Hello friends नमस्कार. मै Manish Sharma आपको मेरे website TechnoGyan में स्वागत करता हूँ. मै profession से एक Engineer हूँ . मुझे नयी नयी technology के बारे में सिखने और सिखाने में बहुत interest है. इसलिए आप लोग हमारे साथ जुड़े रहे और नयी नयी tips and trick और tech related जानकारी लेते रहे.
हेल्लो दोस्तों नमस्कार। आज हमलोग Top 5 Hard disk data recovery software के बारे में बात करेंगे। जो की सभी के लिए काफी खास होने वाली है। क्योकि जो लोग भी आजकल कंप्यूटर या लैपटॉप use करते है। उनका कभी न कभी डाटा लूज़ जरुर हुआ होगा। शायद ही कोई ऐसा user हो जो इस प्रॉब्लम को फेस नहीं किया हो।
हमलोग आज इसी Hard disk data recovery software के बारे में जानेगे। मै आपलोग को काफी अच्छे और फ्री में डाटा recovery software के बारे में बताने वाला हु। जो लोग भी डाटा लॉस्ट के वजह से परेशान हुए है उनका प्रॉब्लम इस पोस्ट से दूर हो जायेगा।
TOP 5 HARD DISK DATA RECOVERY SOFTWARE IN HINDI – हार्ड डिस्क के डाटा रिकवरी करने के सॉफ्टवेयर
हमारे हार्ड डिस्क के डाटा लूज़ होने के काफी कारण हो सकते है। जैसे की कंप्यूटर में काफी virus का लग जाना या डाटा format हो जाना या फिर किसी और कारण से डाटा का corrupts हो जाना। तो ऐसे में हमें उस डाटा का रिकवर होना काफी important हो जाता है।
जिसके लिए हमें किसी डाटा recovery expert या अच्छे तकनीशियन के पास जाना होता है। जो हमारे डाटा को रिकवर कर के हमें दे देते है। जिसके लिए वो लोग काफी charge करते है। जो की आपके हार्ड disk के capacity पर निर्भर करता है। की आपका HDD कितने GB का है।
आज मै आपलोग को कुछ अच्छे Hard disk data recovery software के बारे में बताने वाला हूँ। जिसकी मदद से आप चाहे तो खुद से ही अपने कीमती डाटा को रिकवर कर पाएंगे। वो भी बिलकुल फ्री में बिना कोई पैसा खर्च किये। हाँ इसमें एक condition है वो ये की अगर आपका हार्ड डिस्क में कोई फिजिकल प्रॉब्लम है।
तो वहां ये तरीका काम नहीं करेगा। उसके लिए हमें और भी काफी चीजो को ध्यान देना होता है। जैसे की HDD का PCB board तो ख़राब नहीं है या internal कोई डैमेज तो नहीं है। इसमें हमलोग सिखने वाले है की hard se data kaise nikale.
मैं फिजिकल डैमेज पर भी एक पोस्ट दूंगा जिसमे उसके बारे में भी आपको solution मिलेगा। आइये अब निचे एक एक कर के सारे Hard disk data recovery software के बारे में जानते है। की किसका क्या feature है।
TOP 5 FILE RECOVERY SOFTWARE FOR PC
RECUVA
ये भी एक फ्री डाटा रिकवर software है। जिसका use सबसे ज्यादा किया जाता है। ये भी बिलकुल फ्री है। इससे हमलोग deleted files को फिर से रिकवर कर सकते है। इसके advance deep स्कैन से आप recycle bin से deleted डाटा को भी रिकवर कर सकते है।
Top 5 Hard disk data recovery software
ये use करने में काफी सिंपल है जिससे इसको कोई भी बड़े ही आसानी के साथ use कर सकता है। ये software हर तरह के file system को सपोर्ट करता है और उसको रिकवर करता है।
ये software खास कर के mp3 को रिकवर करने के लिए डिजाईन किया गया है। जिसके हेल्प से किसी भी तरह की mp3 गाने को रिकवर कर सकते है। वैसे mp3 भी हमारे लिए एक डाटा ही होता है। क्योकि ये लोगो का काफी collection होते है जिसमे अच्छे अच्छे सोंग रहते है।
और ऐसा नही है की इससे सिर्फ mp3 ही रिकवर होंगे। इससे हमलोग HDD या मेमोरी card या Pendrive के डाटा को भी रिकवर कर सकते है। ये software इन सबके डाटा को भी रिकवर करने में हमारी मदद करता है। तो अगर आपलोग अपने मोबाइल या HDD के डाटा लॉस्ट से परेशान है तो इस software का use कर के डाटा को रिकवर कर सकते है।
7 DATA RECOVERY
ये software काफी कम size में आते है। लेकिन ये नहीं की छोटा software है तो काम कम करता है। ये उतना ही दमदार software भी है। जो की हमारे डाटा को काफी आसानी से रिकवर कर के हमें दे देता है।
ये हमारे HDD के डाटा को रिकवर तो करता ही है उसके साथ में मोबाइल के भी डाटा को रिकवर कर सकता है। जिससे अपने मोबाइल के deleted data को भी रिकवरकर सकते है। इसके लिए सिर्फ अपने मोबाइल को pc से कनेक्ट कर के उसको scan करना होता है।
इस software का दो वर्शन आता है। जिसमे एक फ्री वाला होता है और दूसरा प्रो वर्शन होता है। प्रो वर्शन में हमें कुछ ज्यादा feature मिल जाते है।
Hard disk data recovery software में ये भी काफी सिंपल software है। जिससे हम accidently deleted डाटा को रिकवर कर सकते है। इससे हम हार्ड डिस्क, digital कैमरा, Pendrive और मेमोरी कार्ड के डाटा को आसानी से रिकवर कर सकते है। ये software डाटा को रिकवर करने में काफी मदद करता है।
ये software खास कर के फोटो को डिलीट हो जाने पर उसको रिकवर करने के लिए बनाया गया है। ये भी काफी popular software में से एक है। जिसका इस्तेमाल photo recovery में सबसे ज्यादा किया जाता है। इसके फ्री वर्शन में कुछ लिमिट होते है। जिसके अन्दर रह कर ही हमें काम करने होता है। लेकिन वही अगर full version की बात करे तो उसमे किसी तरह की कोई लिमिट नहीं है। इसमें हम जितना चाहे उतना डाटा रिकवर कर सकते है।
इस software से आप किसी भी तरह की device से फोटो को रिकवर कर सकते है। वो चाहे कैमरा हो या फ़्लैश drive हो। इससे सभी तरह से ग्राफ़िक्स और फोटोज को रिकवर कर सकता है। Data recovery का काम शुरू कर के आप अच्छा पैसा कमा सकते है।
इस तरह से ये सारे Hard disk data recovery software है। जिसका use करके हम अपने कीमती डाटा को खोने से बचा सकते है। और अगर आप चाहे तो इन software के use करके अच्छे पैसा भी earn कर सकते है। डाटा recovery का काम शुरू कर के।
CONCLUSION
इस पोस्ट मै Hard disk data recovery software के बारे में बताया हूँ। जिसमे बताया गया है की Hard disk data recovery कैसे करे । वो भी काफी आसानी के साथ। इसके लिए बस आपको मेरे द्वारा बताया गया software को डाउनलोड करना होगा।
इस पोस्ट में मै 100% free data recovery software के बारे में बताया हूँ। जिससे आप अपने डाटा को रिकवर कर सकते है। अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे। जिससे उनके टाइम और पैसा दोनों बच सके। और अगर आपके कुछ सुझाव है तो हमें कमेंट कर के जरुर बताये।
या हमें mail भी कर सकते है जिसमे मै आपका पूरा मदद करूँगा। जिससे आपके सारे डाउट clear हो सके।
TIPS FOR LAPTOP BUYING GUIDE IN HINDI – LAPTOP खरीदने के 7+ TIPS HINDI में
हेल्लो दोस्तों कैसे है ? नमस्कार. आज मैं कुछ अलग लेकर आया हु। जिसमे हमलोग जानेगे Tips for Laptop Buying Guideके बारे में। की अगर किसी को new laptop लेना है, तो उसमे क्या क्या बातों का ध्यान देना है। जिससे की अपने जरूरत के हिसाब से Laptop Buying किया जा सके।
कहने का मतलब है की, ऐसा न हो की काम कम है और heavy laptop खरीद लिए। इससे क्या होगा फिजूल का आपका पैसा बर्बाद होगा। क्यों न हम ऐसा laptop ले जिसका proper हमारे जीवन में use हो। तो एक अच्छा laptop के लिए क्या क्या check point होना चाहिए, आइये देखते है। Tips for Laptop Buying Guide के बारे में।
किसी भी laptop में उसका performance इन 5 बातों पर निर्भर करता है जो नीचे दिया गया है।
सबसे पहले तो हमें ये समझ होना चाहिए की laptop अच्छा है या डेस्कटॉप कंप्यूटर। वैसा दोनों अपने आप में अच्छा होते है। और दोनों की अपनी विशेषताएं होती है। तो अगर आपको लगता है की, आपके काम के हिसाब से कही भी ले जाने में laptop काफी अच्छा है तो बेशक आपको laptop लेना चाहिए। तो आइये देखते है कुछ main main points laptop लेने के लिए:
DISPLAY
बहुत से लोग लैपटॉप का चयन स्क्रीन साइज से करते हैं। लेकिन लैपटॉप का चयन स्क्रीन साइज को देखकर नहीं करनी चाहिए। क्योकि एक तो स्क्रीन साइज बडा होने से लैपटॉप भारी हो सकता है। साथ ही अगर डिस्प्ले कम रेज्योलूशन वाला हुआ तो कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस खराब भी हो सकता है। इसलिये अच्छे रेज्योलूशन वाला स्क्रीन ही पसंद करें।
अगर आप लैपटॉप लेकर ज्यादा ट्रेवल करते है तो फिर आप कम से कम 14 इंच स्क्रीन वाला लैपटॉप ख़रीदे। क्योकि इस size के लैपटॉप काफी हलके होते है। जिससे इसको लेकर कही आने जाने में थोडा आसानी हो जाता है। और अगर ज्यादा ट्रेवल नहीं करते तो फिर आप बड़े size के स्क्रीन वाले लैपटॉप के बारे में सोच सकते है।
PROCESSOR AND RAM
Market में आजकल बहुत अच्छे किस्म के प्रोसेसर available है। जैसे Core i3, Core i5 और Core i7 अगर हम घरेलू यूजर हैं तो हमें इन प्रोसेसर की speed का difference पता भी नहीं चलेगा। क्योकि घर में use के लिए हम Core i3 या dual core प्रोसेसर का इस्तेमाल करते है। जिससे हमारा बेसिक काम हो भी जाता है।
Image of laptop buying guide in hindi
ये core i5 या core i7 के तुलना में सस्ते होते हैं। और अगर अच्छा speed चाहिए तो हमें RAM भी अच्छी चाहिए होता है। जैसे कम से कम 4GB RAM. और अभी नए में DDR3 और DDR4 RAM मार्किट में चल रहे है। इसमें कोशिस करिए की updated RAM ही ले।
अगर आपको बेसिक में सबकुछ काम करने वाला लैपटॉप चाहिए तो फिर कम से कम Core i3 के 11th जनरेशन वाले लैपटॉप ले सकते है। जिसमे आपके maximum काम हो सकता है। ये जनरेशन अभी just मार्केट में launch किया है।
Processor का performance :- Atom>Celeron>Pentium>Core i3>Core i5>Core i7(Fast processor)
LAPTOP BUYING GUIDE में GRAPHICS CARD का ध्यान दें
आजकल सभी laptop में graphic card साथ में ही आते है जो इनके अंदर ही inbult होते है। जिससे हम normal वेब ब्राउज़िंग, गेम या song चला सकते है। इसलिए अगर आपको MS Office के अलावा वेब ब्राउज़िंग, मूवीज या गेम जैसे uses है तो आपको अलग से graphic card के बारे में नहीं सोचना।
हाँ अगर आपका काम photo editing या video editing जैसे है तो फिर आपको अच्छे ग्राफ़िक वाले लैपटॉप के बारे में सोचना चाहिए। क्योकि जब अच्छे ग्राफ़िक रहेंगे तभी आप ये सब काम आसानी से कर पाइयेगा।
आपको जैसे पता होगा की अगर एक अच्छा laptop लेना है तो, उसके लिए सबसे important laptop की बैटरी होती है। जो की हमारे laptop की जान होती है। अगर बैटरी अच्छा न रहे तो फिर कितना भी महंगा laptop आपके किसी काम का नहीं रह जाता।
Image of laptop buying guide in hindi
क्योकि अगर बैटरी ही नहीं रहेगा तो हम अपना daily का काम कैसे करेंगे। इसलिए laptop खरीदते समय बैटरी का ध्यान जरुर दे। जिस laptop का बैटरी बैकअप अच्छा रहे वही laptop ले। आजकल ऐसे भी लैपटॉप आ गए है जिसमे 10hrs से भी ज्यादा का बैटरी backup मिल जाता है। जो की काफी अच्छा है लैपटॉप की नजर से। लैपटॉप की बैटरी लाइफ कैसे बढ़ाये?
usb भी हमारे laptop का काफी खास हिस्सा होता है। जिससे हम अपने devices को जोड़ कर अपना काम कर पाते है। जैसे प्रिंटर, मॉडेम, pendrive या और भी बहुत सारे डिवाइस। जितना ज्यादा usb पोर्ट होगा उतना अच्छा रहता है। जिसमे की 1 या 2 right hand के तरफ हो तो काफी अच्छा रहता है।
KEYBOARD/ TOUCHPAD
अगर आप keyboard का ज्यादा use करते है तो, इसका भी अच्छे से ध्यान देना होगा की keyboard या touchpad smooth काम कर रहा है या नहीं। कही वो ज्यादा हार्ड तो नहीं है use करने में। और touchpad भी अगर smoothly काम नहीं करेगा तो हम आसानी से mouse का use नहीं कर पाएंगे।
wifi connectivity भी काफी important पार्ट है एक अच्छा laptop लेने के लिए। क्योकि wifi की हेल्प से इन्टरनेट share करना काफी आसान है। आजकल wifi router या wifi hotspot से काफी आसानी से इन्टरनेट share किया जा सकता है। आजकल तो wifi प्रिंटर भी आ गया है।
वाई फाई ब्लूटूथ की तुलना में काफी speed से डाटा transfer करता है, इसलिए wifi का uses बढ़ गए है। और यही reason है की एक अच्छा laptop लेते टाइम wifi connectivity जरुर check कर ले की, अच्छा काम करता है की नहीं।
LAPTOP BUYING GUIDE में INTERNAL STORAGE का ध्यान दें
Internal storage की बात करे तो इसमें अलग अलग प्रकार के storage devices आते है। जो की निम्न है :
speed की बात करे तो in तीनो में SSD काफी speedly काम करता है, और HDD सबसे slow काम करता है। इसलिए SSD काफी महंगी होती है। तो अगर आपको ज्यादा fast loading operating system चाहिए तो आपको SSD लेना चाहिए। और अगर नार्मल uses है तो फिर HDD के लिए जाये।
वैसे नार्मल काम के लिए काफी अच्छा माना जाता है HDD को। HDD में भी 500 GB या 1TB आता है जो की काफी space होते है।
SSD (Fast but costly) > SSHD > HDD (Slow but Cheap)
OPERATING SYSTEM
Computer या laptop में तरह तरह के operating system आते है जैसे window xp ,window 7, window 8, window 8.1, window 10, Linux, MAC इत्यादि। इसमें मैं आपको सलाह दूंगा की अगर आप नए user है तो आप window 7 use करे।
Image of laptop buying guide in hindi
और अगर आपको इसपर काम करने अच्छे से आ जाये तो फिर उसके बाद आप window 10 के लिए जा सकते हैं। वैसे अब तो windows 11 भी मार्केट में आ चूका है। जिसमे काफी कुछ नए update आपको देखने को मिलेगा। उसके बाद आपको ये use करने में काफी easy लगेगा।
CONCLUSION
यदि इस पोस्ट Tips for Laptop Buying Guideसे कुछ सिखने को मिला। तो कृप्या आप इस पोस्ट को फेसबुक और अपने friends तक share जरुर करे। जिससे बाकी सभी लोग भी इस पोस्ट का लाभ ले सके। और अपने सुझाव हमें जरुर बताये जिससे अपने ब्लॉग में और सुधार कर सकू और आपलोगों तक अच्छा से अच्छा पोस्ट ला सकू।
Software Define Network(SDN) क्या होता है? ये कैसे काम करता है? और इसके क्या फायदे है? ये सब के बारे में आज हमलोग इस पोस्ट में जानने वाले है। तो चलिए आगे बढ़ते है और इसके बारे में डिटेल्स में जानने की कोशिस करते है।
SOFTWARE DEFINE NETWORK IN HINDI | SOFTWARE DEFINE NETWORK या SDN क्या है?
ये एक ऐसा Network Architecture है जिसमे हमें network को handle या manage करना काफी easy हो जाता है। साथ ही ये Software Define Network(SDN) काफी flexible होता है।
इसको अगर हमलोग अलग तरह से define करेंगे तो इसका मतलब ये होता है की, ये एक ऐसा Network Architecture है जो software का मदद ले कर network को smartly और central रूप से हैंडल या control करने में compatible होता है।
Software Define Network(SDN) का use हमलोग डायनामिक और high बैंडविड्थ वाले software में करते है। ये पुराने network से काफी हट कर है। पहले जो network होते थे उसमे ट्रैफिक को हैंडल करने के लिए अलग अलग hardware device का use करना पड़ता था। लेकिन SDNके साथ ऐसा नहीं है। ये ट्रैफिक को हैंडल करने के लिए virtual network का use करता है।
SDN एक ऐसा network है जो software पर चलने वाले कंट्रोलर या API का use कर के हमारे hardware और network ट्रैफिक के बीच communicate करने में मदद करता है। ये centralized server की मदद से network को control करता है।
SOFTWARE DEFINE NETWORK(SDN) के ARCHITECTURE
Image of software define network in Hindi
SDN network besically तिन लेयर्स को मिलाकर बनाया गया है। जो की निम्न है:
1. Application Layer(AL)
AL में डाटा सिक्यूरिटी से रिलेटेड network application शामिल है। जो की आज कल के ट्रेडिशनल नेटवर्क से काफी अलग है। क्योकि ट्रेडिशनल नेटवर्क में डाटा सिक्यूरिटी के लिए hardware devices लगाने होते थे जैसे की फ़ायरवॉल, load balancer इत्यादि। जबकि SDN इस चीज को software application से replace कर दिया है।
2. Control Layer(CL)
ये centralized SDN controller software की तरह काम करता है। जो SDN के दिमाग के रूप में कार्य करता है। यह कंट्रोलर एक centralized server पर रहता है। जो की पुरे network में अलग अलग पॉलिसीस और network ट्रैफिक के flow को manage करता है।
3. Forwarding Layer(FL)
ये लेयर फिजिकल switches से बने है। जिसका काम होता है डाटा पैकेट को source से डेस्टिनेशन तक पहुचाना।
Application program interfaces (APIs)
ये उपर के तीनो लेयर्स आपस में Northbound और Southbound APIs के जरिये communicate करते है। Northbound APIs आपस में application layer और control layers के बीच communicate करता है। जबकि Southbound APIs आपस में control layer और Forwarding layer को communicate करता है।
इसके कुछ खासियत है जिसके बारे में मै निचे बताने जा रहा हूँ:
इस network की बात करे तो ये normal network से अच्छी security provide करती है।
इसमें हमें ज्यादा services vertually मिल जाती है।
SDN की मदद से बड़े बड़े offices के एप्लीकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर या सर्विसेज को आसानी से deploy कर सकते है।
इस network में ट्रैफिक को हैंडल करना आसान होता है। क्योकि जरुरत पड़ने पर network engineer हार्डवेयर switches में policy को बदल सकते है। इसमें ट्रैफिक के लोड को काफी easy way में manage किया जा सकता है।
इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की SDN में centralized कंट्रोलर की मदद से एक जगह पर कॉन्फ़िगर करते ही सभी swithces पर कॉन्फ़िगरेशन हो जाती है। जबकि normal switches में ऐसा नहीं होता है। इसमें हमें कॉन्फ़िगर करने के लिए सभी swithces पर जाकर कॉन्फ़िगरेशन करना पड़ता है। जिसमे काफी टाइम का खपत होता है।
Centralized कंट्रोलर का फायदा ये है की ये unwanted ट्रैफिक को डिटेक्ट कर लेता है। और खुद से उसको re-route कर देता है।
आपलोग को ये पता चल गया होगा की ये virtual mode पर कार्य करता है। जिससे hardware का uses कम होता है। जिसके कारण network setup करने में कम costing लगता है। और दूसरा बेनिफिट ये है की आपको ज्यादा जगह भी नहीं use होता है network के लिए।
HOW TO WORK SDN NETWORK | SDN NETWROK कैसे काम करता है? | HOW SDN WORK
ये centralized controller का use कर के काम करता है। ये कंट्रोलर software based होता है। जिस पर network engineer कमांड देते है जिससे SDN network काम करता है। engineer एक जगह पर बैठ कर कंट्रोलर में control panel का use कर के policy impliment करते है।
जिससे switches पर कॉन्फ़िगरेशन हो जाता है। इस तरह उनको बार बार सभी swithces पर जाकर कॉन्फ़िगरेशन करने की जरुरत नहीं पड़ती है। SDN तिन लेयर पर काम करती है जिसके बारे में मैंने उपर में ही बताया है।
जब कोई डाटा पैकेट network switch पर आता है तब उस पैकेट को ये switch रूल्स या पालिसी के अनुसार उसके डेस्टिनेशन तक send कर देता है। ये सब SDN controller के कारण ही हो पाता है।
इसमें network admin एक central place पर रहते हुए network को मॉनिटर, control या policy लगा सकता है।
SOFTWARE DEFINE NETWORK के साथ क्या क्या CHALLANGE आते है?
Image of software define network in hindi
SECURITY PROBLEM
हमारा network एक centralized based network होता है। जो सिर्फ एक hardware पर depend रहता है। ऐसे में अगर किसी तरह से network बंद हो गया या कोई attacker द्वारा अटैक किया गया तो ऐसे में हमारा डाटा secure नहीं रह पायेगा। क्योकि सबकुछ एक single centralized device द्वारा manage होता है।
CONTROLLER
जब SDN controller में एक साथ काफी ट्रैफिक आने लगता है तो ये SDN को हैंडल करने में रुकावट पैदा होने के chances रहता है।
SDN से रिलेटेड FAQs
1. SDN का full form क्या है?
Software Define Network
2. Software Define Network को परिभाषित करे?
SDN एक software के द्वारा use होने वाला network है। जिसको centralized based controller के द्वारा manage किया जाता है।
3. सॉफ्टवेयर डिफाइन नेटवर्क का use क्यों किया जाता है?
इसके आ जाने से network में काफी improvement आ गया है। जिससे सेल्स बढ़ गए है कस्टमर को service अच्छी मिल पा रही है। इसके वजह से खर्चे कम हो गए है। एक sdn besed कंट्रोलर से command देने से सारे network switch पर कॉन्फ़िगरेशन हो जाते है। कम hardware में काम हो जाता है। जब कम hardware लगते है तो space का use कम होता है साथ ही power save होती है।
4. SDN application क्या है?
SDN एप्लीकेशन एक ऐसा software है जिसको SDN के environment में कार्य करने के लिए डिजाईन किया गया है। ये एप्लीकेशन फर्मवेयर के माध्यम से रेगुलर रूप से network के hardware devices को कार्य कराने में मदद करता है।
5. SDN कुछ example दे?
PFC SDN controller, Cisco SDN controller, Juniper contrail इनके अलावा कुछ ओपन सोर्स भी है। जैसे Beacon, Ryu, Opendaylight और Floodlight इत्यादि।
CONCLUSION
Software Define Network(SDN) क्या है? SDN network कैसे काम करता है? ये सब के बारे में आज आपलोग ने जाना। उमीद करता हूँ की आपलोग को SDN से related सारी जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपलोग को कोई प्रॉब्लम लगे तो आप हमें कमेंट या mail कर सकते है। आपलोग को आपके सवाल का जवाब मै जरुर दूंगा।
अगर ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करे। जिससे उनलोग तक भी ये जानकारी पहुँच सके। आपलोग मेरे पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूले। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगो तक जानकारी मिल पाए।
TOP 15+ SECRET WHATSAPP HIDDEN TRICKS AND NEW FEATURES IN HINDI | WHATSAPP TIPS AND TRICKS
Top 15+ Secret Whatsapp Hidden Tricks and New Features के बारे में जानेगे. की कैसे हमलोग whatsapp का use और बेहतर तरीके से कर सके. Hello दोस्तों नमस्कार !! कैसे है आपलोग ? आज मै आपलोग के लिए काफी interesting टॉपिक लेकर आया हुआपलोग लगभग सभी लोग whatsapp use करते होंगे और काफी लोग नए user भी होंगे.
तो दोस्तों आपलोग को इस ब्लॉग से काफी कुछ सिखने को मिलेगा जिससे आप काफी कुछ whatsapp में सिख जायेंगे और आसानी से whatsapp का use कर पाएंगे. इसमें हमलोग बात करेंगे whatsapp hidden features, whatsapp tricks और new features के बारे में. तो चलिए आगे बढ़ते है और सिखते है Top 15+ Secret Whatsapp Hidden Tricks and New Features in Hindi में.
Image of Whatsapp Hidden Tricks and New Features
TOP 15+ WHATSAPP HIDDEN TRICKS IN HINDI
1. WHATSAPP ग्रुप में INVITE LINK कैसे बनाये
जब हमलोग whatsapp में ग्रुप बनाते है तो उसमे add होने के लिए admin का permission होना जरुरी होता है तभी हम ग्रुप में add हो सकते है लेकिन एक ऐसा option भी है whatsapp में जिससे की आपलोग बिना admin के permission के जब चाहे उस ग्रुप में add हो सकते है.
उसके लिए हमारे पास उस ग्रुप का link होना चाहिए जिससे हम जब चाहे उस link के through add हो सकते है. अगर किसी कारण से हम ग्रुप से remove हो जाते है तो उसके लिए हमे admin पर depend होना पड़ता है की वो जब add करेगा तभी उस ग्रुप में add हो सकते है. तो आइये देखते है की कैसे वो link को create किया जाता है.
सबसे पहले आप जिस ग्रुप के admin है उसे choose कर ले
अब आप top में dot मेनू पर जाये
Dot मेनू में Group info पर क्लिक करे
अब यहाँ Invite via link option पर क्लिक करे.
अब हमें Group invite link दिखने लगेगा.
इस link को अपने दोस्तों तक share कर सकते हैं जिससे वो इस link को click करके automatic उस group से जुड़ सकते है.
2. WHATSAPP में दोस्तों को TAG कैसे करे
हमलोग जिस तरह facebook में tag का इस्तेमाल करते है same उसी तरह एक feature whatsapp में भी होता है जिससे हम उस group के person को group में आसानी से tag कर सकते है. तो अगर हमें किसी को tag करना है तो उसके लिए हमें कुछ Tips follow करनी होती है जो की निम्न है:
पहले उस group को ओपन करे
अब टाइप मेसेज में जायेंगे
यहाँ@ टाइप करना है, जिससे हमे उस group में जुड़े सभी लोग का list दिखने लगेगा
यहाँ से जिस किसी को भी tag करना चाहते है उसको tag करके message भेज सकते है
3. WHATSAPP मेसेज को किसी को पता चले बिना कैसे पढ़े
सबसे पहले हम मोबाइल के flight mode को on कर लेंगे
उसके बाद किसी भी messege को read कर ले जो unread हो
अब दुबारा flight mode को ऑफ कर दे
इससे message के सामने blue tick नहीं दिखेगी और आसानी से उसको read कर लेंगे
इस तरह सामने वाले को बिना जाने हम मेसेज को read कर सकते है.
4. WHATSAPP में LAST SEEN MESSAGE OPTION को कैसे छुपाये
पहले WhatsApp open करेंगे फिर निम्न step को follow करेंगे
setting > Account >Privacy > Last seen.
Image of Whatsapp Hidden Tricks and New Features
यहाँ Last seen पर क्लिक करना है जहा तीन option show होगा उसमे से हमे Nobody option को choose कर लेना है, इस तरह हमारा Last seen मेसेज हाईड कर सकते है
5. WHATSAPP में QUOTE FEATURE REPLY कैसे करते है
हमें जिस message का भी रिप्लाई करना है उस message पर दबा कर रखे जिससे हमें reply का sign दिखने लगेगा फिर उसपर क्लिक करे और अपना message type कर हमलोग मेसेज भेज सकते है.
6. WHATSAPP के DELETE हुए मेसेज को कैसे RECOVER करेंगे
अगर हमारे whatsapp का डाटा delete हो गया हो तो ऐसे में हम अपने message आसानी से read कर सकते है या फिर हमारे मोबाइल का भी डाटा delete हो गया हो तो उसको भी हमलोग आसानी से पा सकते है.
File Manager > storage > Whatsapp > Database.
अब database folder में msgstore.db.crypt file दिखेगा जिसमे एक दिन का message होता है दुसरे में हमें msgstore-yyyy..dd..db.crypt का file दिखेगा जिसमे 7 दिन का messege रहता है, अब अगर हमें ये message read करनी है तो उसके लिए इस file को किसी भी text editor में open करना होगा.
7. WHATSAPP में MOBILE NUMBER कैसे बदलते है
अगर हमें whatsaap का नंबर बदलना है तो हम काफी आसानी से उस पुराने नंबर को change कर सकते है और सारे group में active रह सकते है बिना group छोड़ें.
Whatsapp open करे.
Setting > Account > Change Number पर क्लिक करे.
उसके बाद हम अपना पुराना नंबर enter करेंगे उसके बाद new नंबर को enter करेंगे और ok कर देंगे
आप अगर whatsapp के सभी contacts को या सिर्फ कुछ selected लोगो को एक साथ message करना चाहते है तो उसके लिए एक trick इस्तेमाल कर सकते है. इसके लिए हमारे whatsapp में broadcast का feature है. जिसको निम्न प्रकार से use किया जा सकता है :
click whatsapp menu bar option > New Broadcast पर click करे > उसके बाद contacts में से नंबर को ADD करके लिस्ट को save कर ले.
अब हमलोग जब भी message को broadcast वाले ग्रुप में send करेंगे तो उस list के सभी friends को message एक साथ चला जायेगा.
9. WHATSAPP TEXT TRICKS | WHATSAPP में BOLD और ITALIC कैसे लिखे
अब मैं whatsapp text tricks के बारे में बताने वाला हूँ. जो काफी काम का चीज आपके लिए होने वाला है. आप लोगो में से सभी लोग whatsapp इस्तेमाल करते होंगे लेकिन उसमे से काफी लोगो को ये पता नहीं होगा की किसी भी message को bold और italic letter में कैसे type करके send किया जाता है. तो आइये जानते है की कैसे bold और italic type करके message किया जाता है.
जिसको भी messege send करना है उस messege से पहले और बाद में “*” symbol का use करे जिससे वो message bold हो जायेगा (जैसे- *your message*) same उसी तरह italic के लिए भी करे उसके लिए “_” symbol का use किया जाता है (जैसे _your message _)
Image of Whatsapp Hidden Tricks and New Features
Bullet लगा कर लिखने के लिए टेक्स्ट से पहले – Message टाइप करे.
नंबर लिस्ट जैसा लिखने के लिए टेक्स्ट से पहले 1. Message टाइप करे.
Block quote के लिए टेक्स्ट से पहले >Message टाइप करे.
Inline code के लिए टेक्स्ट से पहले `Message` टाइप करे.
Strikethrough के लिए टेक्स्ट से पहले ~Message~ टाइप करे.
Monospace जैसा लिखने के लिए टेक्स्ट से पहले “`Message“` टाइप करे.
10. एक MOBILE में एक से ज्यादा WHATSAPPकैसे इस्तेमाल करे
आज के समय में market में dual sim मोबाइल ही ज्यादा चल रहा है और उसमे हमलोग दो नंबर भी use करते है. तो अगर ऐसे में हमें दोनों नंबर पर whatsapp use करना पड़े तो उसके लिए काफी आसान trick है जिसको इस्तेमाल करके हमलोग एक मोबाइल में दो whatsapp account चला सकते है.
उसके लिए सबसे पहले playstore से Parallel Space application download करके install करले और उसमे whatsapp सेलेक्ट करले इस तरह से आप दूसरा whatsapp account भी चला सकते है.
11. WHATSAPP में लोकेशन कैसे शेयर करे
अगर आप अपना location share करना चाहते है या किसी का location find करना चाहते है तो आसानी से कर सकते है इससे हमलोग अपना location किसी को भी बता सकते है. तो इस feature को जानने के लिए निम्न tips को follow करिए :
पहले mobile के GPS को on कर ले. अब आप जिस person को location share करना चाहते है उस पर click करे. उसके बाद file attachment को open करे जहा से हमलोग फोटो या file share करते है उसी में location का option मिलेगा. फिर location पर click करे आपका location search होकर share हो जायेगा.
12. GOOGLE DRIVE पर WHATSAPP का BACKUP कैसे ले
whatsapp का सबसे खास feature है google drive पर backup लेना. इसका फायदा ये है की हमारे whatsapp का सारा डाटा google drive पर automatic save होते रहता है. अगर हमारा mobile गुम हो जाये या whatsapp uninstall हो जाये या फिर mobile ख़राब हो जाये.
तो ऐसे condition में अपने whatsapp का डाटा आसानी से google drive से recover कर सकते है. इसके लिए निम्न steps को follow करके backup शुरु कर सकते है :
अब हमें google drive settings दिखेगा उसमे Back up to Google Drive पर click करे उसके बाद अपने हिसाब से उसमे से Daily, Weekly या Monthly option सेलेक्ट कर ले. इस तरह से हम अपने whatsapp के डाटा को back up ले सकते है.
13. WHATSAPP के बातचीत को EMAIL पर कैसे SEND करे
पहले whatsapp open करे . फिर जिस ग्रुप के या contact का chat को send करना चाहते है उस contact या group को open कर ले. अब उसके बाद उपर के तीन dot को click करे. फिर more option पर जाये फिर Export Chat पर click करे उसके बाद आपको दो option दिखेगा.
जिसमे Without Media और Include Media show होगा अपने हिसाब से option choose कर ले, उसके बाद Send Chat Via Email करे. इससे हमारा whatsapp के chat email पर चला जायेगा.
14. WHATSAPP में चैटिंग को SEARCH BY DATE करें
अभी एक और नया whatsapp अपडेट आया है. जिसमे हमलोग अपने चैटिंग को calender में जाकर डेट के हिसाब से सर्च कर सकते है. जहा पहले सर्च करने के लिए हमें काफी स्क्रोल करना पड़ता था. अब काफी ही आसानी के साथ सर्च किया जा सकता है. जिसका फोटो मैं निचे लगा रहा रहा हूँ.
15. अब एक ही WHATSAPP ACCOUNT में दो ACCOUNT USE करें
पहले क्या होता था की हमें दो अकाउंट अगर एक ही मोबाइल में use करना होता था तो उसके लिए एक और app मोबाइल में इनस्टॉल करना होता था. लेकिन अब whatsapp का एक न्यू फीचर आया है जिसमे एक ही whatsapp में हम दो whatsapp use कर सकते है.
दो अकाउंट बनाने के लिए सबसे पहले अपने whatsapp में जाये. फिर दाये साइड उपर में three dot को क्लिक करे. उसके बाद settings पर क्लिक करे. settings पर क्लिक करते ही हमें बार कोड के बगल में एक डाउन arrow दिखाई देगा. और हां ये तभी दिखाई देगा जब आपका whatsapp updated हो.
तो जैसे ही राउंड arrow वाले को क्लिक करेंगे हमें एक न्यू आप्शन दिखाई देगा. जिसमे निचे Add Account का आप्शन आ जायेगा. जिसमे आपसे दो options पूछा जायेगा. इसमें जो आपको ठीक लगे उसको सेलेक्ट करे. इस तरह से आपका दूसरा अकाउंट बन जायेगा.
16. WHATSAPP में CHATLOCK FEATURE कैसे USE करें
अभी whatsapp में और भी नए नए फीचर आ गए जिसमे ये एक फीचर है. जिसका use कर के आप अपने whatsapp के चैटिंग को लॉक कर सकते है. जिससे आपका चाट कोई देख नहीं पायेगा और आपका पर्सनल चाट सिक्योर रहेगा. इसको activate करने के लिए निचे दिए स्टेप को फॉलो करें:
सबसे पहले जिसका भी chat लॉक करना है उसके प्रोफाइल में चले जाये.
प्रोफाइल पर आने के बाद आपको थोडा निचे scroll करना है जहाँ पर आपको Chat lock का आप्शन मिल जायेगा.
Chat lock के आप्शन को enable कर लेना है अब आपका उस perticular person का chat लॉक हो जायेगा.
जब उसका chat ओपन करना चाहते है तो उपर में ही आपको whatsapp में Locked chats का आप्शन दिखाई देगा. उसपर क्लिक करके अनलॉक कर लेना है. फिर उसके बाद जिसका जिसका chat लॉक था उनका नाम show हो जायेगा.
WHAT IS WHATSAPP PAY IN HINDI | WHATSAPP PAY क्या है?
जैसे की नाम से ही पता चल रहा होगा की whatsapp pay के जरिये हम पैसो का लेन देन online कर सकते है. जी हाँ आपने सही सुना है. अब जिस तरह से GPay या PayTm से हमलोग पैसा online send और receive करते थे. वैसे ही अब हमारा messaging app के द्वारा ये हो पायेगा.
फ़िलहाल इसके साथ 4 main बैंक का पार्टनरशिप है जैसे की SBI, HDFC, ICICI और Axis bank. ये भी NPCI(National payment corporation of india) के UPI सिस्टम पर based है.
इस service के स्टार्ट हो जाने से messaging के साथ साथ अब हमलोग online पैसो का ट्रान्सफर भी कर सकते है. कहने का मतलब है अब एक whatsapp से आपलोग multiple काम कर पाइयेगा. अगर आपके whatsapp में ये feature नहीं आ रहा है तो अपने wahtsapp app को update कर ले.
HOW TO SETUP WHATSAPP PAY ACCOUNT | WHATSAPP PAY ACCOUNT का सेटअप कैसे करे?
Whatsapp pay सेटअप करने के लिए निम्न step को follow करे:
Whatsapp App को ओपन करे. उसके बाद उपर दिए तिन डॉट पर क्लिक करे.
तिन डॉट पर क्लिक करते ही कुछ आप्शन ओपन होगा. उसमे से आपको Payments आप्शन पर क्लिक करना है.
अब आपको NEW PAYMENT बटन पर क्लिक करना है.
उसके बाद CONTINUE बटन पर क्लिक करे.
अब ACCEPT AND CONTINUE बटन पर क्लिक करे.
अब आपसे आपके बैंक के बारे में पूछेगा. जिस भी बैंक में आपका अकाउंट है उस बैंक को choose कर ले.
choose करने के बाद VERIFY VIA SMS के आप्शन पर क्लिक करना है.
जो फ़ोन नंबर आप अपने अकाउंट में दिए हो वो नंबर आपके मोबाइल में होना चाहिए. तभी वेरीफाई हो पायेगा.
वेरिफिकेशन हो जाने के बाद अब आपको UPI Pin सेट करना होगा. जिसका use आगे payment करते समय होगा.
इस तरह से अब हमारा whatsapp pay use करने के लिए तैयार हो चूका है.
अकाउंट बनने के बाद पैसो का लेन देन कैसे करे?
जिसे पैसा send करना है उसका Chat ओपन करे.
ओपन होने के बाद attachment icon पर क्लिक करे.
अब आपको payment का आप्शन दिखाई देगा. उस पर क्लिक करे. और जितने पैसे send करना है उसको fill करे.
whatsapp UPI पिन को enter करे.
और इस तरह से payment हो जायेगा और आपको मेसेज आ जायेगा.
अगर पैसा send करने वाले के पास whatsapp pay नहीं है तो फिर कैसे करेंगे?
जरुरी नहीं की जिससे पैसा ले उसके पास भी whatsapp pay हो. अगर नहीं है तो ऐसे में भी पैसा लिया जा सकता है. ऐसे में हमें अपने wahtsapp pay का ID या QR code सामने वाले के साथ शेयर करना होगा. तब वो अपने GPay या PayTm में उस wahtsapp pay का डिटेल डाल कर. पैसा send कर सकता है.
CONCLUSION
दोस्तों आपको Top 15+ secret Whatsapp hidden tricks and new features in Hindi की पूरी जानकारी मिल गयी होगी मै आशा करता हु की इस ब्लॉग से आपको whatsapp के सारे hidden feature और tricks पता चल गया होगा.
अगर अच्छा लगे तो अपने दोस्तों के साथ जरुर share करे और अपने सुझाव हमें comment करके जरुर बताये. जिससे मै अपने इस ब्लॉग में और अच्छे से अपडेट कर सकू. आप हमें अपने सुझाव मेरे mail id पर भी भेज सकते है.
HOW TO FIND WIFI PASSWORDS ON LAPTOP OR PC – किसी भी लैपटॉप या कंप्यूटर में WIFI के PASSWORD कैसे पता करते है ?
How to Find WiFi Passwords on Laptop. Hello Friends! TechnoGyan में आपका स्वागत है एक और नए टॉपिक में. जिसमे हमलोग जानेंगे की किसी भी लैपटॉप या pc में wifi का password कैसे जाना जाता है. कहने का मतलब है की किसी भी wifi से connected laptop या computer में password कैसे देखेंगे। आज के टॉपिक में हमलोग यही सीखेंगे step by step example के साथ में। तो चलिए आगे बढ़ते है और सीखते है की How to Find WiFi Passwords on Laptop in Hindi.
अगर आपके पास पहले से ही आपके वाईफाई नेटवर्क से जुड़ा हुआ कंप्यूटर या लैपटॉप है, तो आप बहुत ही आसानी से पासवर्ड देख सकते हैं। तो आइये एक एक step कर के हमलोग इसको देखते है और आपको समझाते है की ये किस तरह से होता है.
किसी भी microsoft windows में wifi का password देखने से पहले हमें ये कन्फर्म करना होता है की हमारे लैपटॉप या pc wifi से कनेक्ट है या नहीं. अगर कनेक्ट नहीं है तो उसको सबसे पहले wifi से कनेक्ट करे. उसके बाद आगे बढे और अपने लैपटॉप में या pc के टास्क बार में जाये. और वहां wifi icon पर right माउस बटन क्लिक करे. उसके बाद open network and sharing center पर क्लिक करे. जिस तरह से निचे फोटो में दिखाया गया है.
अब उसके बाद आपको न्यू window खुल कर आएगा जैसा फोटो में निचे दिख रहा है. उसमे Change adapter settings पर क्लिक करे.
Change adapter settings पर click करते ही हमें वाईफाई का icon show होगा।अब उस icon पर right mouse button click करके Status option पर जायेंगे। जैसा की picture में दिखाया गया है।
status पर क्लिक करते ही WiFi Status खुल कर सामने आ जायेगा. जहां पर हमें Wireless network connection के बारे में कुछ Basic जानकारी देखने को मिलेगा.जैसा फोटो में दिखाया गया है.
Image of Find WiFi Passwords on Laptop
अब हमें Wireless Properties पर क्लिक करना है जिससे उसका Properties खुल जायेगा। जैसा की picture में दिखाया गया है।
Image of Find WiFi Passwords on Laptop
इस properties वाले window में security tab पर क्लिक करना है. जिसके बाद हमें Network security key दिखाई देगा. उसके ठीक निचे में Show characters पर जाकर टिक कर देना है. जैसे ही टिक करेंगे उपर के बॉक्स में wifi का password दिखने लगेगा. जिससे आपका pc या लैपटॉप कनेक्ट हुआ होगा.
और ये present में जुड़ा हुआ wifi password होता है. अगर आपको पहले से जुड़े हुए wifi के password चाहिए तो वो भी हम देख सकते है. और window 8 या 10 का password देखने के लिए आपको command prompt का use करना होगा. जो थोडा हार्ड process है. आप पढ़ रहे है How to Find WiFi Passwords on Laptop.
अब अगर पहले से कनेक्टेड wifi का password देखना है तो उसके लिए Control Panel->Network and Sharing Center->Manage wireless networks पर जाये. जैसा की picture में दिखाया गया है।
Image of Find WiFi Passwords on Laptop
अब सभी वायरलेस नेटवर्क की लिस्ट दिखेंगे जिनसे कंप्यूटर पहले कभी भी कनेक्ट हुआ होगा. अब इनमे से जिसका भी password देखना है उस पर जाकर डबल क्लिक करे. Best laptop Buying guide के बारे में जानिए?
डबल क्लिक करते ही Wireless Network Properties ओपन होगा. उसके बाद Security पर क्लिक करे और Show characters पर टिक करे. टिक करते ही password दिखने लगेगा.
Windows 8 या 10 में अगर wifi password जानना है तो उसके लिए हमें command prompt में जाना होगा. window+R बटन प्रेस करे और उसमे CMD लिख कर इंटर करे. इससे हमलोग command prompt में चले जायेंगे. फिर उसमे निम्न command टाइप करेंगे:
जैसा फोटो में निचे दिखाया गया है.
netsh wlan show profiles
इसमें all user profile के लिस्ट मिलेंगे। जैसे की हमारे pc में वाईफाई नेटवर्क का नाम दाईं ओर VFTJM के नाम से दिख रहा है। मेरे PC में केवल एक वाईफाई नेटवर्क दिख रहा है। अब उस wifi प्रोफ़ाइल के पासवर्ड देखने के लिए, निचे दिए गए निम्न command टाइप करें:
netsh wlan show profile name=profilename key=clear
command टाइप करने के बाद profilename के जगह अपने wifi(VFTJM) का नाम लिख दे और enter करे.
image of How to Find WiFi Passwords on Laptop
इस तरह security settings में जाये जहा पर Key Content दिख रहा होगा. जो उस laptop या computer का वाईफाई password है। इस तरह हम किसी भी laptop या computer का वाईफाई password बड़ी ही आसानी से देख सकते है।
CONCLUSION
तो दोस्तों इस ब्लॉग में आपने सिखा की How to Find WiFi Passwords on Laptop. किस तरह से हम अपने pc या लैपटॉप का wifi password जान सकते है. अगर एक बार भी लैपटॉप wifi से कनेक्ट हो जाता है तो हम उसका wifi password इस step को follow कर के बड़े ही आसानी से जान सकते है.
दोस्तों! आपलोग को ये ब्लॉग अच्छा लगा होगा तो कृपया कमेंट करे, और अगर कुछ कमी हो तो उसे भी बताये। इससे Related और कोई प्रश्न है तो हमसे पूछ सकते है. मैं उसका Answer जरूर दूंगा जिससे आपलोग उसके बारे में और गहराई तक जान सके। आप को Tech से Related जो भी Questions है.
आप पूछ सकते है या अपने बातो को हमारे Blog के जरिये शेयर कर सकते है।
Cheap web hosting in India के बारे में आज मै आपलोग को बताने वाला हूँ। आजकल online का जमाना है। सभी लोग चाहते है की उनका online presence बना रहे। ऐसे में लोग अपने इनफार्मेशन को शेयर करने के लिए ब्लॉगबना रहे है। जिसके जरिये वो अपनी इनफार्मेशन दुसरे लोगो तक पंहुचा रहे है।
जिससे काफी मदद मिलती है। या कहे तो कोई business भी करता है तो वो एक वेबसाइट बनवाता है। जिससे उसके business के सारे जानकारी सामने वाले को मिल सके।
तो ऐसे में एक ब्लॉग या वेबसाइट बनाने के लिए हमें web hosting की जरुरत पड़ती है। जहा हमारे सारी जानकारी save होती है। और जब लोग search करते है तो उनको इसी hosting के जरिये सारी इनफार्मेशन मिल पाती है। web hosting काफी costly मिलते है।
अगर आप beginner है तो आपको Cheap web hosting in India के बारे में जानकारी होना जरुरी है। जिससे आप कम पैसों में अच्छी web hosting ले सके।
7 BEST CHEAP WEB HOSTING IN INDIA | CHEAP PRICE WEB HOSTING के बारे में जाने
जो लोग blogger होंगे उनको ये जानकारी होगा की web hosting क्या है? और इसका use कैसे करते है? ऐसे में काफी लोग free web hosting के बारे में सोचने लगते है। ये भी सही है लेकिन काफी लिमिटेड feature के साथ आपको काम करना पड़ जाता है।
इससे अच्छा है आपलोग कम दाम में web hosting लीजिये। जो की आजकल online available है। इससे आपको maximum feature मिलेंगे। जिससे आप अपने साईट को अच्छे से ग्रो करवा पाइयेगा। आज मै 7 best Cheap web hosting in India के बारे में बताऊंगा। जिसका use कर के आप एक अच्छी ब्लॉग या साईट बना सकते है। तो आइये आगे बढ़ते है और देखते है कम दाम में web hosting कहा से लेंगे।
CHEAP WEB HOSTING IN INDIA | कम दाम में WEB HOSTING कहा से ले जानिए
जब हमारा budget कम होता है तो ऐसे में high budget web hosting खरीदना थोडा मुश्किल हो जाता है। तो अब घबराने की जरुरत नहीं है। मै आज आपलोग को काफी कम price में use होने वाला cheap web hosting in India के बारे में बताने वाला हूँ। जिसका use कर के आप अपने काम कर सकते है। Best Free Web Hosting के बारे में जाने?
BEST CHEAPEST WEB HOSTING जिसके बारे में बताऊंगा वो निम्नलिखित है:
इस web hosting का use India में काफी किया जाता है। इसका शुरुआती प्लान 79/- per month से शुरू होता है। जो की समय के साथ साथ बदलते रहता है। इसको हमलोग ब्लॉग, पर्सनल वेबसाइट या छोटे business के लिए use कर सकते है। ये ऑफर में और भी cheap price में मिल सकता है।
Hostinger में तिन तरह का प्लान होता है।
पहला है single web hosting जिसमे सिर्फ 1 वेबसाइट को host किया जा सकता है। इसी का price है Rs.79/- per month.
दूसरा है Premium web hosting जिसमे हम 100 वेबसाइट को host कर सकते है। जिसका price है Rs.179/- per month.
तीसरा है Business web hosting इसमें भी हमलोग 100 वेबसाइट को एक साथ host कर सकते है। इसका price है Rs.279/- per month. ये थोडा costly होता है।
अगर आपको एकदम बेसिक वेबसाइट बनाना है तो फिर आपलोग single web hosting के लिए जा सकते है। क्योकि ये ही काफी सस्ता प्लान है जिसका use कर के आप अपनी एक अच्छी वेबसाइट बना सकते है। तो इस तरह से ये Cheap web hosting in India की hosting है।
इस hosting की क्या बात बताऊ। काफी अच्छा web hosting है ये मुझे पर्सनली अच्छा लगता है। क्योकि ये मेरा ब्लॉग इसी web hosting पर चल रहा है। मै Hostingraja का प्लान use कर रहा हूँ। इसमें काफी अच्छा speed और सपोर्ट मिल जाता है। कस्टमर सपोर्ट की तो क्या कहना है। काफी fast support है इनका। ये web hosting इंडियन है।
इसको use कर के भी आपलोग अपना शुरुआत एक अच्छी ब्लॉग या वेबसाइट से कर सकते है। आपको cheap price में बहुत कुछ मिल जाता है। इसका प्लान Rs.85/- per month से स्टार्ट हो जाता है। और इसमें आप एक साथ 3 वेबसाइट का host कर सकते है। साथ ही SSL security के साथ। और भी काफी कुछ feature मिल जाता है। जिसको आप निचे दिए फोटो में देख सकते है।
3. BLUEHOST
ये भी वेबसाइट के लिए एक अच्छी hosting में से एक है। क्योकि इसका भी use India में काफी किया जाता है। ये Cheap web hosting in India में से एक hosting provider है। जोकि काफी famous है। काफी सारे ब्लॉग लिखने वाले professional इस hosting का use करते है।
इसका एक खासियत ये है की जब हम hosting लेते है तो इसके साथ एक फ्री डोमेन name भी मिल जाता है। ये आपलोग को ऑफर के साथ काफी cheap price में मिल जाता है। इसमें अगर आपको cheap price में hosting लेना है तो आपलोग कम से कम 36 month का प्लान चुनिए। जिससे आपलोग को काफी डिस्काउंट मिलेगा और cheap price में hosting use कर पाइयेगा।
4. HOSTGATOR
hostgator और bluehost में अगर दोनों को compare करे तो दोनों लगभग same ही है। क्योकि ये दोनों का परफॉरमेंस एक जैसा ही पाया जाता है। जिस वजह से ये दोनों का use काफी होता है। ये दोनों का use India से बाहर भी काफी किया जाता है।
आप जब भी कोई hosting ले तो पहले कोई high amount का hosting नहीं लेनी चाहिए। पहले हमें low budget hosting के लिए जाना चाहिए। हो सके तो आपलोग एक महीने का प्लान ले। जिससे आपको इसका परफॉरमेंस के बारे में पता चलेगा। उसके बाद इसको अपग्रेड करने के बारे में सोच सकते है।
अगर उपर के दो web hosting की बात करे तो उनसे ये थोड़े costly पड़ते है। अगर ब्लॉग्गिंग की शुरुआत कर रहे हो तो शुरू में shared hosting को choose करे। क्योकि ये बाकी सब से काफी सस्ता होता है।
HostGator को मैं पर्सनली भी अपनी दूसरी वेबसाइट पर use कर रहा हूँ। काफी सस्ती और अच्छी वेब होस्टिंग में से एक है। इसको मै आपलोग को recommend कर सकता हूँ लेने के लिए। आपको एक बार जाकर प्लान देखना चाहिए।
इस hosting की खास बात ये है की ये एक हॉस्टल से स्टार्ट हुआ था। आज की समय में इसको 15 लाख से ज्यादा लोग अपने वेबसाइट में hosting के लिए use करते है। इसका uptime काफी अच्छा होता है। कंपनी 100 % uptime देने की कोशिस करती है। जिसमे down होने का chance 0% का होता है।
इसलिए ये थोडा costly मिलता है बाकी सब hosting की तुलना करे तो। इसके कस्टमर काफी खुस होते है क्योकि इसकी service काफी अच्छी होती है। जब भी आप इस hosting को लेने के लिए सोचे तो एक बार internet पर search कर ले। क्योकि हमेशा promocode देता है। जिससे hosting का price थोडा down हो जाता है।
6. HOSTITBRO
इसका नाम शायद आपलोग ने पहली बार सुना होगा। लेकिन ये काफी दिन से use हो रहा है। ये काफी कम price में अच्छी service provide करता है। जिसके वजह से ये ज्यादा use होता है। ये 2019 में शुरू हुआ था। लेकिन इतनी कम समय में अच्छी service, best speed और कस्टमर सपोर्ट के वजह से ये मार्किट में काफी famous हो चूका है।
जिसके वजह से इसके पास अच्छी खासी क्लाइंट्स हो गए है। ये सब अच्छी service के कारण हुआ है। आपलोग इसको try कर सकते है। इसके प्लान को मै निचे फोटो में दिखा रहा हूँ। जिससे आपलोग को compare करने में आसानी होगी।
इसका सबसे अच्छी बात ये है की जब हमलोग renewal करते है तो उस समय एक्स्ट्रा charge नहीं लेता है। बाकी सब hosting में ऐसा नहीं होता है कुछ न कुछ एक्स्ट्रा charge देने ही पड़ते है। इसकी प्रीमियम service भी बाकी सब की तुलना में काफी cheap होती है।
7. GODADDY
Godaddy India में use होने वाला काफी पुरानी web hosting है। और ये India के साथ साथ दुनिया में भी काफी famous हो चूका है। ये best Cheap web hosting in India में काफी use होने वाली hosting है। जिसपर आँख बंद कर के भरोसा किया जा सकता है।
इसमें आपलोग को फ्री hosting भी मिल जायेगा। लेकिन अच्छा है की आप paid वाले में ही जाये। क्योकि इसमें काफी कुछ feature मिल जाते है। यहाँ पर हमलोग hosting के साथ साथ domain भी ले सकते है। मेरा डोमेन यही से लिया हुआ है। इसके different प्लान को आप निचे दिए फोटो में compare कर के खरीद सकते है।
FEATURES OF CHEAP WEB HOSTING IN INDIA | CHEAP WEB HOSTING के सभी FEATURES के बारे में जानिए
Cheap web hosting में कौन कौन से मुख्या feature होते है उसके बारे में जानिए:
UPTIME
एक अच्छे web hosting में उसका मेन feature होता है उसका uptime. यानी की आपके वेबसाइट में कम से कम समय के लिए downtime होना। मतलब जब साईट ओपन करते है तो उस समय कभी कभी साईट respond नहीं करता है। तो ऐसे में जितनी भी अच्छी hosting होती है वो कम से कम downtime होती है।
जिस वजह से उस hosting पर लोग trust करते है और उसको ज्यादा से ज्यादा लोग खरीदते है। क्योकि कोई भी नहीं चाहता है की उसका साईट थोड़े भी समय के लिए down हो। तो उपर के जितने भी hosting बताया गया है वी सब का downtime काफी कम है।
BANDWIDTH
वेबसाइट और विसिटर के बीच होने वाला डाटा ट्रान्सफर के समय को bandwidth बोलते है। साईट की bandwidth जितनी ज्यादा होती है वो उस वेबसाइट के लिए उतने ही अच्छे होते है। क्योकि इसी के वजह से एक समय पर काफी विसिटर एक साथ विजिट कर पाते है।
STORAGE
स्टोरेज वेबसाइट के लिए काफी खास होता है। क्योकि जो कुछ भी डाटा हमलोग साईट पर रखते है वो सब इसी स्टोरेज में जाकर store होते है। अगर आपका वेबसाइट बेसिक 4-5 पेज का है तो फिर कम स्टोरेज में भी काम चल जायेगा।
लेकिन वही अगर वेबसाइट थोडा बड़ी है तो वहां कम स्टोरेज से काम नहीं चलेगा। वहां पर आपको ठीक ठाक स्टोरेज होनी चाहिए। जिससे हम कुछ भी डाटा वेबसाइट पर अपलोड करे तो store करने में कोई प्रॉब्लम नहीं आये।
BACKUP
Backup भी वेबसाइट के लिए काफी जरुरी होता है। जब हमारे वेबसाइट से कुछ डिलीट हो जाता है तो ऐसे में उसको रिकवर होना जरुरी होता है। नहीं तो हमारा important फाइल्स नहीं मिल पाता है। तो backup का feature भी हमें web hosting में मिलती है।
लेकिन ये depend करता है की आपका प्लान किस तरह का है। प्लान के हिसाब से backup feature हमें मिलता है। वैसे backup feature रहेगा तो हमें कुछ भी डिलीट होने पर टेंशन लेने की जरुरत नहीं पड़ती है। कोई भी cheapest web hosting लेते समय ये जरुर compare करे की backup feature दे रहा है या नहीं।
EMAIL
कोई भी cheap web hosting लेने से पहले email का feature जरुर देखे। क्योकि email से आप अपने business email को customize कर सकते है। मतलब आप जिस नाम से चाहे email create कर सकते है। जिससे business का ब्रांडिंग दिखता है। और भी काफी कुछ feature इस email के साथ आते है। जो normal email से हट कर होते है।
CUSTOMER SUPPORT
ये तो सबसे important feature है। क्योकि कोई भी प्रॉब्लम होने से हमलोग कस्टमर केयर को कॉल करते है। जिससे हमारा वेबसाइट फिर से सही से काम करने लगती है। हालाँकि ये feature free web hosting के साथ भी आते है। जिसमे 24/7 सपोर्ट हो उसी को ख़रीदे। जिससे आपके वेबसाइट में कोई भी प्रॉब्लम आने पर कभी भी सपोर्ट लिया जा सकता है।
CONCLUSION
7 best Cheap web hosting in India के बारे में इस ब्लॉग में जाना आपने। इसमें मैंने cheap web hosting के feature के बारे में भी बताया हूँ। जिससे आपलोग को बेस्ट cheap web hosting purchase करने के आसानी होगा।
अगर आपलोग को ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो शेयर जरुर करे। कोई भी बात हो तो हमें कमेंट जरुर करे। जिससे आपके सवालों के जवाब दे सकू। आपलोग इस पोस्ट को सोशल माडिया पर भी ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। जिससे जरूरत मंद लोगो तक ये जानकारी पहुँच सके।
Why Use Computer Network System in Hindi. Hello Friends! कैसे है आपलोग ? सभी को नमस्कार!! TechnoGyan में आप सभी का स्वागत है एक और नए टॉपिक Why Use Computer Network System in Hindi में।
आज हम बात करेंगे Computer Network System के बारे में, की Computer Network क्या होता है? इसका use general life हमलोग किस तरह से करते है। तो आइये आगे देखते है इसके बारे में और जानते है इस technology के में।
COMPUTER NETWORK SYSTEM का इस्तेमाल क्यों होता है ?
कंप्यूटर और अन्य उपकरणों का एक ऐसा समूह जो information और resource को एक जगह से दुसरे जगह share करने के लिए information channels के जरिये एक दुसरे जुड़े हैं। उन्हें कंप्यूटर नेटवर्क कहा जाता है। Resources की बात की जाये तो उसम प्रिंटर, स्कैनर और हार्ड डिस्क आदि आ सकते हैं।
कंप्यूटर नेटवर्क को Information Network भी कहते है। आज के डेट में सबसे ज्यादा popular Information Network कोई है तो वो है इंटरनेट। एक कंप्यूटर नेटवर्क में, दो सबसे महत्वपूर्ण technologies का use किया जाता है। जो की कंप्यूटिंग और दूरसंचार एक साथ काम करते हैं।
COMPUTER NETWORK SYSTEM के कुछ लाभ
Internal Communications
File and Data Sharing
Resource Sharing
Printer sharing
Remote access
Data protection
COMPUTER NETWORK SYSTEM का USE क्यों होता है ?
Why Use Computer Network System in Hindi
INTERNAL COMMUNICATION
कंप्यूटर नेटवर्किंग सभी organizations को Internal communication सिस्टम को बनाए रखने का भी आदेश देता है। Network email को तुरंत सभी users तक पहुंचाया जा सकता है। Voice mail सिस्टम को नेटवर्क के जरिये होस्ट किया जा सकता है।
और उपलब्ध System wide और collaborative scheduling सॉफ़्टवेयर और programme management टूल सभी कर्मचारियों को मीटिंग्स और कार्य गतिविधियों को समन्वित करने का आदेश देता है। जो प्रबंधकों और सहकर्मियों को भी सूचित करते हैं plans और progress की।
FILE AND DATA SHARING
एक समय था जब बहुत सारे फाइल्स को एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर तक ले जाने के लिए फ्लॉपी disk को फिजिकल रूप से ले जाया जाता था। और दुसरे कंप्यूटर में ट्रान्सफर कर किया जाता था। जहाँ आज की बात करे तो ऐसा नहीं है, फाइल्स को नेटवर्क में काफी आसानी से और तुरंत शेयर कर सकते है।
Image of why use computer network system
वो चाहे एक कंप्यूटर हो या एक से ज्यादा कंप्यूटर हो। अब offices में लोग फाइल्स या डाटा को काफी आसानी से send और receive कर सकते है। किसी भी एक्सेल शीट को मॉडिफाई कर सकते है। कहने का मतलब हुआ ये टेक्नोलॉजी आ जाने के वजह से offices का काम काफी और आसानी से होने लगा।
RESOURCE SHARING
Resource sharing में कंप्यूटर का नेटवर्किंग, printer, server, backup सिस्टम और internet connection जैसे network devices को share करने की permission देता है। इन devices को share करके एक साथ सभी नेटवर्क users को स्कैनर, कलर प्रिंटर या हाई-स्पीड कॉपियर जैसे उपकरण available कराए जा सकते हैं। जिससे offices में काम करना और भी काफी आसान हो गया है।
PRINTER SHARING
जब हमलोग कंप्यूटर का use करते है तो हमलोग एक printer भी जरुर use करते ही है। इस network technology के कारण हमें ये बेनिफिट भी मिलता है, जिसके हेल्प से हमलोग कई सारे कंप्यूटर को एक printer से जोड़ सकते है। और इस काम को करने के लिए नेटवर्किंग का तकनीक इस्तेमाल किया जाता है।
इसके कारण हमारा printer सभी कंप्यूटर के साथ शेयर हो जाते है और किसी भी कंप्यूटर से प्रिंट दे सकते है। इसके network में use करने से हमारे बहुत से पैसा बच सकते है। इसका use ज्यादातर offices में होता है।
REMOTE ACCESS
अपने नेटवर्क होने से उत्पादकता के समान स्तर को बनाए रखते हुए अधिक गतिशीलता की अनुमति मिलती है। जब वे कार्यालय में नहीं होते हैं, तो दूरस्थ पहुँच के साथ, उपयोगकर्ता उन्हीं फ़ाइलों, डेटा, और संदेशों तक पहुँचने में सक्षम होते हैं। जिससे हमलोग कही भी बैठ कर आसानी से कोई भी file या folder का access ले सकते है. यह एक्सेस मोबाइल हैंडहेल्ड डिवाइस को भी दिया जा सकता है।
DATA PROTECTION
आपलोग को पता होना चाहिए की कंप्यूटर में डाटा का रेगुलर backup लेना काफी important होता है। इस network के कारण हमारे सारे डाटा को offsite server, CD या अन्य backup सिस्टम पर सेट करना काफी आसान बना देता है।
आपके पास एक नेटवर्क होने के बाद, आप शायद इसके लिए कई अन्य उपयोग पाएंगे। और एक बार जब आप किसी नेटवर्क के लाभ के लिए अभ्यस्त हो जाते हैं, तो आप अपने कंप्यूटर को फिर से कभी नहीं देखेंगे। जब आप अपने कंप्यूटर को नेटवर्क करने के लिए तैयार होते हैं, तो आपके सामने पहली पसंद में से एक कनेक्शन की गति होती है। जिससे की हमारी networking काफी fast हो।
कंप्यूटर नेटवर्क के काफी सारे फायदे है। इसके हेल्प से हम अपने डाटा शेयर कर सकते है। network में printer को जोड़ कर प्रिंट कर सकते है। कही से भी अपने डाटा को access कर सकते है। और भी बहुत कुछ है।
3. Network को simple भाषा में समझाए?
जब दो या दो से अधिक कंप्यूटर आपस में किसी माध्यम से जुड़े होते है। जैसे वायरलेस या वायर्ड माध्यम से। उसके बाद ये अपने डाटा को आपस में exchange करते है। जैसे folder, printer या कोई फाइल्स। इसे ही हम network के नाम से जानते है।
4. Network और Internet में क्या अंतर है?
जैसा की मैंने उपर बताया दो या दो से अधिक कंप्यूटर आपस में interlink होते है उसे network कहा जाता है। जबकि internet दो या दो से अधिक network के जुड़ने से बनता है।
local area network (LAN) में दो या दो से अधिक computers आपस में एक ही बिल्डिंग में कनेक्टेड होते है। जबकि WAN में बहुत सारे LAN के मिलने से बनता है। और WAN काफी बड़ी network को कहा जाता है। जैसे की पूरी कंट्री में कनेक्टेड network इसका example है।
7. दुनिया में सबसे बड़ा WAN network का example बताइए?
Internet
8. कौन सा नेटवर्क टोपोलॉजी का use सबसे ज्यादा होता है?
Star Topology
9. LAN वायरलेस की तरह हो सकता है?
जी हा वायरलेस network को भी हम LAN की तरह ही use करते है।
10. कंप्यूटर में network card क्या होता है?
NIC(Network interface card) को हम network card के नाम से जानते है। ये कंप्यूटर का एक hardware part होता है। जिसमे network cable को लगा कर internet use करते है। इसको Ethernet port के नाम से भी जाना जाता है। ये card डायरेक्ट कंप्यूटर के motherboard से कनेक्टेड होते है।
CONCLUSION
इस ब्लॉग में आपने पढ़ा की Why Use Computer Network System. किस तरह से हमारे लाइफ में कंप्यूटर नेटवर्किंग का importance है। जिसके हेल्प से हमलोग काफी वर्क को और आसान बना सकते है। जैसे backup लेना हुआ या printer को शेयर करना हुआ या pc to pc नेटवर्किंग हुआ।
दोस्तों आपलोगो को ये ब्लॉग कैसा लगा अगर अच्छा लगा तो कृपया कमेंट करे और। अगर कुछ कमी हो तो उसको भी बताये। इससे Related और कोई प्रश्न है तो हमें बताये मैं उसका Answer जरूर दूंगा जिससे आपलोग उसके बारे में गहराई तक जान सके।
आप को Tech से Related जो भी Questions है आप मुझसे पूछ सकते है या अपने बातो को हमारे ब्लॉग के जरिये शेयर कर सकते है। तो कृपया कमेंट जरुर करे या mail करे।
What is UPS in hindi. हेल्लो दोस्तों कैसे है आपलोग? आज हमलोग computer के power backup UPS बारे में बात करेंगे। जिसमे हमलोग जानेंगे की एक UPS क्या होता है। कैसे काम करता है। इसका use क्यों किया जाता है इत्यादी। offline और onlineयूपीएस क्या होता है। जिससे सभी तक ये information पहुँच सके। और सबलोग aware हो पाए काफी आसानी से। what is UPS in hindi.
WHAT IS UPS IN HINDI – UPS क्या है?
यूपीएस का full form होता है Uninterruptible Power Supply. जब हमलोग computer खरीदते तो एक computer लेने के बाद अंत में एक यूपीएस भी लेते है। जिससे हमारे computer को power backup मिल पाए। अब आप सोचते होंगे की बिना UPS आखिर computer ख़राब कैसे हो जाता है। तो आइये इसके बारे समझते है।
हमलोग घर में जितने भी appliances use करते है जो बिजली से चालित है, उसमे से maximum उपकरण के लिए किसी भी तरह की UPS की जरुरत नहीं होती है। कहा जाये तो light कटने पर उस device पर किसी तरह का कोई effect नही पड़ता। और वो उपकरण सुरक्षित रहता है. what is UPS in hindi.
Image of what is UPS in hindi
लेकिन computer ऐसी device है जिसमे बिजली कटने पर वो ख़राब हो सकता है। इसके ख़राब होने के पीछे कारण ये है की वो proper तरह से shutdown नहीं हो पाता। इसीलिए कभी भी कहा जाता है की computer use करने के बाद उसको proper तरीके से shutdown करे।
proper shutdown न होने से क्या क्या problem आ सकती है। सबसे पहले तो हमारे computer के पूरा डाटा damage हो सकता है, या corrupt हो सकता है। अचानक से light चली गयी तो, हमारी पूरी मेहनत बर्बाद हो सकती है। अगर उस file को save न किया गया हो तो। और तीसरा है उस computer के हार्ड डिस्क के damage होने के chances बढ़ जाते है।
UPS का बेसिक मतलब है, Uninterruptible Power Supply. मतलब बिना किसी बाधा के light का supply continue होना। अगर आपके एरिया में लगातार कुछ समय पर बिजली कटती है. तो वहा के लिए और भी ज्यादा important हो जाता है हमारा यूपीएस। क्योकि बार बार कटने से computer के ख़राब होने के chances बढ़ जाते है। और आपके डाटा lose भी हो सकते है।
जिससे हमें उस कंप्यूटर की रिपेयरिंग करना पड़ जाती है। जिसमे आपके फालतू के पैसे बर्बाद होते है। उसमे ज्यादातर हार्ड डिस्क ड्राइवऔर power supply के ख़राब होने के chance रहता है।
एक UPS के अंदर में बेसिक चार parts लगे होते है। जो निम्नलिखित है :-
Battery
Inverter
Battery charger or Rectifier
Static switch or contactor
BATTERY
UPS के अंदर सबसे important part है बैटरी। जो बिजली कटने पर power backup देती है, जिससे हमारा computer कुछ समय के लिए चल पाता है। और उसको हमलोग proper तरीके से shutdown कर पाते है। इसी बैटरी में charge store होता है तो computer चल पाता है।
inverter का बेसिक काम होता है हमारे बैटरी के DC power को AC में कन्वर्ट करके पहुचाना। inverter rectifier के उल्टा होता है। ये DC के constant frequency और amplitude को AC में बदलने का काम करता है।
RECTIFIER
आप सबलोग बेसिक जानते होंगे की एक rectifier का काम क्या होता है। इसका main काम होता है AC को DC में बदलने का। जिसको को UPS के अंदर battery को charge करने के लिए use किया जाता है।
STATIC SWITCH
यूपीएस के power transfer करने के लिए एक static switch की जरुरत होती है। जिसमे की power का operation बहुत ही fast तरीके से होता है। जो की approx 10 मिलिसेकंड के होता है। यही कारण है की हमारा computer बिजली कटने पर भी UPS से चल जाता है। और अगर computer को inverter से चलाया जाये तो बिजली कटने पर बंद हो जाता है। क्योकि उसमे UPS जितना fast switching नहीं हो पाती है।
UPS और INVERTER में अंतर
यूपीएस का use केवल computer में किया जा सकता है। इसका use हमलोग घर में power supply के लिए कर सकते है, जबकी inverter का use पुरे घर में supply के लिए कर सकते है।
जब power cut होती है तो UPS का backup काफी तेजी के साथ use किया जाता है। जो मिलिसेकंड में काम करता है, और यही कारण है की इसका use computer में किया जाता है। और इनवर्टर में power cut होने के बाद कुछ माइक्रोसैकेण्ड लग जाता है power on होने में। जिस कारण इसका use computer में नहीं कर सकते है। और हमारा computer बंद हो जाता है बिजली जाने के बाद।
बैकअप की बात की जाये तो यूपीएस का बैकअप मात्र 15 से 20 मिनट का होता है। वही inverter का बैकअप 8 से 10 घंटे का हो सकता है।
अगर बात किया जाये maintenance की तो यूपीएस का maintenance उतना नहीं होता है। यूपीएस में बैटरी को एक टाइम अन्तराल में बदल देना होता है। वही inverter में उसका बैटरी 3 से 4 साल में बदलना होता है, और साथ ही time to time उसमे पानी बदलना होता है।
अब अगर प्राइस की बात की जाये तो, एक यूपीएस का प्राइस 2000 से 3000 तक होता है। वही inverter को लगाने में 10000 से 20000 का खर्च करना पड़ता है। लेकिन अब inverter भी यूपीएस mode वाले आने लगे है, जिसका use computer में कर सकते है।
OFFLINE और ONLINE UPS
हमारे घरो में जो computer use होता है उसमे जो यूपीएस इस्तेमाल किया जाता है। उस यूपीएस को online ups या Line Interactive UPS कहा जाता है। इस तरह के यूपीएस में बैटरी अंदर में लगे होते है।
घर में use होने वाला यूपीएस size में छोटा होता है, लेकिन बहुत सारे ऐसे भी online ups होते है जिनका size काफी बड़ा होता है। जिनके अंदर बहुत सारी बैटरी लगी होती है। इस तरह के यूपीएस का इस्तेमाल बड़े बड़े offices में किया जाता है। जहा एक साथ बहुत सारे computer का इस्तेमाल हो।
और offline ups के बैटरी यूपीएस से बाहर लगी होती है। जैसे हमारे घर में जो inverter use होता है, उसको offline ups कह सकते है। इसका एक ही कमी है जो की बिजली कटने में दिखती है। वो है बैकअप response time जो की online ups के तुलना में कम होता है।
UPS से रिलेटेड FAQs
1. UPS का full form
Uninterruptible Power Supply
2. UPS कितने प्रकार के होते है?
तिन प्रकार के होते है :
Standby UPS
Line Interactive UPS
Standby Online Hybrid UPS
3. यूपीएस कम बैकअप क्यों देता है?
अगर कंप्यूटर की बात करे तो हमलोग यूपीएस पर ही काफी देर कंप्यूटर को चला देते है। जिससे आने वाले समय में यूपीएस का बैकअप घट जाता है। यूपीएस सिर्फ तब के लिए use करते है जब लाइट कट जाये तो हम अपने कंप्यूटर को अच्छे से shut down कर सके।
इन्वर्टर यूपीएस की बात करे तो उसमे हमलोग समय के साथ distill water नहीं बदलते है। जिससे यूपीएस सही से backup नहीं दे पाता है।
4. यूपीएस का मतलब क्या होता है?
यूपीएस का मतलब हुआ हमारे कंप्यूटर को कंटिन्यू power supply करना। जब अचानक से लाइट कट जाती है तो यूपीएस हमें backup देता है। जिससे हमारा कंप्यूटर जल्दी ख़राब नहीं होता है।
CONCLUSION
What is UPS in hindi इस ब्लॉग में आपने सिखा की यूपीएस क्या होता है? ये किस तरह से काम करता है? और कितने तरह के मार्केट में मिलता है? मुझे लगता है आपलोग को सारे डाउट यूपीएस से रिलेटेड क्लियर हो गए होंगे। अगर कुछ भी समझ न आये तो हमें कांटेक्ट जरुर करे। हमें आपकी मदद करने में ख़ुशी मिलेगी।
दोस्तों आज का ये ब्लॉग कैसा लगा मुझे जरुर बताये। जिससे मैं अपने ब्लॉग में और improvement ला सकू और बेहतर बना सकू। जिससे आपलोग और आसानी से समझ सके। मुझे comment कर के जरुर बताये। या फिर हमें mail भी कर सकते है। और अगर अच्छा लगे तो कृपया अपने दोस्तों के साथ share करना न भूले। जिससे ये useful इनफार्मेशन सभी तक पहुँच सके।
Why use Ferrite choke or Ferrite Bead in laptop Charger in Hindi. हेलो दोस्तों Techno Gyan में आपका स्वागत है आज हम आपको बताएँगे की Ferrite choke or Ferrite Bead क्या होता है। हम आपको इसके बारे में काफी आसान तरीके में बताएँगे। जिसमे मुझे यकीन है की आपको हमारी यह नयी पोस्ट पसंद आयेगी।
अगर आप Laptop या Mobile charger use करते होंगे तो आपने एक चीज शायद ध्यान दिया होगा की charger के wire में एक cylinder नुमा लगा चीज होता है। जिसको हमलोग Ferrite choke or Ferrite Bead कहते है।
Image of Ferrite choke or Ferrite Bead in laptop Charger
एक Ferrite Bead high frequency को खत्म करता है और इसे Laptop या mobile के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में प्रवेश करने से दूर करता है। क्योंकि अधिकांश बिजली सर्किट बिजली आपूर्ति पिन पर शोर होने पर प्रदर्शन में गिरावट का सामना करते हैं।
इसके अलावा यह Laptop के अंदर उत्पन्न उच्च आवृत्ति संकेतों के संचालन को रोकता है। जो अन्य उपकरणों के लिए विद्युत चुम्बकीय को काफी कम करता है। Ferrite Bead Inductor हैं जिसके परिणामस्वरूप high frequency संकेतों के लिए उच्च प्रतिबाधा होती है।
Ferrite Bead, EMI Filter मिश्रित लौह ऑक्साइड (जंग) से बना अर्द्ध चुंबकीय पदार्थ होता है। यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयोग किया जाता है कि तार अनजाने में रेडियो में परिवर्तित तो नहीं होता है। कोई भी लंबा तार प्रभावी रूप से एंटीना है। इसका मतलब है कि इसमें रेडियो तरंगों को Transmit करने और Receive करने की क्षमता है। यह दो कारणों से खराब हो सकता है:
UNKNOWN TRANSMITTER
तार से जुड़े डिवाइस स्रोत तार के विद्युत प्रवाह में भिन्नता का कारण बन सकता है। ये भिन्नता तारों को रेडियो तरंगों को प्रसारित करने का reason बन सकती हैं और ये तरंगें नजदीकी उपकरणों में हस्तक्षेप कर सकती हैं।
UNKNOWN RECEIVER
इसके विपरीत, पास के डिवाइस रेडियो सिग्नल उत्पन्न करते हैं जो तार द्वारा उत्पन्न किये जाते हैं। ये सिग्नल तार में विद्युतीय प्रवाह को बदल सकते हैं जो बदले में जुड़े उपकरणों से हस्तक्षेप कर सकता है।
Ferrite Bead एक प्रेरक के रूप में काम करता है जिसका इस्तेमाल तार पर कम-पास Filter बनाने के लिए किया जाता है। Filter प्रभावी रूप से तार पर high frequency को खत्म करता है और इस प्रकार इसे रेडियो तरंगों को Transmit / Receive करने से रोकता है।
अगर चार्जर में ये ferrite choke or ferrite bead नहीं लगाये जाये तो क्या होगा?
किसी भी लैपटॉप या मोबाइल के चार्जर में अगर ferrite bead नहीं लगेगा तो. ये कोई भी बाहर का फ्रीक्वेंसी को कैप्चर कर लेगा। क्योकि जब हम चार्जर को power से कनेक्ट कर use करते है उस समय चार्जर का केबल एक सिग्नल के तरह काम कर रहा होता है।
जब फालतू का फ्रीक्वेंसी आपके चार्जर के जरिये आपके किसी भी device में आ जायेगा। तो उससे आपके device में प्रॉब्लम आ सकती है। ऐसा प्रॉब्लम नहीं आये इसी के लिए इस ferrite bead का use किया जाता है. जिससे आपके device ख़राब नहीं हो पाए।
इस ब्लॉग आपने सिखा Why use Ferrite choke or Ferrite Bead in laptop Charger. की कैसे लैपटॉप के चार्जर में इसका use किया जाता है।
दोस्तों मैं आशा करता हु मेरा ये ब्लॉग अच्छा लगा होगा अगर अच्छा लगा तो कृपया हमें कमेंट करे और। अगर कुछ कमी हो तो उसको भी बताये। इससे Related और कोई प्रश्न है तो हमें बताये मैं उसका Answer जरूर दूंगा जिससे आपलोग उसके बारे में गहराई तक जान सके।
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Hello Friends ! नमस्कार, आज हमलोग बात करेंगे कंप्यूटर के स्पीड के बारे में की How to speed up computer in hindi. कैसे इसमें स्पीड को हमेशा बनाये रखे. जिससे हमारा कंप्यूटर अच्छा performance दे सके. तो दोस्तों आज के इस टॉपिक में हम कुछ tips को follow करेंगे. जिससे अपने कंप्यूटर के स्पीड को बढ़ा सकते है. तो चलिए आगे बढ़ते है और देखते है की How to speed up computer in hindi.
अगर हमें अपने कंप्यूटर का स्पीड अच्छा चाहिए. तो उसके लिए हमलोग कुछ निम्न टिप्स का इस्तेमाल करके अपने कंप्यूटर का स्पीड को बढ़ा सकते हैं.
HOW TO SPEED UP COMPUTER OR LAPTOP – COMPUTER के SPEED को कैसे बढ़ाएं?
विंडोज परफॉरमेंस ट्रबलशूट
विंडोज 7 में एक ऐसा फीचर है जो हमारे विंडोज की सभी problems को अपने आप ठीक कर सकता है जिसका नाम है Performance Troubleshoot. इस सेटिंग को खोलने के लिए हम कुछ step को follow कर सकते हैं :-
यहॉ system and security दिखाई देगा उस पर क्लिक करे।
अब यहॉ check for performance issues पर क्लिक करे।
यहॉ हमें हमारे कंप्यूटर की सारी समस्यायें दिखाई देगी। फिर एक-एक करके उन पर क्लिक करेंगे और प्रॉब्लम को ठीक करते जायेंगे।
फालतू के SOFTWAREको COMPUTERसे हटा दे
अकसर हम क्या करते है की बेकार के software जिसका इस्तेमाल हम शायद कभी नहीं कर पाते है उसको भी बेवजह computer में install कर के रखते है जिससे हमारा computer slow काम करने लगता है. तो अगर आपके computer में ऐसे software पड़े हुए है तो उसको अपने computer से हटा दे या uninstall कर दे. uninstall करने के निम्न step को follow करे :-
स्टार्ट बटन पर क्लिक कर control panel में जाये। अब programe and features को open करे।
यहॉ सभी सॉफ्टवेयर की List आ जायेगी। अब जिस भी सॉफ्टवेयर को uninstall करना है उसे mouse से select कर ले।
प्रोग्राम को select करने के बाद uninstall/Change बटन पर जाये और uninstall/Change बटन पर क्लिक करे।
क्लिक करने के बाद uninstall की process शुरू हो जायेगी, और कुछ ही समय में प्रोग्राम uninstall हो जायेगा।
DEFRAGMENT का इस्तेमाल करें
Image of How to Speed Up Computer in Hindi
Defragment का इस्तेमाल कर के हार्डडिस्क को organize करें, यह हमारी हार्डडिस्क में पडी सभी unorganize फाइलों को organize कर देता है, इसके लिये किसी भी हार्डडिस्क के किसी भी पार्टीशियन पर माउस से राइट क्लिक करे >फिर Properties पर click करे > Tool पर click करे > Defragment now पर क्लिक करे, इस तरह defragmentation का process शुरु हो जायेगा इसको पूरा होने में कुछ समय लगता है.
अपने कम्प्यूटर से टैम्परेरी फाइलों को डिलीट कर दे, इसके लिये ड्राइव C open करे > Windows फोल्डर को open करे और उसमे Temp वाला folder को search करके उसके सारे file को delete कर दे। इससे कम्प्यूटर में बेकार सभी temporary files डिलीट हो जाती है और हमारे हार्डडिस्क में स्पेस भी मिलता है। जिससे हमारा computer काफी fast काम करने लगता है.
SPEED UP COMPUTER USING ANTIVIRUS
वायरस भी कंप्यूटर की स्पीड को काफी slow कर देते हैं, इसलिये कंप्यूटर में एक अच्छा antivirus का होना जरुरी है लेकिन बहुत से लोग कम्प्यूटर में वायरस से बचने के लिये एक साथ 2-3 या उससे भी ज्यादा antivirus install कर लेते हैं, जिससे उनके कंप्यूटर की स्पीड बहुत ज्यादा slow हो जाती है, ध्यान दे की एक बार में केवल एक ही antivirus का उपयोग करें। ये भी एक बहुत बड़ा कारण है computer slow करने का.
हमारा हार्ड डिस्क में bad sector के वजह से भी computer काफी slow काम करने लगते है, तो इसके लिए अपने कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क को कुछ कुछ दिन में bad sector के लिए स्कैन करते रहे जिससे कम्प्यूटर की स्पीड बनी रहेगी.
Bad sector scan करने के लिए इस step को follow करेंगे :-
हार्डडिस्क के किसी भी पार्टीशियन पर माउस से राइट क्लिक करे >फिर Properties पर click करे > Tool पर click करे > check now पर क्लिक करे >scan for and attempt….. check box पर click करे और start button पर click कर दे. इस तरह bad sector scan होना शुरु हो जायेगा जिसमे कुछ टाइम लग सकता है. इस तरह भी हमारे कम्प्यूटर के स्पीड काफी अच्छा हो जाता है.
CONCLUSION
इस पोस्ट में आपने सिखा की How to speed up computer. किस तरह से हमलोग अपने PC या लैपटॉप के speed को काफी आसानी से बढ़ा सकते है.और कंप्यूटर को speed के साथ use कर सकते है.
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