager इत्यादि जैसे options को एक साथ access कर सकते है ।

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9. WINDOW KEY + NUMBER KEY

इसके हेल्प से Taskbar  में पिन किया हुआ apps को नंबर के हिसाब से ओपन कर सकते है । जैसे की 2 नंबर पर कैलकुलेटर को पिन किये है । तो उसको ओपन करने के लिए हमें Windows key + 2 एक साथ press करना होगा क्योकि 2 नंबर पर ही कैलकुलेटर है।

10. WINDOW KEY + TAB

ये साथ में press करने से एक से ज्यादा ओपन किये हुए प्रोग्राम को आसानी से दुसरे प्रोग्राम पर switch कर सकते है ।

11. WINDOW KEY + UP ARROW KEY

इसके हेल्प से हम छोटा एप्लीकेशन window को बड़ा कर सकते है ।

12. WINDOW KEY + DOWN ARROW KEY

इससे maximize windows को छोटा कर सकते है ।

13. WINDOW KEY + RIGHT ARROW KEY

इससे हम अपने windows के स्क्रीन को right में show करा सकते है ।

14. WINDOW KEY + LEFT ARROW KEY

इससे हम अपने windows के स्क्रीन को Left  में show करा सकते है ।

15. WINDOW KEY + CTRL + D

ये एक यूनिक feature है जिसके हेल्प से हम एक से ज्यादा डेस्कटॉप ऐड कर सकते है ।

16. WINDOW KEY + SPACE

इसके हेल्प से pc में use हो रहे एक से ज्यादा इनपुट लैंग्वेज को switch कर सकते है ।

17. WINDOW KEY + “+”

window key और (+) sign को एक साथ press करने से कंप्यूटर स्क्रीन को zoom कर सकते है ।

18. WINDOW KEY + “-”

window key और (-) sign को साथ press करने से कंप्यूटर स्क्रीन को zoom out कर सकते है ।

F1 से F12 FUNCTION KEY का USE

computer shortcut key

Image of all computer shortcut key in hindi

F1 FUNCTION KEY

इससे हम कोई भी ओपन software या एप्लीकेशन के हेल्प और सपोर्ट में जा सकते है ।

F2 FUNCTION KEY

कोई folder या file को rename करने के लिए F2 key का use करते है । इसमें condition ये रहता है की वो file या folder select होने चाहिए । तभी ये shortcut key काम करेगा ।

F3 FUNCTION KEY

इस key की हेल्प से हम search option को ओपन कर सकते है ।

F4 FUNCTION KEY

Alt + F4 एक साथ press करने से कोई भी ओपन प्रोग्राम क्लोज हो जाता है । और अगर desktop स्क्रीन पर इस command का use करेंगे तो फिर शटडाउन का आप्शन मिलेगा । जिससे हम pc को बंद या रीस्टार्ट कर सकते है ।

F5 FUNCTION KEY

इसके हेल्प सी हम अपने browser या फिर windows को रिफ्रेश कर सकते है ।

F6 FUNCTION KEY

इस key को browser में रहते हुए क्लिक करने से माउस का cursor डायरेक्ट address bar में आ जाता है। इसके use डेस्कटॉप के प्रोग्राम को select करने या डायरेक्टरी को change करने में भी करते है ।

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F7 FUNCTION KEY

इसके हेल्प से हम अपने windows media player के वॉल्यूम को mute or unmute कर सकते है।

F8 FUNCTION KEY

ये एक bios key है जिसका use windows इनस्टॉल करते समय किया जाता है । इसी की हेल्प से हम BIOS की सेटिंग को ओपन कर पाते है ।

F9 FUNCTION KEY

इसके हेल्प से हम window media player की साउंड को control कर सकते है ।

F10 FUNCTION KEY

इसका use किसी भी software की menu को ओपन करने में किया जाता है । साथ ही window media player की file list को भी ओपन किया जा सकता है ।

F11 FUNCTION KEY

इस key से हम अपनी PC के एप्लीकेशन को full screen में चला सकते है । साथ ही browser में भी इसका same use किया जाता है ।

F12 FUNCTION KEY

किसी भी एप्लीकेशन को save as करना है तो इस key का use कर के डायरेक्ट save as को ओपन कर सकते है ।

MS OFFICE के साथ और भी सॉफ्टवेयर में USE होने वाले ALL COMPUTER SHORTCUT KEY के लिस्ट 

  • Ctrl + A पूरा select करने के लिए 
  • Ctrl + B bold करने के लिए 
  • Ctrl + C इससे copy किया जाता है 
  • Ctrl + D Font का window ओपन करने के लिए या एक्सेल  स्लाइड में डुप्लीकेट करने के लिए 
  • Ctrl + E Center अलाइन के लिए 
  • Ctrl + F Find करने के लिए 
  • Ctrl + G इसके हेल्प से go to में जाते है 
  • Ctrl + H word को replace करने के लिए 
  • Ctrl + I इससे italic लिख सकते है 
  • Ctrl + J अपने कंटेंट को justify करने के लिए 
  • Ctrl + K इसका use हाइपरलिंक देने में करते है 
  • Ctrl + L Left अलाइन करने के लिए 
  • Ctrl + M इसका use मूव करने में करते है 
  • Ctrl + N नया file ओपन करने में 
  • Ctrl + O file को ओपन करने में 
  • Ctrl + P Printout के लिए 
  • Ctrl + Q — बंद करने के लिए 
  • Ctrl + R browser को Reload या word में Right अलाइन करने के लिए 
  • Ctrl + S file को save करने में 
  • Ctrl + U letter को अंडरलाइन करने के लिए 
  • Ctrl + V copy किया हुआ डाटा को paste करने के लिए 
  • Ctrl + X डाटा या file को cut करने के लिए 
  • Ctrl + W डॉक्यूमेंट को बंद करने के लिए 
  • Ctrl + Spacebar मैन्युअल charactor formating को remove करने के लिए 
  • Ctrl + Home एक्सेल वर्कशीट के स्टार्ट में जाने के लिए 
  • Ctrl + ] — फॉण्ट की size को बढ़ने के लिए 
  • Ctrl + [ फॉण्ट की size को घटाने के लिए 
  • Prt Sc इसके हेल्प से अपने pc का स्क्रीनशॉट ले सकते है

MS EXCEL के साथ USE होने वाले ALL COMPUTER SHORTCUT KEY के लिस्ट 

  • F2 — select सेल को एडिट करना
  • F7 — sheet को चेक करने के लिए
  • F11 — chart बनाने के लिए
  • Alt + Shift + F1 — नया वर्कशीट ऐड करने के लिए
  • Shift + F3 — एक्सेल फार्मूला ओपन करने में
  • Shift + F5 — Find और replace ओपन करने में
  • Ctrl + A — पूरा वर्कशीट select करने में
  • Ctrl + B — select किये हुए को bold करने में
  • Ctrl + I — select किये हुए को italic करने में
  • Ctrl + K — लिंक इन्सर्ट करने में
  • Ctrl + U — select किये हुए को अंडरलाइन करने में
  • Ctrl + 5 — selection को strikethrough करना
  • Ctrl + P — print out के लिए
  • Ctrl + F9 — current window को मिनीमाइज करना
  • Ctrl + F10 —selected window को बड़ा करना
  • Ctrl + F6 — open workbook या window के बीच switch करना
  • Ctrl + Tab — एक से अधिक ओपन एक्सेल में मूव करने के लिए
  • Ctrl + ‘— ऊपर के सेल में लिखा हुआ same copy करना just उसके निचे वाले सेल में  
  • Ctrl + Shift + $ — करेंसी के format में लिखना
  • Ctrl + Shift + # — डेट के format में लिखना
  • Alt + = — Sum formula का shortcut

इन्टरनेट एक्सप्लोरर के लिए ALL COMPUTER SHORTCUT KEY

  • BACKSPACE इससे हम उस पेज के back में चले जाते है।
  • Ctrl + (- or +) इससे browser के पेज के size को छोटा और बड़ा कर सकते है।
  • Ctrl + D जो पेज ओपन है उसको favorite में ऐड कर सकते है।
  • Ctrl + I इससे bookmark show होगा अगर कोई ऐड किया होगा तो।
  • Ctrl + N ब्राउज़र के नए tab ओपन करने के लिए।
  • Ctrl + T exist browser में नया tab ओपन करने के लिए।
  • Ctrl + R पेज को रीलोड करने के लिए।
  • Ctrl + Tab इससे हम एक एक कर के ओपन tab को देख सकते है।

CONCLUSION

आज के इस पोस्ट में आपने All Computer shortcut key के बारे में डिटेल्स में जाना। जिसमे मैंने windows में use होने सभी important shortcut keys के बारे में बताने की कोशिश किया हूँ। अगर आपलोग इस पर अच्छे से command कर लेते है तो फिर आप कंप्यूटर को और भी तेजी से चला पाएंगे। 

ये shortcut command सभी को मालूम होने ही चाहिए। जिसके कारण कंप्यूटर चलाना और भी easy हो जाता है। आशा करता हूँ आपलोग को ये पोस्ट अच्छा लगा होगा। अगर अच्छा लगे तो इसको अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे। जिससे की उनलोगों तक भी ये जानकारी पहुँच सके।

आपको और भी कुछ सवाल है तो हमसे पूछ सकते है। इसके लिए आपलोग हमें कमेंट या डायरेक्ट mail कर सकते है। जिससे आपका answer देने में मुझे भी ख़ुशी मिलेगी।

Thanks

WHY COMPUTERS UNDERSTAND ONLY BINARY DIGITS IN HINDI

Why computers understand only binary digits in hindi

Why computers understand only binary digits in hindi. Hello friends नमस्कार !! कैसे है आपलोग ? आज मैं एक नए टॉपिक पर बात करूँगा. आप सब लोग computer use करते है और चलाते है. जिससे हमारा daily का work होता है.

इसमें क्या आपके मन में एक ख्याल आता है की आखिर हमारा computer या laptop बाइनरी नंबर या सिर्फ (0,1) को ही क्यों समझ पाता है? तो आइये आज मैं इसी के बारे में बात करने वाला हु. की हमारा computer Binary digit को ही क्यों समझता है? तो आइये आगे देखते है.

WHY COMPUTERS UNDERSTAND ONLY BINARY DIGITS IN HINDI

सभी जानते है की computer एक electronic machine है जिसको चलने के लिए बिजली की जरुरत होती है. और ये बात सबको पता होना चाहिए या पता भी होगा की बिजली की supply सिर्फ दो part में होती है. या तो ON या दूसरी OFF. तो यहाँ पर ON का मतलब माना गया है “1” और OFF को माना गया है “0”.

computer के अंदर इलेक्ट्रॉनिक्स चिप्स या IC लगे होते है. जिसको की diode, transistor, capacitor या resistor जैसे electronic component के बनाये गया है. जो की सभी बिजली के साथ work कर पाती है. जिसका मतलब है बिजली की supply को ON या OFF स्थिति में काम कर पाना.

इसीलिए हमलोग बिजली की supply की स्थिति को indicate करने के लिए सिर्फ दो नंबर का use करते है, जो है 0 और 1. यही वजह है की उनके लिए दिया गया नांम है “Binary number”. जिन्हें हम बिट्स भी कहते है. Binary Digit को ही bits के नाम से जानते है.Why computers understand only binary digits in Hindi.

COMPUTERS सिर्फ BINARY DIGIT को ही क्यों समझता है ?

हमारे computer में सबसे important part होता है CPU. जिसमे लाखों component होते है जिन्हें transistor कहा जाता है. और हमारा digital electronics एक transistor amplifier के रूप में work करता है. CPU transistor का use micro switch के रूप में करता है.

जब ये switch start होता है तो  यह binary 1 को represent करता है और जब switch ऑफ होता है तो binary 0 को represent करता है. और यही सबसे बड़ा reason है की हमारा computer सिर्फ बाइनरी digit या (0,1) को समझ पाता है.

जरूर पढ़े: 

CONCLUSION

तो दोस्तों मैं आशा करता हु की आपके सारे confusion दूर हो गए होंगे, की Why computers understand only binary digits in hindi. हमारा computer system सिर्फ और सिर्फ क्यो बाइनरी digit को ही समझ पाता है.

अगर आपलोग को ये पोस्ट थोड़ी भी अच्छी लगी हो तो कृपया इसे आप ज्यादा से ज्यादा share करे और comment करे. जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में जान सके, और समझ पाए. आप हमारे फेसबुक पेज पर भी जुड़ सकते है जो है https://www.facebook.com/technogyanin

Thanks!!!

ADVANCED GUIDE TO WHAT IS MINI USB AND MICRO USB IN HINDI

what is mini usb and micro usb in hindi

WHAT IS MINI USB AND MICRO USB IN HINDI

USB का फुल फॉर्म Universal Serial Bus होता है. आज हमलोग सीखेंगे की What is mini USB and micro USB in Hindi. असल में USB एक कनेक्टर, cables या communication के लिए use में लाये जाते है.

जो की हमारे computers और तरह तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स devices को communicate करने में हेल्प करता है. Technology के हिसाब से आज के डेट में काफी न्यू types आ गए है हमारे USB के. जिसमे काफी एडवांस feature होते है. जैसे की mini USB, micro USB इत्यादि.

MINI USB AND MICRO USB

Mini USB

what is mini usb and micro usb in hindi

image of what is mini USB and micro USB

ये USB एक standard कनेक्टर होते थे जो मोबाइल में use किया जाता था. उस टाइम micro USB नहीं हुआ करते थे. इसका use generally मोबाइल और PDA में हुआ करता था. इस USB में OTG का सपोर्ट नहीं हुआ करता था. इनका size काफी छोटा हुआ करता था रेगुलर USB की तुलना में.

इस USB को अभी भी बहुत से कैमरा में use किया जाता है.इसका connect disconnect cycle 5000 टाइम होता है जो micro से काम होते है. mini USB का use मोस्टली डाटा ट्रान्सफर और स्टोरिंग के लिए किया जाता था.

Micro USB

what is mini usb and micro usb in hindi

image of what is mini USB and micro USB

इसको मार्किट में साल 2007 में लाया गया. ये mini USB को replace कर दिया micro USB से. इसका connect और disconnect cycle mini की तुलना में 10000 गुना ज्यादा था. जिससे ये लॉन्ग टाइम use किया जा सकता था. इसका use आज के टाइम में लगभग सारे devices में किया जा रहा है सिर्फ apple को छोड़ कर.

और इसका use एक standered के तौर पर किया जा रहा है. इसमें हम OTG का use कर सकते है. इसका use हम डाटा ट्रान्सफर और store में तो करते ही है साथ में चार्जिंग का भी काम करता है. micro USB का size mini की तुलना में कम होते है.

एक कारण यही था की micro USB को इतना priority मिली. इसका use एक प्राइमरी USB केबल के तौर पर मोबाइल में किया गया. क्योकि इससे डाटा तो ट्रान्सफर होते ही थे साथ में चार्जिंग भी होती थी.

DIFFERENCE BETWEEN MINI USB AND MICRO USB

MINI USBMICRO USB
5000 cycle10000 cycle
काम durable होते हैज्यादा durable होते है
डाटा ट्रान्सफर और स्टोरेज में use होता हैडाटा के साथ साथ चार्जिंग भी कर सकता है
OTG सपोर्ट नहीं करतेOTG सपोर्ट करते है
मोबाइल फ्रेंडली नहीं होते थेमोबाइल फ्रेंडली होते है
3×7 mm size (approx)6.85×1.8 mm size (approx)

TYPES OF USB

  • Type-A
  • Type-B
  • Type-C

Type A – सबसे ज्यादा popular इस्तेमाल में होने वाला USB type A होता है. जो की केबल के एक सिरा पर लगा होता है. ये host devices में आपको देखने को मिल जायेगा. जैसे लैपटॉप, कंप्यूटर या गेमिंग PC. बहुत से devices में इसका use सिर्फ डाटा ट्रान्सफर करने और चार्जिंग के लिए use होता है.

Type B – ये केबल देखने में square connector जैसा होता है. इसका use पुराने printer या अलग अलग तरह के peripheral devices में होता है. जिसको की कंप्यूटर के साथ कनेक्ट किया जाता है. इसका use काफी कम होता है type A की तुलना में. इसका use commonly नहीं किया जाता है.

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Type C – Type-C एक न्यू interface है जो Type-A और Type-B के बाद साल 2014 में launch किया गया था. ये type बाकी के दोनों से काफी एडवांस feature के साथ आता है. ये reversible होता है. कहने के मतलब है की इसको हम जैसे चाहे वैसे कनेक्ट कर सकते है. ये आजकल हमारे PC, laptop या smartphone में देखने को मिल जायेगा.

इसके जरिये हम 100 Watt तक power को ट्रान्सफर कर सकते है. Type C का ट्रान्सफर speed 10 gbps तक होता है जो की बाकी के दोनों types से काफी ज्यादा होता है. ये ज्यादा popular इसलिए हुआ क्योकि इसमें 24 पिन होते है जो double side connection के साथ आते है.

इसका एक खासियेत ये भी है की इस केबल से हम काफी जल्दी अपने मोबाइल को charge भी कर लेते है.  और ये केबल मार्किट में एक standard के तौर पर आगे आ रहा है. क्योकि आने वाले टाइम में इसी केबल का use ज्यादा होने वाला है.

TYPES OF USB VERSIONS

USB 1.0

इस USB को साल 1996 में लाया गया था. जिसमे इसका ट्रान्सफर speed 1.5 एमबीपीएस थी. जो आज की तुलना में काफी slow speed माना जाता है. ज्यादातर जो इस टाइप के USB होते थे वो white कलर में आते थे.

USB 1.1

इसको साल 1998 में आया था. जिसका ट्रान्सफर speed 12 एमबीपीएस होता था और इसको 1.0 से थोडा improve किया गया था. जिससे speed अच्छी मिल सके. इसको full speed USB के नाम से भी जाना जाता था. इसका एक खासियत था जिसमे ये दो अलग अलग speed पर भी वर्क कर सकता था. जैसे low bandwidth 1.5 एमबीपीएस और full speed 12 एमबीपीएस.

USB 2.0

ये साल 2000 में launch किया गया था और ये आज के डेट में भी use किया जा रहा है. इसका speed बाकी के दोनों से अच्छा था. इसमें 480 एमबीपीएस तक का ट्रान्सफर speed होते है. ये ज्यादातर आपको काले रंग में मिलते है. इसमें डाटा ट्रान्सफर only सिंगल way में होते है.  इसका केबल का size maximum 16’5” होता है. जो बाकी के केबल से काफी बड़ा होता है.

ये 5 V और 1.8 A पर काम करता है. इसका use हमलोग normal PC में डाटा ट्रान्सफर करने या और भी बहुत कामो के लिए करते है. इसमें 4 कॉपर के वायर लगे होते है जिसके हेल्प से डाटा ट्रान्सफर होते है.

USB 3.0

USB 3.0 को साल 2008 में मार्किट में लाया गया था. जिसमे काफी 2.0 की तुलना में काफी सारे features थे. इसमें डाटा का ट्रान्सफर super speed mode में होता था. जिसका ट्रान्सफर speed 5 gbps है. इसमें डाटा का ट्रान्सफर दोनों डायरेक्शन में होने वाला features है. जिसके कारण speed काफी बढ़ जाता है. ये ज्यदातर ब्लू कलर में मिलते है जिससे समझने में काफी आसानी हो जाता है.

what is mini usb and micro usb in hindi

image of what is mini USB and micro USB

इसमें भी power operate करने की छमता same USB 2.0 के जितना ही होते है, 5 V और 1.8 A. इसका maximum केबल size 9’10” होते है जो USB 2.0 की तुलना में थोडा कम होते है. इसको use करने में एक बात का ध्यान देना जरुरी है. अगर आपके PC में USB 2.0 का पोर्ट है तो फिर आपको speed 2.0(480 एमबीपीएस) के जितना ही मिलेगा. आप पढ़ रहे है What is mini USB and micro USB in Hindi. 

इसके हेल्प से हमलोग बड़े से बड़े डाटा को काफी ही आसानी से कम टाइम में ट्रान्सफर कर लेते है.

USB 3.1

ये मार्किट में साल 2013 में लाया गया था. ये 3.0 से भी एडवांस है क्योकि इसका ट्रान्सफर speed 10 gbps होते है. जो की बाकी के सारे वर्शन से काफी ज्यादा होता है. और ये हमारे 2.0 और 3.0 दोनों के साथ easily compatible होते है. ये भी दोनों डायरेक्शन में डाटा को ट्रान्सफर करता है.

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ये USB 20 V और 5 A पर काम करता है जो की बाकी की तुलना में काफी ज्यादा होते है. इसके साथ भी same प्रॉब्लम है. अगर हम ओल्ड वर्शन वाले USB में कनेक्ट करते है तो इसका speed ओल्ड वाले के हिसाब से ही मिलता है. इसमें 9 कॉपर के वायर होते है.

USB में OTG क्या होता है ?

OTG का पूरा नाम “On The Go” होता है. आज कल जितने भी मोबाइल या लैपटॉप आ रहे है सब OTG को सपोर्ट करते है. तो ऐसे में जिस भी device में ये feature होते है उससे आप अपने pendrive को easily कनेक्ट कर सकते है. जैसे आजकल हमलोग डायरेक्ट pendrive को मोबाइल के साथ कनेक्ट कर के काफी आसानी से डाटा का exchange कर सकते है.

इससे क्या होता है की आपको अपने मोबाइल को कंप्यूटर से कनेक्ट करने की जरुरत नहीं पड़ती. काफी आसानी से हम अपने pendrive के डाटा access कर सकते है.

तो इसका कुछ मुख्य कार्य मै आपको निचे बता रहा हु :

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  1. इसका सबसे बड़ा बात ये है की हमलोग इसके हेल्प से कीबोर्ड और माउस को कनेक्ट कर सकते है. और आसानी से बिना स्क्रीन को छुए हम टाइपिंग कर सकते है. और अपनी टाइपिंग स्किल को बिना कंप्यूटर के improve कर सकते है.
  2. मेमोरी card को कनेक्ट कर के हम गाने या मूवी भेज सकते है.
  3. आजकल ऐसे भी मोबाइल आ रहे है जिसमे हम OTG के हेल्प से HDD को भी access कर सकते है.
  4. USB लाइट को ऐड कर सकते है और कोई video शूट करते टाइम इसका use कर सकते है.
  5. आज कल ऐसे भी मोबाइल आते है जिससे दुसरे के मोबाइल को charge भी किया जा सकता है. अगर ये feature है तो उसको भी आपलोग OTG की मदद से use कर सकते है.
  6. DSLR camera को कनेक्ट कर के आसानी से अपने मोबाइल से operate कर सकते है.

USB TROUBLESHOOT

आपलोग जानते ही होंगे की कोई भी टेक्निकल चीज है तो वो जरुरी नहीं की हमेशा अच्छे काम करे ही. तो ऐसे ही हमारे USB devices के साथ भी हो सकते है. कभी कभी क्या होता है की USB use करते टाइम अचानक से काम नहीं करना, या PC में कनेक्ट करने के बाद डिटेक्ट न करना. तो इस तरह के प्रॉब्लम को हम किस तरह से troubleshoot करते है वो देखते है.

जब इस तरह से प्रॉब्लम आये तो कुछ पॉइंट्स को चेक कर सकते है जो निम्न है :

  1. PC या मोबाइल को रीस्टार्ट कर ले
  2. किसी दूसरी PC में USB लगा कर चेक करे
  3. एक बार जहा भी USB लगा रहे है उस पोर्ट को अच्छे से चेक कर ले कही डैमेज तो नहीं है
  4. USB के ड्राईवर को हो सके तो update कर ले क्योकि इसके वजह से भी कभी कभी काम नहीं करता
  5. इसके केबल को भी अच्छे से चेक कर ले

USAGES OF USB

  1. इसके हेल्प से हम अपने मोबाइल को PC से कनेक्ट कर डाटा ट्रान्सफर कर सकते है
  2. इसकी हेल्प से हम power बैंक से अपनी मोबाइल को charge कर सकते है
  3. इसकी वजह से काफी पोर्टेबिलिटी आ गयी जिस वजह से हम कही भी कुछ भी इसकी हेल्प से connect या disconnect कर सकते है
  4. मोबाइल से PC कनेक्ट कर प्रिंट कर सकते है

CONCLUSION

मुझे पूरा भरोसा है की आपलोग यहाँ What is mini USB and micro USB के बारे में अच्छे से समझा होगा. क्योकि मैंने यहाँ काफी सिंपल लैंग्वेज में आपको समझाने की कोशिस किया हूँ. जिससे आपलोग को USB से रिलेटेड सारे डाउट clear हो जायेंगे.

अगर आपको अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों या करीबी के साथ जरुर शेयर करे. जिससे उनको भी इस तरह की इनफार्मेशन मिल सके और वो भी अपनी स्किल को बढ़ा सके. इसमें मै सिंपल हिंदी में समझाया हूँ अगर किसी को प्रॉब्लम लगे तो हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के बताये.

मै उनका answer जरुर दूंगा आपका डाउट clear करूंगा. आपलोग हमें mail भी कर सकते है. 

Thanks

BAR CODE TECHNOLOGY क्या है ? | ये कैसे काम करता है ?

What is Bar Code Technology in Hindi

What is Bar Code Technology in Hindi. Hello Friends! Techno Gyan में आपका स्वागत करता हु एक और नए ब्लॉग में। आज हम बात करेंगे Bar Code के बारे, की Bar Code Technology क्या होता है और इसका इस्तेमाल हम कैसे करते है।

आप जब Shopping Mall में गए होंगे या किसी बड़े Shop में गए होंगे और आपने ऐसा प्रोडक्ट ख़रीदा होगा जिसके Back Side में कुछ Lines बनी होंगी काले रंग की तो हमारे मन में सवाल आता है की आखिर ये क्या है। फिर जब हम Cash Counter पर जाते है तब Cash Counter वाले हमारे उस प्रोडक्ट को लेकर एक device से Scan करते है और स्कैन होते ही उस प्रोडक्ट का price उसके कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने लगता है. कहने का मतलब हुआ की उस प्रोडक्ट का बिल generate हो जाता है.

तो friends आज मै इस टॉपिक में यही सब cover करने वाला हूँ. तो चलिए आगे बढ़ते है और इस ब्लॉग में सिखते है की What is Bar Code Technology in Hindi में।

तो बने रहिये हमारे साथ और नए नए Tech से Related जानकारी लेते रहिये।

WHAT IS BAR CODE TECHNOLOGY – BAR CODE क्या है ?

अगर हम Bar Code के defination की बात करे तो ये एक machine Readable Code होता है जो number के Format में रहता है और ये Parallel Line में अलग अलग प्रोडक्ट पर दिए हुए रहता है। इसके use से कोई भी Company बड़ी ही आसानी से उस प्रोडक्ट के Price और Stock Level को Track कर पाती है।

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इसके use से कंपनिया अपने Efficiency को बढ़ा सकती है क्योकि ये लोग इसी के जरिये सबकुछ track करती रहती है. इस Line को देख कर हम भी सोचते रहते है की आखिर ये किसलिए होता है. तो ये लाइन बड़े ही काम की लाइन साबित होती है कंपनियों के लिए.

जिसको हमलोग किसी भी Bar Code Scanner की हेल्प से Scan कर सकते है, और उस प्रोडक्ट पर दिया Data को बड़े ही आसानी से Computer में Feed कर सकते है।

HISTORY

इस तकनीक को दो लोग मिलकर develop किये थे. जो की दोनों एक स्टूडेंट्स थे जिनमे एक थे Bernard Silver और दुसरे Norman Josheph Woodland थे. ये दोनों Pennsylvania University के स्टूडेंट्स थे. इस टेक्नोलॉजी को 1948 में develop कर लिया गया था. इसको 1 D Bar Code के नाम से भी जाना जाता था.

इस bar code technology का ख्याल सबसे पहले Bernard को आया था. जो कही लोकल फ़ूड स्टोर के लाइन को देखा की उसमे Automatically प्रोडक्ट की जानकारी लेने में प्रॉब्लम हो रही है. क्यों न ऐसा कुछ बनाया जाये जिसके हेल्प से अपने आप पता चल जाये की प्रोडक्ट और कितना बचा हुआ है.

next कुछ सालों के बाद बहुत सारे रिसर्च करने के बाद ये दोस्तों ने इस Bar Code को develop कर लिया. ये मार्किट में प्रोडक्ट के चेक आउट process को काफी fast बना दिया और वो भी काफी accuracy के साथ.

हालांकि Technology से काफी  सहायता मिली थी, लेकिन इसकी अपनी कुछ Limitation थीं।

जब ये लोग Bar Code को develop कर लिए तो उसमे कुछ limitation थे, जिनको दूर करने के लिए 2 D Bar Code technology को develop किया गया. इसमें सबसे पहला 2 D Bar Code 1987 में Devid Alayas द्वारा बनाया गया था.

2 D Bar Code technology, 1 D Bar Code technology से काफी अच्छी थी क्योकि इसमें ज्यादा से ज्यादा डाटा store करने की capacity था. टाइम के साथ और भी 2 D Bar Code technology जैसे एज़्टेक कोड, डेटा मैट्रिक्स और क्यूड develop किये गए थे.

जरूर पढ़े: 

TYPES OF BAR CODE

जब बार Code मार्किट में आया था तब ये Dimension में ही था जिसमे सिर्फ Lines ही थी लेकिन आजकल काफी फॉर्मेट में मार्किट में आ गयी है जिसको हमलोग Mobile से भी Scan कर के उसके बारे में पता कर सकते है।

BAR CODE BASICALLY TWO टाइप्स के होते है:

  1. 1 D
  2. 2 D

1 DIMENSIONAL :

ये तकनीक 1 D UPC(Universal Product Code) के उपर कार्य करता है जिसको की दो पार्ट में divide किया गया है. जिसमे पहला वाला Bar Code होता है और दूसरा वाला 12 Digit UPC नंबर. इसमें first 6 डिजिट Manufacturer Identification नंबर होता है और बाकी का 5 डिजिट आइटम नंबर को show करता है. और इसी में लास्ट डिजिट स्कैनर को ये बताने का काम करता है की स्कैनिंग सही से हुआ है या नहीं. ये स्कैनर सिर्फ text को ही स्कैन कर सकता है.

2 DIMENSIONAL :

इस 2 D या 2 डायमेंशनल technology में text के साथ साथ और भी बहुत जानकारी को स्कैन करता है. जैसे की यूआरएल, प्रोडक्ट price या image इत्यादि. 1 D वाले स्कैनर से हम 2 D वाले code स्कैन नहीं कर सकते है. इस तरह के code को हमलोग लेटेस्ट मोबाइल के कैमरा से भी स्कैन कर सकते है.

बार कोड काम कैसे करता है? | HOW TO WORK BAR CODE

आइये अब जानते है की बार code वर्क किस तरह से करता है? इस बार code में हर एक नंबर का लाइन कैसा रहेगा और ये कितना पतला या मोटा रहेगा ये पहले से define किया रहता है. जब स्कैनर का लेज़र लाइट इस लाइन पर पड़ता है तो वो लाइट उजला लाइन से रिफ्लेक्ट होकर receiver को सुचना send करता है.

जिससे receiver 0,1 का sequence बनाता है और उसको seven segment में divide करके ये पता लगाता है की कौन सा नंबर है. इस तरह से bar code scanner डाटा को स्कैन कर के कंप्यूटर डिस्प्ले तक डाटा पहुचाता है.

बार कोड का इस्तेमाल:

  • Bar Code का सबसे ज्यादा इस्तेमाल Mall, Groccery Shop, Post Office में Speed Post के लिए
  • Medical Line में
  • आज कल स्कूल और होटल में भी Check In और Check Out में use होता है
  • Electronic Record Storage और Retrival में
  • Driving licence और Coupons में
  • Consumer Retail Goods में

QR(QUICK RESPONSE) CODE:

What is Bar Code Technology in Hindi

QR code एक square शेप में बहुत से Dot Dot और अजीबो टाइप के Symbol से बना होता है ये Basically Ticket के उपर Online Website पर और Visiting Card के उपर बना होता है. इस Code का Use Information को Share करने के लिए होता है।

QR Code में ज्यादा Information Store होता है और इसमें Error को ठीक भी किया जा सकता है जैसे अगर आपका QR Code थोडा कट भी जायेगा तो उसको हम आसानी से Recover कर सकते है।

अगर इस कोड में ज्यादा Information Store होता है तो बेसक इसका डिजाईन भी काफी Tough होगा. इस कोड में 3 Block बने होते है जो 3 Square शेप में रहते है।

BAR CODE से रिलेटेड FAQs 

#1 Bar code में मुख्या रूप से क्या store होता है?

इसमें प्रोडक्ट से रिलेटेड इनफार्मेशन को store किया जाता है. जिसमे मोबाइल नंबर, email या फिर address भी store रह सकता है.

#2 प्रोडक्ट में बार code का क्या कार्य होता है?

बार code होने से उस प्रोडक्ट के बारे में हमें सारी जानकारी मिल जाती है. जैसे की वो प्रोडक्ट अभी stock में कितने है. या फिर कही कोई price में up down आते है तो आटोमेटिक update हो जाते है. तो इस तरह से काफी काम का होता है एक बार कोड.

#3 Bar code का full form क्या होता है?

इसका full form bar code ही होता है?

#4 अपना खुद का Bar code कैसे बना सकते है?

Bar code बनाने के लिए google में जाये. इसमें Barcode Generator सर्च करे. उसके बाद कोई भी एक वेबसाइट ओपन करे. फिर उसमे barcode के टाइप को select करे. और जिस नाम से barcode बनाना है वो नाम लिख कर barcode generator टूल पर क्लिक करे. आपका barcode बन जायेगा.

#5 QR Code का full form क्या है?

Quick response code होता है.

CONCLUSION

तो Friends मैं आशा करता हु की आपलोगो को ये ब्लॉग अच्छा लगा होगा अगर अच्छा लगा तो कृपया कमेंट करे. और अगर कुछ कमी हो तो उसको भी बताये. इससे Related और कोई प्रश्न है तो हमें बताये मैं उसका Answer जरूर दूंगा जिससे आपलोग उसके बारे में और जान सके. 

आप को Tech से Related जो भी Questions है आप मुझसे question कर सकते है या अपने बातो को हमारे blog के जरिये शेयर कर सकते है. तो कृपया कमेंट जरुर करे या हमें Mail करे.

 

Thank You

 

HOW TO CREATE A WiFi HOTSPOT IN WINDOWS 7 IN LAPTOP IN HINDI | BEST TIPS

How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop

How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop in Hindi. Hello दोस्तों नमस्कार!! कैसे है ? आज मै आपलोग के लिए एक नया टॉपिक लेकर आया हूँ. जिसमे हमलोग बात करेंगे की किसी भी laptop को WiFi Hotspot की तरह कैसे इस्तेमाल करे और configuration कैसे करेंगे तो बने रहिये और नए नए टेक से जुड़े जानकारी लेते रहे.

HOW TO CREATE A WiFi HOTSPOT IN WINDOWS 7 IN LAPTOP – किसी भी लैपटॉप को WiFi हॉटस्पॉट की तरह कैसे USE करे.

जरुरी नहीं की सबलोग के पास router रहे अगर router रहेगा तो फिर कोई भी आसानी से उस router से WiFi Hotspot के तरह इस्तेमाल कर सकते है. अगर आपके पास router नहीं है और आपको एक से ज्यादा device में इन्टरनेट share करना है तो उसके लिए मैं एक tips लेकर आया हु.

जिससे आप बिना router के अपने laptop को WiFi Hotspot के तरह बना सकते है जिससे हमारा laptop या smartphone आसानी से connect हो सकता है. तो आइये कुछ steps को follow करके सिखते है की कैसे एक laptop को WiFi Hotspot की तरह इस्तेमाल कर सकते है. How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop in Hindi.

ये भी पढ़े:

SOFTWARE का इस्तेमाल करके :

हम अपने laptop या computer को एक software का इस्तेमाल करके WiFi Hotspot की तरह इस्तेमाल कर सकते है उसके लिए mHotspot software डाउनलोड करले फिर उसको अपने laptop में install करे. Install करने के बाद उसको open करे. open करने के बाद कुछ इस तरह से दिखेगा जैसा की निचे फोटो में दिखाया गया है. अब हमें इस software में कुछ configuration करना होगा जैसे :

  • Hotspot Name में WiFi का नाम देना है.
  • Password में WiFi का password देना है.
  • Internet Source में चुनना है की किस Source से हमें इन्टरनेट चलाना है.
  • Max Clients का मतलब है की कितने device को अपने laptop से connect करना है.

ये सब सेटिंग होने के बाद Start Hotspot पर click करेंगे जिससे WiFi शुरु हो जायेगा. और हम WiFi Hotspot use कर पाएंगे.

How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop
Image of How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop

HOW TO CREATE A WiFi HOTSPOT IN WINDOWS 7 IN LAPTOP

COMMAND PROMPT का इस्तेमाल करके:

हमलोग एक दुसरे तरीका से भी laptop को WiFi Hotspot की तरह इस्तेमाल कर सकते है और वो तरीका है command prompt. उसके लिए निम्न तरीका का इस्तेमाल करते है :

सबसे पहले हम command prompt open करेंगे फिर उसमे कुछ command का use करके अपने WiFi Hotspot को activate कर सकते है. जैसा की command निचे दिया गया है.

C:\Users\pc1>netsh wlan show drivers

C:\Users\pc1>netsh wlan set hostednetwork mode=allow ssid=wifi_name key=password

C:\Users\ pc1>netsh wlan start hostednetwork

Note : उपर के command में WiFi_name के जगह पर अपना WiFi name use कर सकते है और password के जगह पर अपना password use कर सकते है. और last वाला command लिखने के बाद कुछ समय बाद आपका WiFi Hotspot activate हो जायेगा.

ये command लिखने के बाद हमें अपने laptop में कुछ सेटिंग करना पड़ेगा तभी हम hotspot का use कर पाएंगे. उसके लिए निम्न सेटिंग करेंगे :

click start button > control panel > network and sharing center

network and sharing center में जाने के बाद next step follow करेंगे.

जरुर पढ़े :

How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop
Image of How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop

Wireless Network Connection 2 पर click करेंगे उसके बाद निचे दिए गए फोटो के हिसाब से step follow करेंगे.

How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop
Image of How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop

properties पर click करेंगे जिससे नया window open होगा उसमे Sharing tab पर click करेंगे और checkbox को allow करेंगे उसके बाद finally ok button पर click करेंगे. अब हम अपने laptop को WiFi Hotspot की तरह use कर सकते है.

CONCLUSION

इसमें आपने देखा की How to Create a WiFi Hotspot in Windows 7 in Laptop. किस तरह से हम अपने किसी भी लैपटॉप को बड़ी ही आसानी से WiFi Hotspot की तरह बना कर use कर सकते है.

तो दोस्तों इस तरह से आप अपने computer या laptop को WiFi Hotspot की तरह इस्तेमाल कर सकते है और अपने smartphone को भी laptop से connect करके use कर सकते है. आपको ये ब्लॉग कैसा लगा हमें जरुर बताये और अपने दोस्तों के साथ share करे जिससे हमारी पोस्ट और भी लोगो तक पहुच सके और वो भी ये trick use कर सके.

अगर आपको इसमें कुछ और improvement लगता है तो वो हमें comment करके बताये. जिससे मैं अपने पोस्ट के content को और भी अच्छे से आपके सामने ला सकू.

Thank You !!!

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